सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

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बेहतर ब्लॉगिंग अनुभव देने के लिए सुझाव-फीडबैक

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बेहतर ब्लॉगिंग अनुभव देने के लिए सुझाव-फीडबैक
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हिंदी ब्लॉगिंग की दुनियां में ” जागरण जंक्शन ” की एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है.जागरण जंक्शन के अभिनव प्रयोगों और उसके सभी सम्मानित सदस्यों के अथक परिश्रम व योगदान से “जागरण जंक्शन ” आज सफलता की बुलंदियों पर है.जागरण जंक्शन ने पुरानी पीढ़ी के स्थापित लेखकों सहित नई पीढ़ी के उदीयमान लेखकों को भी हिंदी ब्लॉग के संसार में एक विशेष पहचान दी है.पुराने सम्मानित लेखकों का पूरा सम्मान करने के साथ ही नए प्रतिभाशाली लेखकों का स्वागत करना भी जरुरी है.क्योंकि इस मंच पर समय के साथ-साथ बदलाव आता ही रहेगा.ये एक सांसारिक सच्चाई है और इसे हमें चाहें या न चाहें,परन्तु स्वीकार करना पड़ेगी.मुझे साहिर लुधियानवी साहब के एक मशहूर गीत की कुछ पंक्तियाँ याद आ रही हैं-
मुझसे पहले कितने शायर
आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए
कुछ नग़मे गाकर चले गए
कल और आएंगे नग़मों की
खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले
तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे
क्यूँ कोई मुझको याद करे
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये
क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे

पाठकों को और बेहतर ब्लॉगिंग अनुभव देने के लिए मैं आदरणीय जागरण जंक्शन परिवार को कुछ सुझाव देना चाहता हूँ,जिसे मैं उन्हें सादर समर्पित कर रहा हूँ.मुझे विश्वास है कि वो मेरे सुझावों पर जरुर विचार करेंगे और इन सुझावों पर विचार व प्रयोग करके सम्मानित ब्लॉगरों को ब्लॉगिंग का और बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे.मेरी शिकायतें और सुझाव निम्नलिखित हैं-
१=फ़ीचर्ड रीडर ब्लॉग पोर्टल से सम्बंधित शिकायत और सुझाव-
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यहाँ पर ब्लॉगरों की रचनाओं को फीचर करके आप नवीनतम ब्लॉग के रूप में दिखाते हैं.यहाँ से ब्लॉगर के नए पोस्ट किये हुए ब्लॉग की जानकारी मिलती है.ज्यादातर पाठक फीचर रचनाओ को ही पढ़ते हैं.प्रतिदिन अनगिनत रचनाएं लोग पोस्ट करतें हैं,इसीलिए फीचर रीडर ब्लॉग पोर्टल भी प्रतिदिन बदला चाहिए ताकि नवीनतम रचनाओं की जानकारी मिल सके.परन्तु ऐसा होता नहीं है.अक्सर तीन चार दिन तक इसमें कोई नया बदलाव नहीं होता है.कई ब्लॉगरों की बहुत सी रचनाएं फीचर नहीं होती हैं और कुछ ब्लॉगरों की हर रचना फीचर होती है.जागरण जंक्शन पर ये सबसे बड़ी समस्या है,कृपया इस ओर ध्यान दीजिये और ऐसी सुव्यवस्थित व्यवस्था कीजिये कि फीचर ब्लॉग प्रतिदिन बदले ओर सभी ब्लॉगरों कि रचनाओं को यहांपर महत्व मिले.
२=आज के टॉप हिंदी ब्लॉग्स से सम्बंधित शिकायत और सुझाव-
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इसमें भी प्रतिदिन बदलाव होना चाहिए पर रोज ऐसा नहीं होता है.अक्सर कई दिनतक पुराने ब्लॉग्स ही दिखाई देते हैं.मेरा आपलोगों से निवेदन है कि इसमें चुने हुए ब्लॉग्स प्रतिदिन जरुर बदलें जाएँ ताकि ये अपने नाम को सार्थक कर सके.
३=जागरण जंक्शन,आपकी आवाज,आपका ब्लॉग से सम्बंधित शिकायत और सुझाव-
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सम्मानित हिंदी दैनिक जागरण अख़बार के सम्पादकीय पेज पर आप प्रतिदिन जागरण जंक्शन के दो ब्लॉगों के कुछ अंश प्रकाशित करते हैं.ये ब्लॉगरों के लिए बहुत सम्मान की बात है जो की उन्हें प्रिंट मिडिया में भी एक विशेष पहचान स्थापित करने में मदद कर सकती है.ये प्रयोग तो अच्छा है,परन्तु इस समय ये अपूर्ण है.इसमें लेख और कविता के सम्पादित अंश दिए जाते हैं,परन्तु लघुकथा,कहानी और संस्मरण के सम्पादित अंश नहीं छपते हैं.आपसे निवेदन है कि पूरे देश में सम्मानित हिंदी दैनिक जागरण अख़बार में एक पेज जागरण जंक्शन के लिए दिया जाएँ,जिसमे चुने हुए लेख,कविता,लघुकथा,कहानी और संस्मरण को पूरा प्रकाशित किया जा सके.ऐसा करने से ब्लॉगरों का उत्साह अच्छा लिखने के लिए और बढ़ेगा.इससे जागरण जंक्शन और दैनिक जागरण अख़बार दोनों की लोकप्रियता और बढ़ेगी.अख़बार में प्रकाशित होने वाले ब्लॉग पर समुचित पारिश्रमिक ब्लॉगर को देने पर भी आप विचार कर सकते हैं.
४=प्रतियोगिताओं के परिणाम में पारदर्शिता लाने के लिए सुझाव-
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जागरण जंक्शन पर समय समय पर कई तरह की प्रत्योगिताएं संचालित होती रहती हैं,जिसमे ब्लॉगर बड़े उत्साह से भाग लेते हैं.परिणाम घोषित होने के बाद कुछ ब्लॉगर अपारदर्शिता और भेदभाव का आरोप लगाते हैं.इससे प्रतियोगिता के परिणामों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है.इसका समाधान यही कि प्रतियोगिता के नियमों का पूरी तरह से पालन करते हुए हिंदी साहित्य के विशेषज्ञों से रचनाएं जंचवाएं और परिणाम घोषित करते समय विजेता सूची में चुनी गई हर रचना की विशेषता बताई जाये.यदि प्रतियोगिता के परिणाम के साथ विजेता ब्लागरों का संक्षिप्त साहित्यिक जीवन परिचय भी दिया जाये तो अच्छा है.
५=यूजर नेम के साथ यूजर की फोटो लगाया जाना अनिवार्य करने का सुझाव-
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हर ब्लॉगर के यूजर नाम के साथ उसका फोटो लगा होना आप अनिवार्य कर दें.इससे कई फायदे हैं.सबसे बड़ा फायदा ये है कि प्रतियोगिता के समय विजेता सूची में चुने जाने पर आपको ब्लॉगर से उसकी फोटो मांगने की जरुरत नहीं पड़ेगी.इससे फर्जी ब्लॉग बनाने पर रोक लगेगी तथा कमेंट भी ब्लॉगर सोच विचार कर करेंगे.आप हर ब्लॉगर के लिए आईडी और एड्रेसप्रूफ देना अनिवार्य कर दें,इससे आपको कई फायदे होंगे.भविष्य में आपको ऐसी अनिवार्यता लागू करनी पड़ेगी.
६=कमेंट के आवागमन में आ रही दिक्क्तों को दूर करने का सुझाव-
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कॅप्चा कोड या सिक्युरिटी कोड आसान करने के बाद अब कमेंट आ जा रहे हैं,आप इसके लिए बधाई के पात्र हैं,परन्तु अभी भी कई ब्लॉगरों को कमेंट पाने में दिक्कत हो रही है.मेरे ब्लॉग पर भी कमेंट आसानी से नहीं आ पा रहा है.मुझसे अक्सर ब्लॉगर मित्र इसकी शिकायत करते रहते हैं.आपसे अनुरोध है कि इस ओर ध्यान दें.
७=जागरण जंक्शन पर चैटिंग शुरू करने का सुझाव-
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यदि आप जागरण जंक्शन पर चैटिंग और डेटिंग की व्यवस्था कर दें तो यह एक बहुत बड़ा अभिनव प्रयोग होगा.मुझे लगता है कि भविष्य में यह व्यवस्था जागरण जंक्शन पर जरुर नजर आएगी.सोशल नेटवर्किंग आज के समय की एक बहुत बड़ी जरुरत है और सोशल नेटवर्किंग चलाने से जागरण जंक्शन को भी काफी व्यावसायिक लाभ प्राप्त होगा.मुझे पूरी उम्मीद है कि जागरण जंक्शन परिवार के लोग भविष्य में इस दिशा में जरुर विचार और प्रयोग करेंगे.
८= ” आज के Top Hindi ब्लॉग्स ” और ” best blogger of the week ” का
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नाम हिंदी में रखने का सुझाव-
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” आज के Top Hindi ब्लॉग्स ” और ” best blogger of the week “,ये दोनों हिंदी में रख दिया जाये तो अच्छा है.एक आधा हिंदी और आधा अंग्रेजी में है और दूसरा पूरा अंग्रेजी में है.मेरा ये सुझाव है कि ये दोनों नाम हिंदी में रख दिए जाएँ तो ज्यादा अच्छा है.हिंदी ब्लॉगिंग में ये दोनों नाम आजीब से लगते हैं.हमारी समृद्ध हिंदी भाषा में क्या इसके लिए कोई उपयुक्त नाम नहीं है ?..
९= ” ज्यादा चर्चित,ज्यादा पठित,और अधि मूल्यित ” पोर्टल के बारे में सुझाव-
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” ज्यादा चर्चित,ज्यादा पठित,और अधि मूल्यित ” ये पोर्टल कम्प्यूटर के द्वारा ऑटोमैटिक संचालित है,परन्तु कई दिनतक इसमें जल्दी कोई बदलाव नहीं दिखाई देता है.कई बार इसमें दर्शायी गई रचना पर क्लिक करने पर हम कहीं और जा पहुँचते हैं.फीचर रीडर ब्लॉग के बाद ये दूसरा महत्वपूर्ण पोर्टल है जो ब्लॉगरों की श्रेष्ठ रचनाओं को दर्शाता है,परन्तु समुचित देखभाल के अभाव में यह स्तरहीन सी ग्रेड रचनाओं को ज्यादा दर्शाता है-जैसे “लड़की पटाने का मस्त तरीका ” और ” आलू की प्रेम कहानी.”
१०=रचना के साथ पाठकों की संख्या यानि व्यूज दिखाने का सुझाव-
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जागरण जंक्शन मंच से निवेदन है कि आप किसी भी रचना पर क्लिक कर वहाँ जाने पर ” रेट दिस आर्टिकल ” की तरह वहाँ पर ये भी शो हो कि इस रचना को अबतक कितने लोगों ने पढ़ा है.आप ऐसी व्यवस्था करें कि वहांपर व्यूज भी दिखाई दे.
11-समय समय पर समाज सुधार के अभियान चलाने का सुझाव-
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जागरण जंक्शन मंच का उद्देश्य सिर्फ ब्लॉगरों का टाइम पास करना नहीं होना चाहिए.आप समय समय पर समाज सुधार के वैचारिक अभियान चलायें और इसमें अधिक से अधिक ब्लागरों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें.उदहारण के लिए मैं ” बेटी बचाओ अभियान ” से जुड़कर एक संस्मरण लिखा हूँ,जिसका नाम है-” माँ से ज्यादा महान कोई नहीं.” इसी तहह से आप भी समय समय पर समाज सुधार के वैचारिक अभियान चलते रहिये.
१२=कोई भी ब्लॉगर एक दिन में एक ही रचना पोस्ट करे-
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जागरण जंक्शन मंच को मेरा सुझाव है कि आपलोग एक नियम बना दीजिये कि कोई भी ब्लॉगर एक दिन में एक ही रचना पोस्ट कर सके.इससे रचनाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और रचनाओं को फीचर कर फीचर रीडर ब्लॉग पोर्टल पर दर्शाने में आपको बहुत सुविधा हो जायेगी.इस मंच की रचनाओं में मात्रात्मक की बजाय गुणात्मक बढ़ोतरी हो तो ज्यादा अच्छा है.
मुझे पूरी उम्मीद है कि जागरण जंक्शन परिवार के लोग मेरे इन सुझावों पर विचार करेंगे और आने वाले समय में इन सुझावों पर अमल भी करेंगे.हम सभी ब्लॉगरों की आवाज को दुनिया के कोने कोने तक पहुँचाने के लिए मैं जागरण जंक्शन मंच को अपना हार्दिक धन्यवाद सादर समर्पित करता हूँ.अंत में गुलज़ार साहब का लिखा हुआ ये गीत सभी ब्लॉगरों के सम्मान में गुनगुनाते हुए मैं अपना आलेख समाप्त कर रहा हूँ-
नाम गुम जायेगा चेहरा ये बदल जायेगा
मेरी आवाज़ ही पहचान है गर याद रहे
वक़्त के सितम कम हसीं नहीं,
आज हैं यहाँ कल कहीं नहीं
वक़्त के परे अगर मिल गए कहीं,
मेरी आवाज़ ही पहचान है…
जो गुज़र गयी कल की बात थी,
उम्र तो नहीं एक रात थी
रात का सिरा अगर फिर मिले कहीं,
मेरी आवाज़ ही पहचान है…
दिन ढले जहाँ रात पास हो,
ज़िन्दगी की लौ ऊँची कर चलो
याद आये गर कभी जी उदास हो,
मेरी आवाज़ ही पहचान है…
नाम गुम जायेगा चेहरा ये बदल जायेगा
मेरी आवाज़ ही पहचान है गर याद रहे…

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ (सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी,प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम,ग्राम-घमहापुर,पोस्ट-कंदवा,जिला-वाराणसी.पिन-२२११०६)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Saint Rajendra Rishi (bns766) on Twitter
https://twitter.com/bns766
Saint Rajendra Rishi (@bns766) on Facebook
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22 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Santlal Karun के द्वारा
February 17, 2014

इक्कीसवीं सदी की वर्तमान गतिविधियों पर यदि गौर किया जाए तो व्यक्ति से समष्टि तक को सफलता पाने के लिए अपने कौशलों को सुधारने की नितांत आवश्यकता है | यह नहीं कि जहाँ और जैसे बैठा था, उसी मुद्रा में बैठा रहे, जैसे खड़ा या पड़ा था, बस वैसे का वैसा खड़ा-पड़ा रहे और जैसे सड़ा-गला था, ज्यों का त्यों बना रहे | नैत्यिक नवीनता और परिस्थितियों की माँग के आधार पर स्वयं में बदलाव ज़रूरी है, नहीं तो क्या व्यक्ति, क्या समष्टि कोई भी आज की स्पर्धा में टिक नहीं पाएगा | उक्त दृष्टिकोण से जो जागरण जंक्शन को योजना बनानी और क्रियान्वित करनी चाहिए, वह सद्गुरु जी ने काफी-कुछ सोचा है और श्रमपूर्वक लिपिबद्ध भी किया है | अब सम्पादक-मंडल को चाहिए कि अपने-आप में हरकत लाएँ, कुछ करें और जागरण जंक्शन को और अधिक न्यायोन्मुख, और अधिक प्रभावशाली तथा और अधिक लोकप्रिय बनाएँ | … आदरणीय सद्गुर जी को हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

Santlal Karun के द्वारा
February 17, 2014

इक्कीसवीं सदी की वर्तमान गतिविधियों पर यदि गौर किया जाए तो व्यक्ति से समष्टि तक को सफलता पाने के लिए अपने कौशलों को सुधारने की नितांत आवश्यकता है | यह नहीं कि जहाँ और जैसे बैठा था, उसी मुद्रा में बैठा रहे, जैसे खड़ा या पड़ा था, बस वैसे का वैसा खड़ा-पड़ा रहे और जैसे सड़ा-गला था, ज्यों का त्यों बना रहे | नैत्यिक नवीनता और परिस्थितियों की माँग के आधार पर स्वयं में बदलाव ज़रूरी है, नहीं तो क्या व्यक्ति, क्या समष्टि कोई भी आज की स्पर्धा में टिक नहीं पाएगा | उक्त दृष्टिकोण से जो जागरण जंक्शन को योजना बनानी और क्रियान्वित करनी चाहिए, वह सद्गुरु जी ने काफी-कुछ सोचा है और श्रमपूर्वक लिपिबद्ध भी किया है | अब सम्पादक-मंडल को चाहिए कि अपने-आप में हरकत लाएँ, कुछ करें और जागरण जंक्शन को और अधिक न्यायोन्मुख, और अधिक प्रभावशाली तथा और अधिक लोकप्रिय बनाएँ | … आदरणीय सद्गुर जी को हृदयपूर्वक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

sadguruji के द्वारा
February 17, 2014

आदरणीय संतलाल करुणजी,अपनी त्वरित प्रतिक्रिया के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.आपकी प्रतिक्रिया से बहुत प्रोत्साहन मिला.मैंने बहुत सोच समझकर इसे लिखा है.

sadguruji के द्वारा
February 17, 2014

आदरणीय संतलाल करुणजी,आपका ह्रदय से आभार.आपने बहुत सही कहा है-अब सम्पादक-मंडल को चाहिए कि अपने-आप को हरकत में लाएँ, कुछ करें और जागरण जंक्शन को और अधिक न्यायोन्मुख, और अधिक प्रभावशाली तथा और अधिक लोकप्रिय बनाएँ.मैं भी यही चाहता हूँ.मैं बहुत दिनों से सोच रहा था कि इस विषय में जागरण जंक्शन परिवार को कुछ सुझाव दूं.आज मैंने ये कार्य पूरा कर जागरण जंक्शन परिवार को ये पोस्ट सादर समर्पित कर दिया है.सभी पाठकों से मेरा विनम्र निवेदन है कि ये ब्लॉग पढ़ने के बाद अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव जरुर दें ताकि जागरण जंक्शन परिवार उसपर भी विचार करे.

ranjanagupta के द्वारा
February 18, 2014

सद्गुरु जी प्रणाम !इतने महत्वपूर्ण आलेख हेतु बहुत बहुत बधाई स्वीकार करे !निसंदेह आपने ब्लागर्स के कल्याण हेतु बहुत परिश्रम किया है !आप के प्रति मै सभी ब्लागर्स की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करना चाहूँगी ! मै सबकी ओर से कुछ कहने का अधिकार तो नही रखती ,पर मुझे लगता है कि सभी आपकी बात से सहमत होंगे !आपने सबका हित जो सोचा है बहुत आभार !!

sadguruji के द्वारा
February 18, 2014

आदरणीया डॉक्टर रंजना गुप्ताजी,ब्लॉग पर आकर सहयोग और समर्थन देने के लिए आपको ह्रदय से धन्यवाद.मैंने एक सच्चाई बयान करने की कोशिश की है.पिछले एक हफ्ते में मैंने चार रचनाओं का सृजन किया है,लेकिन उनमे से एक रचना भी आज १७ फ़रवरी तक फीचर नहीं हुई है.

sanjay kumar garg के द्वारा
February 18, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी, सादर नमन! बहुत अच्छा ब्लॉग जितनी प्रशंसा की जाये कम है, इनमे से ज्यादातर वो ही चीजें है, जिन पर मैंने भी “गौर” किया है! आशा है सम्मानित सपादक-मंडल इस विषय में ध्यान देगें! पुन धन्यवाद सद्गुरु जी!

sadguruji के द्वारा
February 18, 2014

आदरणीय संजयजी,सहयोग और समर्थन देने के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.

ajay kumar pandey के द्वारा
February 18, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी सर्वप्रथम आपको इतने अच्छे सुझावों के लिए धन्यवाद इसमें आपको एक बात यह भी लिखनी थी कि अगर कोई कम उम्र का लड़का या लड़की अच्छे ब्लॉग लिख दे तो उसे भी अखबार में छपने का कष्ट करे यहाँ पर नाबालिग ब्लोग्गेर्स पर ध्यान ही नहीं दिया जाता है जबकि नाबालिग ब्लोग्गेर्स भी अच्छी रचना लिखते हैं आप मेरे ब्लॉग पर भी पधारें नाबालिग ब्लोगेर्स भी बहुत अच्छा लिखते हैं उनका भी अखबार में छापना चाहिए ताकि वह अच्छे रचनाकार बनें धन्यवाद अजय पाण्डेय

ajay kumar pandey के द्वारा
February 18, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी आपने सुझाव बहुत अच्छे दिए पर आपको एक सुझाव यह भी देना चाहिए था कि नाबालिग ब्लोग्गेर्स कि रचनाओं को भी जागरण में जगह देनी चाहिए ताकि वह आगे चलकर एक अच्छे लेखक बनें कई नाबालिग ब्लोग्गेर्स भी अच्छा लिखते हैं उनपर जागरण वाले ध्यान ही नहीं देते हैं और ना ही उनकी रचनायें अखबार में छापी जाती हैं नाबालिग ब्लोग्गेर्स कि रचनायें भी अखबार में छापनी चाहिए जिससे कि वह आगे चलकर अच्छे लेखक बनें और उनका उत्साह भी बढ़ता रहे जागरण मंच में नाबालिग ब्लोग्गेर्स कि उपेक्षा होती है बाकी आपने सुझाव अच्छे दिए हैं धन्यवाद अजय पाण्डेय

sadguruji के द्वारा
February 18, 2014

आदरणीय अजय पाण्डेयजी,आपकी बात जागरण जंक्शन परिवार तक पहुँच इस कमेंट के माध्यम से पहुँच रही है.वो लोग मेरे ब्लॉग पर विचार करेंगे तो उनका ध्यान आपके सुझाव की तरफ जरुर जायेगा.इस और ध्यान दिलाने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.

sadguruji के द्वारा
February 18, 2014

ब्लॉग पर आकर प्रतिक्रिया और प्रत्साहन देने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद.एक लेख में सभी बातें समाहित नहीं हो पाती हैं.परन्तु आप निश्चिन्त रहें,इस कमेंट के माध्यम से आपकी बात जागरण जंक्शन मंच तक पहुँच रही है.जब भी वो मेरे सुझावों पर विचार करेंगे,वो आपके सुझाव पर भी जरुर विचार करेंगे.

nishamittal के द्वारा
February 19, 2014

विचारणीय सुझावों से पूर्ण आलेख निश्चित रूप से जागरण जंक्शन की उपलब्धियों में वृद्धि करने हेतु

sadguruji के द्वारा
February 19, 2014

आदरणीया निशामित्तलजी,सकरात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.

Sonam Saini के द्वारा
February 19, 2014

बहुत अच्छे सुझाव हैं सद्गुरु जी ……. अगर जे जे संचालक मंडल इन पर विचार करे तो निश्चित ही यह मंच और ज्यादा अच्छा हो जायेगा, ये बात आपने सही कही कि किसी की पोस्ट तो कई कई दिनों तक होम पेज पर दिखाई देती है और किसी की १०-१५ मिनट में ही हटा दी जाता है, इससे पाठको और लेखको दोनों को ही परेशानी होती है, …….

sadguruji के द्वारा
February 19, 2014

आदरणीया सोनम सैनीजी,इस ब्लॉग के प्रति सहयोग और समर्थन देने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद.सभी ब्लॉगरों के हित और मंच के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मैंने ये ब्लॉग लिखा है.ब्लॉगर मित्रों के कमेंट पर मई इसीलिए त्वरित रूप से जबाब दे रहा हूँ,ताकि उनका सुझाव भी इसमें शामिल होता चला जाये.मुझे पूरा विश्वास है कि आदरणीय जागरण जंक्शन परिवार के लोग इन सुझावों पर विचार और अमल जरुर करेंगे.एक बार पुन: आपको धन्यवाद.

yogi sarswat के द्वारा
February 20, 2014

आपके द्वारा दिए गए सुझाव व्यवहारिक हैं श्री सद्गुरु जी ! समर्थन करता हूँ

sadguruji के द्वारा
February 20, 2014

आदरणीय योगीजी,ब्लॉग पर आकर अपना सहयोग और समर्थन देने के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.हमलोगों के मध्य हमेशा यूँ ही संवाद कायम रहे.

deepakbijnory के द्वारा
February 25, 2014

सद्गुरुजी अपने सभी ब्लॉगर कि samasya और सुझाव ek ही बार में प्रस्तुत करदिये ab कहने को कुछ बचा ही नहीं

sadguruji के द्वारा
February 25, 2014

आदरणीय दीपकबिजनोरीजी, ब्लॉग पर आकर प्रतिक्रिया और प्रोत्साहन देने के लिए मेरा हार्दिक धन्यवाद स्वीकार कीजिये.

neena के द्वारा
February 25, 2014

पठनीय और बिचारणीय लेख .आदरणीय सद्गुरु जी समाजिक कार्यो से मेरा भी जुड़ाव है इसे मै प्रभु कृपा मानती हुँ आगे फिर इस संदर्भ चर्चा करुँगी .धन्यवाद

sadguruji के द्वारा
February 27, 2014

आदरणीया नीनाजी,ब्लॉग पर आने के लिए मेरा हार्दिक धन्यवाद स्वीकार कीजिये.आपका हार्दिक अभिनन्दन है.ये जानकर बहुत ख़ुशी हुई कि आप सामाजिक कार्यो से जुडी हुई हैं.भविष्य में जब भी आप इस विषय पर चर्चा करेंगी,मुझे ख़ुशी होगी.आपको एक बार पुन:धन्यवाद.


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