सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

493 Posts

5422 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 15204 postid : 712928

होली पर जोगीरा गाने का चलन-जागरण जंक्शन फोरम

Posted On: 6 Mar, 2014 Junction Forum,Contest,Entertainment में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

images878999
होली पर जोगीरा गाने का चलन
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

उत्तर भारत में होली के गीतों में जोगीरा गाने का चलन है.जोगीरा का अर्थ है-जोगी या जोगी या ज्ञानी व्यक्ति के बोल.ये पहेलीनुमा और ज्ञान से भरी बातों से परिपूर्ण होता है.होली गीत के हर छंद के बाद जोगीरा गाया जाता है और कहा जाता है-जोगीरा सा रा रारा..इससे होली गीत का मजा कई गुना बढ़ जाता है और लोग मदहोश सा होकर नाचने झूमने लगते हैं.जोगीरा होली की मौजमस्ती के माहौल में चार चाँद लगा देता है.रविन्द्र जैनजी का लिखा हुआ फ़िल्म ” नदिया के पार ” का एक होली गीत है,जिसमे जोगीरा भी गाया गाया है-
जोगी जी धीरे धीरे, जोगीजी वाह जोगीजी
नदी के तीरे तीरे, जोगीजी वाह जोगीजी
जोगी जी कोई ढूँढे मूँगा कोई ढूँढे मोतिया
हम ढूँढे अपनी जोगनिया को,
जोगी जी ढूँढ के ला दो, जोगीजी वाह जोगीजी
मिला दो हमें मिला दो, जोगीजी वाह जोगीजी
१) फागुन आयो ओ मस्ती लायो
भरके मारे पिचकारी अरा र र र र रा
रंग लेके ओ जंग लेके
मारे (?) जोगी रातें जागी सारी अरा रररर रा
जोगी जी नींद ना आवे, जोगीजी वाह जोगीजी
सजन की याद सतावे, जोगीजी वाह जोगीजी
जोगी जी प्रेम का रोग लगा हमको कोई इसकी दवा जल्दी हो तो कहो
बुरी है ये बीमारी, जोगीजी वाह जोगीजी
लगे है दुनिया खारी, जोगीजी वाह जोगीजी
२) सारे गाँव की गोरियाँ रंग गई हमपे डार
पर जिसके रंग हम रंगे छुप गई वो गुलनार
छुप गईं वो गुलनार जोगीजी सूना है सँसार
बिना उसे रंग लगाए, जोगी जी वह जोगी जी
ये फागुन लौट ना जाए, जोगी जी वाह जोगी जी
जोगी जी कोई ढूँढे …
जोगी जी ढूँढ के ला दो
मिला दो हमें मिला दो
३) छुपते डोले राधिका ढूँढ सके घनश्याम
कान्हा बोले लाज का आज के दिन क्या काम
लाज का है क्या काम के होली खेले सारा गाँव
रंगी है कब से राधा
मिलन में फिर क्यों बाधा
जोगी जी प्रेम का रोग लगा हमको
कोई इसकी दवा जल्दी हो तो कहो
बुरी है ये बीमारी, जोगीजी वाह जोगीजी
लगे है दुनिया खारी, जोगीजी वाह जोगीजी..
होली मौज मस्ती का त्यौहार है.होली के अवसर पर जोगीरा गाने का रिवाज बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा है.उत्तर प्रदेश और बिहार में जोगीरा गाने की बहुत पुरानी परम्परा चली आ रहा है.जोगीरा बिना किसी होरी गीत के स्वतंत्र रूप से भी गया जाता है.इसे सवाल जबाब के रूप में गाया जाता है.होली के अवसर पर आम जनता के बीच गाया जाने वाला कुछ बहुत लोकप्रिय जोगीरा प्रस्तुत है-
‘कय हाथ के धोती पेन्हा, कय हाथ लपेटा?
कय पान का बीरा खाया, कय बाप के बेटा?
जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा.’
‘सात हाथ का धोती पेन्हा, पाँच हाथ लपेटा.
चार पान का बीड़ा खाया, एक बाप का बेटा.
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
कौन काठ के बनी खड़ौआ, कौन यार बनाया है,
कौन गुरु की सेवा कीन्हो, कौन खड़ौआ पाया,
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
चनन काठ के बनी खड़ौआ, बढ़यी यार बनाया हो,
हम गुरु की सेवा कीन्हा, हम खड़ौआ पाया है,
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
किसके बेटा राजा रावण किसके बेटा बाली ?
किसके बेटा हनुमान जी कै लंका के जारी ?
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
विसेश्रवा के राजा रावण बाणासुर का बाली
पवन के बेटा हनुमान जी, ओहि लंका के जारी
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
किसके मारे अर्जुन मर गए किसके मारे भीम ?
किसके मारे बालि मर गये, कहाँ रहा सुग्रीव ?
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
कृष्ण मारे आर्जुन मर गए कृष्ण के मारे भीम
राम के मारे बालि मर गए लड़ता था सुग्रीव
जोगीरा सारा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा..’
सभी ब्लॉगर मित्रों और पाठक मित्रों को होली की बहुत बहुत बधाई.आदरणीय जागरण जंक्शन परिवार के सभी सदयों को होली की बधाई.आपके और आपके समस्त परिवार के लिए होली मंगलमय हो.होली के रंगारंग पावन-पर्व पर सभी को हार्दिक बधाई.
रंग उडाऐ पिचकारी..
रंग जाऐ दुनिया सारी..
होली के रंग आपके जीवन को रंग दे..
ये शुभकामना है सदा हमारी..

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आलेख,संकलन और प्रस्तुति=सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी,प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम,ग्राम-घमहापुर,पोस्ट-कंदवा,जिला-वाराणसी.पिन-२२११०६.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (14 votes, average: 4.93 out of 5)
Loading ... Loading ...

24 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ranjanagupta के द्वारा
March 6, 2014

मैंने ये कभी नही सुना था !सद्गुरु जी ! आपको बहुत बधाई !ज्ञान की या लोकगीतों की नई चीज पता लगी !वास्तव में मैंने जोगीरा जैसा कुछ गाया जाता है ,यही नही पता था !

sanjay kumar garg के द्वारा
March 6, 2014

“छुपते डोले राधिका ढूँढ सके घनश्याम कान्हा बोले लाज का आज के दिन क्या काम लाज का है क्या काम के होली खेले सारा गाँव” बढ़िया! जोगिया!!!!!! आदरणीय सद्गुरु जी! काव्य की एक नयी विद्या (जोगिया) से परिचित करने के लिए सादर आभार!

ranjanagupta के द्वारा
March 6, 2014

सद्गुरु जी !प्रणाम !अपने जोगीरा का जो वर्णन किया वह मैंने कभी नही सुना था !एक नई जानकारी हुई !बहुत ही बधाई !लोकपरम्परा का एक अलग स्वरूप बताने हेतु !!

ranjanagupta के द्वारा
March 7, 2014

सद्गुरु जी !प्रणाम ,आपका जोगीरा नाम का यह लेख ऐसा ,नूतन प्रकार की जानकारी से परिपूर्ण है ,जिसके विषय में मुझे अभी तक पता नही था !बहुत बधाई ! यह कमेन्ट दूसरे दिन और चौथी बार पोस्ट कर रहीृ हूँ !

ranjanagupta के द्वारा
March 7, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी !बहुत अधिक अलग तरह की जानकारी वाला लेख !!बहुत बधाई !कमेन्ट पांचवी बार कर रहे है !!

sadguruji के द्वारा
March 7, 2014

आदरणीय संजयजी,ब्लॉग पर आकर आपने अपनी सकरात्मक प्रतिक्रिया दी,इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

sadguruji के द्वारा
March 7, 2014

आदरणीया डॉक्टर रंजना गुप्ताजी,ब्लॉक पर आकर प्रतिक्रीया देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

sadguruji के द्वारा
March 7, 2014

आदरणीया डॉक्टर रंजना गुप्ताजी,ब्लॉक पर आकर प्रोत्साहित करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

sadguruji के द्वारा
March 7, 2014

आदरणीया डॉक्टर रंजना गुप्ताजी,होली के अवसर पर जोगीरा गाने का चलन गीत की कोई नई विधा नहीं है.भोजपुरी इलाकों में इसका प्रचलन बहुत प्राचीनकाल से चला आ रहा है.मुझे ये बहुत अच्छा लगता है.

sadguruji के द्वारा
March 7, 2014

आदरणीया डॉक्टर रंजना गुप्ताजी,सुप्रभात ! होली के अवसर पर होली के उमंग और उत्साह को बढ़ाने वाले कुछ ब्लॉग लिखने का मैंने विचार किया है.अब राजनितिक चर्चाओं से बहुत उबन महसूस होने लगी है.विषय बदलकर लिखना मुझे अच्छा लगता है.मेरी कोशिश रहती है कि विभिन्न विषयों पर इस ढंग से लिखा जाये कि पाठकों को रुचिकर और ज्ञानवर्धक लगे.ब्लॉग पर आने के लिए आपका बहुत बहुत हार्दिक आभार.

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
March 10, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी, सादर !जोगीरा के रंगों में रँगी मदमस्त होली आप के इस आलेख में अवतरित हो गई है ! उपर्युक्त लिखित पंक्तियों में दो-चार पंक्तियाँ ही याद थीं आज आप के सौजन्य से पूरी पंक्तियाँ मेरे सामने हैं और इन्हें मैं नोट कर ले रहा हूँ | बहुत-बहुत आभार !! आप को और आप के परिवार के सभी सदस्यों को होली की अशेष शुभकामनाएं !!

sadguruji के द्वारा
March 10, 2014

आदरणीय आचार्याजी ब्लॉग पर आकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए और ब्लॉग पसंद करने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद.

meenakshi के द्वारा
March 12, 2014

सर्वप्रथम आपको सपरिवार होली की बहुत – बहुत मुबारक़बाद ! आपने बहुत सुन्दर लोकगीत ” जोगीरा ” पोस्ट किया , बधाई ! मीनाक्षी श्रीवास्तव

sadguruji के द्वारा
March 12, 2014

आदरणीया मीनाक्षी श्रीवास्तवजी,ब्लॉग पर आकर लेख की सराहना करने के लिए बहुत बहुत हार्दिक धन्यवाद.आपको और आपके समस्त परिवार को होली की शुभकामनाएं.

jlsingh के द्वारा
March 13, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी, सादर अभिवादन! आपकी लगभग हर विषय में जानकारी और संग्रह अद्भुत है और क्या कहूँ … सादर! जागरण मंच आज अभ्री है आप जैसे नियमित और समर्पित लेखकों का!

jlsingh के द्वारा
March 13, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी, सादर अभिवादन! आपकी लगभग हर विषय में जानकारी और संग्रह अद्भुत है और क्या कहूँ … सादर! जागरण मंच आज आभारी है, आप जैसे नियमित और समर्पित लेखकों का!

sadguruji के द्वारा
March 13, 2014

आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी,आपका सादर अभिनन्दन ! आपने मेरे प्रति जो हार्दिक उद्गार व्यक्त किये हैंह,उसके लिए ह्रदय से धन्यवाद.मेरी हमेशा यही कोशिश रहेगी कि इस मंच को अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूँ.पमह:हार्दिक आभार.

sadguruji के द्वारा
March 13, 2014

आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी,आपका सादर अभिनन्दन ! ब्लॉग पर आकर अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करने के लिए हार्दिक आभार.

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
March 13, 2014

प्रिय सद्गुरु जी बहुत सुन्दर ज्ञानबर्धक रचना ..आनंद आया जय श्री राधे होली की शुभ कामनाएं अग्रिम रूप से भ्रमर ५

sadguruji के द्वारा
March 13, 2014

आदरणीय सुरेन्द्र शुक्ल भ्रमर जी,आप ब्लॉग पर आये और आपने आलेख को पसंद किया.मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.

PIYUSH SRIVASTAVA के द्वारा
March 14, 2014

बहुत ही सुन्दर सच कहु तो बचपन के दिन याद आ गए जब हम छोटे थे और घर पर होली गाने वाले आते थे सच कहु सब बहुत याद आता है

sadguruji के द्वारा
March 15, 2014

आदरणीय पियूष श्रीवास्तवजी,ब्लॉग पर आने के लिए और आलेख की सराहना करने के लिए मेरा हार्दिक धन्यवाद स्वीकार कीजिये.भविष्य में भी आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी.

Shobha के द्वारा
March 4, 2015

श्री सद्गुरु जी किसी भोजपुरी फिल्म में जोगीरा पर नृत्य देखा था देखा था आपका बहुत आभार डॉ शोभा

sadguruji के द्वारा
March 4, 2015

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद ! आपने भोजपुरी फिल्म “नदिया के पार’ देखीं होगी ! उसमे जोगीरा पर आधारित एक गीत है ! प्रतिक्रिया देने के लिए सादर आभार !


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran