सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

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कौन बनेगा काशी का सरताज – मोदी या केजरीवाल?

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कौन बनेगा काशी का सरताज – मोदी या केजरीवाल?
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सभी ब्लॉगर मित्रो और अपने प्रिय पाठकों को मैं सबसे पहले स्पष्ट रूप से ये बताना चाहूंगा कि किसी भी राजनीतिक दल से मेरा कोई सम्बन्ध नहीं है और न ही किसी राजनीतिक दल से मैं जुड़ा हुआ हूँ.मैंने निष्पक्ष रूप से काशी में घूमकर और हजारों लोगों का मन टटोलकर मैंने ये लेख लिखा है.आश्रम में प्रतिदिन आने वाले लोगों से जब मैं पूछता हूँ कि इस बार आप किसे वोट देंगे तो लोग जाती,धर्म और अन्य हर तरह कि संकीर्ण भावना से ऊपर उठकर एक ही बात कहते हैं कि इस बार हम नरेंद्र मोदीजी को वोट देंगे.मोदीजी पीएम बन जाये तो इस देश का कल्याण हो जाये,जिसे भ्रस्ट नेताओं ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और समूचे सिस्टम को ही भ्रस्ट बनाकर आम जनता का सुख शांति से जीना दुश्वार कर दिया है.मैं जागरण जंक्शन परिवार को धन्यवाद देता हूँ कि “कौन बनेगा काशी का सरताज – मोदी या केजरीवाल?” इस मुद्दे पर मुझे अपने विचार प्रकट करने का अवसर दिया है.जागरण जंक्शन फोरम पर उठाये गए इस मुद्दे से सम्बंधित प्रश्नो पर मेरे विचार प्रस्तुत हैं-
१-क्या आम आदमी पार्टी को विश्वास हो चुका है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में शीला दीक्षित की तरह वाराणसी में मोदी को पटकनी दे पाएंगे?
मोदीजी और केजरीवालजी की आपस में कोई तुलना ही नहीं है.ये तुलना सिर्फ मिडिया कर रही है.केजरीवालजी काशी से खड़ा होके यदि अपनी जमानत बचा लें तो अपने को बहुत भाग्यशाली समझें.सभी पार्टियां यदि मिलकर केजरीवाल का समर्थन कर देती हैं तो यह मोदीजी के लिए और अच्छा है.काशी में घूमकर मैं देख रहा हूँ कि यहांपर घर घर में मोदीजी की चर्चा है.केजरीवालजी पर तो काशी के लोग लोग हंस रहे हैं और कह रहे है की अपना और अपनी पार्टी का लुटिया गंगाजी में डुबोना है तो केजरीवालजी काशी आ जाइये.केजरीवालजी मोदीजी से स्वयं बहुत भयभीत हैं,इसीलिए काशी से चुनाव लड़ने से बचना चाह रहे हैं.केजरीवाल का ये कहना की वो जनता से पूछकर चुनाव लड़ेंगे.ये भी मोदीजी के खिलाफ चुनाव लड़ने से बचने की एक नौटंकी भर है.काशी की जनता को क्या मतलब है,चाहे आप काशी से चुनाव लड़ो या मत लड़ो.आपलोगों की दिनोदिन खुल रही पोलपट्टी से अब काशी की जनता भी भलीभांति परिचित हो गई है.काशी से चुनाव लड़के केजरीवालजी को पता चल जायेगा कि वो कितने पानी में हैं.काशी की जनता उन्हें उनकी असलियत समझा देगी कि मोदीजी के सामने वास्तव में उनकी राजनितिक औकात क्या है.अगर अरविंदजी मोदीजी को शीला दीक्षित जी समझ रहे हैं तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है और वो दिन में ही मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं.काशी में मोदीजी को मात देना असम्भव ही नहीं बल्कि आसमान से तारे तोड़ के लाने जैसा सपना है.काशी में मोदी के खिलाफ बहुत से नेता चुनाव जीतने के लिए नहीं,बल्कि फेमस होने के लिए चुनाव लड़ेंगे.उन लोगों को मालूम है कि मोदी जी से लड़कर कभी सपने में भी चुनाव तो हम जीत नहीं पाएंगे.हाँ मोदीजी के खिलाफ उलजुलूल बयानबाजी करके मिडिया में चर्चित जरुर हो जायेंगे और अपनी पार्टी कि नजर में हीरो बन जायेंगे.मोदीजी कि शख्सियत आज पूरे देशभर में इतनी बुलंद हो गई है कि बहुत से नेता गुमनामी के अँधेरे में स्वयं को गुम हो जाने से बचाने के लिए मोदीजी के खिलाफ हर रोज कोई न कोई मनगढ़त अफवाहों का शिगूफा छोड़ रहे हैं.
२-खुद को धर्मनिरपेक्ष मानने वाली पार्टियां क्या मोदी के बढ़ते कदम को वाराणसी में ही रोक देंगी ?
इस देश में धर्मनिरपेक्षता उपहास,अवसरवाद और स्वार्थसिद्धि का एक साधन बन चुकी है.आज जीतने भी खुद को धर्मनिरपेक्ष दल कह रहे हैं,उनमे से अधिकतर दल चुनाव के बाद धर्मनिरपेक्षता को भूलकर राजनितिक अवसरवाद का प्रतयक्ष तमाशा प्रस्तुत करेंगे.सभी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल यदि काशी में एकजुट हो जाये तो भी मोदीजी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे.काशी ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता धर्मनिरपेक्षता के नाटक से उब चुकी है.इस बार वोट लोग जाती और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर देश की बेहतरी और विकास के लिए करेंगे.
मुझे तो ये देखकर आश्चर्य हो रहा है कि सारे राजनितिक दलों के नेता सिर्फ मोदीजी के नाम की माला जप रहे हैं.सबके सब मोदीजी से भयभीत हैं.ये भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार हो रहा है कि मोदीजी नाम के एक नेता से सारे दलों के नेता थर थर कांप रहे हैं.सबको अभी से ही अपनी हार दिखाई दे रही है और सब नेता सुर्ख़ियों में आने के लिए मोदीजी को जी भर के कोसने के अलावा और कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं.इस मंच के बहुत से ब्लॉगर भी मोदीजी के नाम से भयभीत हो रहे हैं,और पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर मोदीजी को व्यर्थ में ही कोस रहे हैं.कांग्रेस ने अपने शासनकाल में एक से बढ़कर एक भ्रस्टाचार और घोटाला करके हमारे देश को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और हमारी अर्थव्यवस्था को चौपट करके आर्थिक मंदी की आग में झोंक दिया है.मुझे तो पूरा यकीन है कि मोदी जी के नेतृत्व में देश की अगली सरकार बनेगी और देश का सही ढंग से विकास भी करेगी.
३-क्या भाजपा को भी डर है कि मोदी अगर वाराणसी से चुनाव नहीं जीते तो पार्टी को काफी नुकसान होगा ?
काशी से मोदीजी के नहीं जीतने का सवाल ही पैदा नहीं होता है.इसीलिए यह सवाल ही औचित्यहीन है.आज तो “हर हर मोदी और घर घर मोदी” का नारा काशी के घर घर में गूंज रहा है.काशी से मोदीजी की न सिर्फ जीत पक्की है बल्कि उनके विरोधी उम्मीदवारों की जमानत जब्त होना भी निश्चित है.काशी हमेशा से ही भाजपा की जीत का गढ़ रहा है.यहाँ से भाजपा का कोई भी उम्मीदवार खड़ा हो जाये वो जरुर जीतेगा.इस समय इस क्षेत्र के मेयर और तीन विधायक भाजपा के हैं.अब तो देश के इस समय के सबसे लोकप्रिय नेता मोदीजी चुनाव लड़ रहे हैं.इसीलिए भाजपा के लिए कोई चिंता की बात ही नहीं है.इस समय समूचे देशभर में मोदीजी की ऐसी लहर चल रही कि यदि मुरली मनोहर जोशीजी काशी से दुबारा चुनाव लड़ते तो भारी मतों से वो भी चुनाव जीत जाते.जोशीजी के खिलाफ स्थानीय लोगों की जो थोड़ी बहुत नाराजगी थी,वो मोदीजी के खड़े होने से दूर हो गई है.बहुत से लोग मोदीजी के दो जगह से चुनाव लड़ने पर आपत्ति कर रहे हैं.मोदीजी यदि गुजरात से भी चुनाव लड़ रहे हैं तो इसमें आपत्ति क्या है ?बहुत से नेता हैं जो दो जगह से चुनाव लड़ रहे हैं.कोई उनसे जाकर क्यों नहीं पूछता है कि आप दो जगह से चुनाव क्यों लड़ रहे हैं ?
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आलेख और प्रस्तुति=सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी,प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम,ग्राम-घमहापुर,पोस्ट-कंदवा,जिला-वाराणसी.पिन-२२११०६.
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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ranjanagupta के द्वारा
March 21, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी !प्रणाम !आपने जो लेख लिखा वह बिलकुल मेरे विचारो की प्रतिछाया सा लगा !बहुत ही सौभाग्य होगा देश का जो ,मोदी पूर्ण बहुमत से जीत कर आये !सादर !!

sadguruji के द्वारा
March 21, 2014

आदरणीया रंजना जी,ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक धन्यवाद.आपने पोस्ट की सराहना की है.मेरी मेहनत सार्थक हो गई है.सत्य की अनुभूति लगभग एक जैसी होती है,इसीलिए ये लेख आपको अपने विचारों की प्रतिछाया लगी.ये मेरे लिए सम्मान की बात है.इसके लिए हार्दिक आभार.

Madan Mohan saxena के द्वारा
March 21, 2014

अच्छा आलेख सुन्दर कभी इधर भी पधारें आभार मदन

sadguruji के द्वारा
March 21, 2014

आदरणीय मदन मोहन सक्सेना जी,ब्लॉग पर आकर लेख की प्रशंसा करने के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.आपके ब्लॉग पर जरुर आउंगा.

ajay kumar pandey के द्वारा
March 21, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी सादर नमस्कार आपने जो अपने विचार मोदी जी के लिए प्रस्तुत किये पढ़कर बहुत अच्छा लगा देश में आज परिवर्तन कि लहर है मतदाता नरेंद्र मोदी जी को ही चाहता है में भी येही चाहता हूँ कि मोदी जी जीत कर आयें केजरीवाल जी तो वाराणसी से खड़े होकर अपनी बेइज्जती कर रहे हैं मोदी जी ही प्रधानमंत्री पद के सही उम्मीदवार हैं

sadguruji के द्वारा
March 22, 2014

आदरणीय अजय कुमार पाण्डेय जी,ब्लॉग पर आकर इतनी सार्थक और सुंदर प्रतिक्रिया देने के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.

sadguruji के द्वारा
March 25, 2014

आदरणीय योगीजी,ब्लॉग पर आकर सकारात्मक समर्थन देने के लिए मेरा हार्दिक आभार स्वीकार कीजिये.

sanjay kumar garg के द्वारा
March 25, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी, सादर नमन! सुन्दर राजनीतिक विश्लेषण! वास्तव में मोदी जी को मौका दिया जाना चाहिए!

sadguruji के द्वारा
March 25, 2014

आदरणीय संजय जी,मोदीजी का काशी से जीतना तय है.केजरीवाल जी अपनी छीछालेदर कराएँगे और उनकी जमानत भी जब्त होगी.


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