सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

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मोदीजी अब तो बस ‘सठे साठ्यम समाचरेत’ हो- जंक्शन फोरम

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मोदीजी अब तो बस ‘सठे साठ्यम समाचरेत’ हो-जंक्शन फोरम

पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय ये कह रहा है कि पठानकोट हमले की जांच के लिए भारतीय सुरक्षा बलों के चश्मदीद जवानों से उसकी टीम को नहीं मिलने दिया गया, इसलिए जांच अधूरी रह गई और केस ख़त्म गया. पाक से इसी धूर्तता की उम्मीद भी थी. 1947 से लेकर अब तक उसका ये रिकार्ड है कि भारत का कोई भी प्रधानमंत्री जब भी उसके हुक्मरानों के सामने दोनों मुल्कों के बीच खुशहाली और शांति लाने के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाया और नेक नियति से उसे गले लगाया तो हर बार उसने हमारी पीठ में छुरा भोंका. इस बार भी उसने वही किया. केस खत्म करने और कायरों, चोरों व धूर्तों की तरह पतली गली से भागने का उसने ये बहाना बनाया कि पठानकोट हमले की जांच के लिए भारतीय सुरक्षा बलों के चश्मदीद जवानों से उसकी टीम को नहीं मिलने दिया गया, इसलिए कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिला. ये तो भागने ओर धोखा देने का उसका पुराना बहाना मात्र है. सब जानते हैं कि ये पहले से ही तय था कि पाकिस्तानी जांच दल को किससे मुलाकात की इजाज़त दी जाएगी और किससे नहीं. भारत आने पर पाकिस्तानी जांच दल को पठानकोट हमले में पाक आतंकियों के शामिल होने के बेहद पुख्ता मिले. इस बात को पाकिस्तानी जांच दल ने दिल्ली में कुबूल भी किया, पर आतंकी फसल से लहलहाती अपनी धरती पर कदम रखते ही वो पलटी मार गया.
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भारत की जनता जानती थी कि ऐसा ही होगा. देश के बड़े-बूढ़े ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे तक यही कह रहे थे कि पाकिस्तान एक बार फिर धोखा देगा, क्योंकि पकिस्तान की धोखा देने वाली फितरत से वो परिचित थे. अब सवाल ये उठता है कि देश के बुद्धिजीवी से लेकर बड़े-बूढ़े व बच्चे तक जब पकिस्तान की शातिराना फितरत से वाकिफ थे तब पीएम मोदी से चूक कैसे हो गई. आतंकवादियों के फलने-फूलने से नापाक हो रही अपनी धरती पर कदम रखते ही पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) ‘उलटा चोर कोतवाल को डांटे’ वाले धूर्ततापूर्ण और गैरजिम्मेदाराना अंदाज में बोलने लगी. पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंची है कि पठानकोट आतंकवादी हमले को भारत ने ही अंजाम दिया था और उसने ऐसा ‘पाकिस्तान के खिलाफ दुष्प्रचार’ करने के लिए किया था. पाकिस्तान की जेआईटी के इस बयान के बाद दिल्ली के मुख्य्मंत्री और आप नेता अरविन्द केजरीवाल जी ने कहा था, “‘भारत के 65 साल के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री ने इस तरह पाकिस्तान के सामने घुटने नही टेके जिस तरह नरेंद्र मोदी जी ने टेके हैं. अब हम कैसे कह सकते है कि आईएसआई भारत में आतंकवाद फैला रहा है जबकि अभी तक तो हम अमेरिका और दुनिया के सामने यही कहा करते थे?”
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दिल्ली के मुख्य्मंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट के जरिये केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार ने पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) को देश में कदम रखने की इजाजत देकर भारत माता की पीठ में छुरा घोंपा है. आप और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने आईएसआई अधिकारियों की मौजूदगी वाली पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) को भारत में दाखिल होने देने के विरोध में लगातार कई दिनों तक दिल्ली और पठानकोट में प्रदर्शन भी किया था. मोदी सरकार के चाहे अच्छे फैसले हों या बुरे, आप, कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों ने विरोध तो करना ही है. देशद्रोह से लेकर देशभक्ति तक का कोई भी मामला हो उनका एक सूत्रीय राजनीतिक फार्मूला बस यही है कि मोदी सरकार का विरोध करो और उसे जनता के बीच बदनाम करो. अब आइये विचार करते हैं कि पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) को भारत में दाखिल होने देने की इजाजत देकर क्या पीएम मोदी ने कोई बड़ी भूल या राजनीतिक चूक की है. अधिकतर देशभक्त लोग इसका जबाब हाँ में ही देंगे, लेकिन राजनीति और कूटनीति के माहिर लोंगो का नजरिया कुछ और ही है. उनका मानना है कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान की धूर्तता को नंगा कर और उसे जग जाहिर कर मोदी सरकार ने बहुत अच्छा कार्य किया है.
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राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले राजनीति और कूटनीति के एक बड़े अच्छे मर्मज्ञ सुब्रह्मण्यम् स्वामी जी का कहना है कि नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ सदभावना, दोस्ती और शान्ति का बर्ताव करके सही काम किया है. यह बहुत कुछ दुर्योधन से यह पूछने जैसा था कि क्या वह पांच गाँव देने की बात मान लेगा. अब हम पाकिस्तान को करारा जबाब दे सकते हैं. मुझे लगता है कि सुब्रह्मण्यम् स्वामी जी बिलकुल सही कह रहे हैं. उनकी बात पर एक शायर के बोल याद आ गए, “अमन चाहता हूँ, मगर जुल्म के खिलाफ अगर जंग लाजिमी है तो जंग ही सही.” अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा जो अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी के परम भक्त हैं और जिन्हे शान्ति का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है. उनके बारे में सब जानते हैं कि दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाने के साथ ही वो ‘सठे साठ्यम समाचरेत’ में भी यकीन रखते हैं. पीएम मोदी को भी अब यही मार्ग चुनना चाहिए. यदि वो अब एकमात्र बचा यह विकल्प नहीं चुनेगें तो जनता से मिला प्रचण्ड समर्थन खो बैठेंगे. पीएम मोदी ये याद रखें कि 1999 जब कारगिल का युद्ध हुआ था उस वक्त पाकिस्तान में नवाज शरीफ प्रधानमंत्री थे और भारत में उस समय केंद्र में एनडीए की सरकार थी. अब फिर वही स्थिति है. सैनिक शासन की ओर बढ़ते पाकिस्तान में सेना का वर्चस्व तब भी था और अब भी है. जयहिंद!!

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(आलेख और प्रस्तुति= सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी, प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम, ग्राम- घमहापुर, पोस्ट- कंदवा, जिला- वाराणसी. पिन- 221106)
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32 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
April 10, 2016

श्री आदरणीय सद्गुरु जी पाकिस्तान की विदेश निति के मूल में भारत विरोध है हम फिर भी अच्छाई से मुंह नहीं मोड़ते बहुत अच्छा लेख

sadguruji के द्वारा
April 10, 2016

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! पोस्ट की सराहना के लिए धन्यवाद ! आपने सही कहा कि हर मुद्दे पर भारत का विरोध करना ही उनकी राजनीति है ! दरअसल वहां पर अप्रत्यक्ष रूप से सेना का राज है ! अमेरिका से डॉलर लेने के लिए लोकतंत्र का दिखावा भर है ! ब्लॉग पर समय देने के लिए सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
April 10, 2016

एक कहावत है, ‘सठे साठ्यम समाचरेत’ जिसका अर्थ है कि जो जिस भाषा को समझता हो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाये ! अगर कोई हमारे प्रेम और सदभाव को हमारी कमजोरी समझ बार-बार उसका प्रतिउत्तर कुटिलता और दुष्टता से ही देता रहे तो उसे सुधारने के लिए मन में कठोरता लाना और उसे कठोर दण्ड देना आवश्यक है !

sadguruji के द्वारा
April 10, 2016

समय आ गया है कि पाकिस्तान को उसकी भाषा में ही जबाव दिया जाय ! पाकिस्तान के झूठ, फरेब और आतंक को बढ़ावा देने वाली हरकतों से तंग आ चुका हिन्दुस्तान अब पकिस्तान द्वारा प्रायोजित और समर्थित आतंकवाद को और बर्दास्त न करे ! हिन्दुस्तानी होने के स्वाभिमान के साथ अपनी पूरी ताकत से उसे सबक सिखाना जरुरी है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

सयुंक्त जांच टीम के पकिस्तान जाकर पलटी मारने से पकिस्तान की विदेश नीति की पोल पूरी दुनिया के सामने खुल गई है ! अब ये साफ़ हो गया है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अब कोई अहमियत नहीं रह गई है और पाकिस्तान की विदेश नीति अब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ नहीं बल्कि सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ तय कर रहे हैं !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम को भारत आने की इजाजत देना इस बात का पुख्ता सबूत है कि भारत में होने वाले आतंकी हमलों में पाकिस्तान के लिप्त होने के पुख्ता सबूत मिलने के बावजूद भी भारत कोई सैनिक कार्यवाही करने की बजाय पकिस्तान के साथ बातचीत करने और अच्छे रिश्ते बनाने की पूरी गम्भीरता और ईमानदारी के साथ कोशिशें कर रहा है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

दूसरी तरफ पाकिस्तान आतंकवाद के मसले पर न तो ईमानदार है और न ही गम्भीर है ! पठानकोट हमले की जांच के लिए भारत और पाकिस्तान के जांच दल की एक-दूसरे किए यहाँ आने-जाने की बात पर सहमति हुई थी, किन्तु अब पाकिस्तान गिरगिट की तरह रंग बदल रहा है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्‍दुल बासित ने भारत की पीठ में छुरा भोंकने वाला बयान देते हुए कहा है कि पाकिस्तानी जांच दल (जेआईटी) का दौरा आदान-प्रदान के आधार पर नहीं हुआ था, इसलिए भारतीय जांच टीम (एनआईए) को पाकिस्तान जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान के बारे में सभी जानते हैं कि वहां सरकार एक मुखौटा मात्र होती है और सारे अहम फैसले सेना ही लेती है ! पकिस्तान में रह रहे मसूद अजहर, जकी उर रहमान लखमान और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों पर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नहीं, बल्कि सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ का पूरा कंट्रोल है ! पाकिस्तानी सेना इन्हे प्रशिक्षित और नियंत्रित ही नहीं करती है, बल्कि भारत के खिलाफ जहर उगलने और आतंकी हमले करने के लिए खुलकर इनका प्रयोग भी करती है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पकिस्तान में तख्ता पलट होना कोई बड़ी बात नहीं है ! नवाज शरीफ खुद इसकी पीड़ा भुगत चुके हैं ! पाकिस्तान यदि अपने यहाँ स्थापित आतंक की फैक्ट्रियां बंद नहीं करता है तो वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब दुनिया उसे आतंकी देश घोषित कर देगी !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान में जारी आतंक, अराजकता और अस्थिरता किसी दिन इसे अफगानिस्तान की तरह ही तालीबानी शासन वाला राज्य भी बना सकती है ! इसका सबसे ताजा सबूत है हाफिज सईद की अपनी अदालत ! हाफिज सईद ने सेनाध्यक्ष राहील शरीफ की शह पर पाकिस्तान में अपनी शरीया अदालत शुरू कर दी है ! अब वहां तालिबानी शासन आने में ज्यादा दिन नहीं लगेंगे ! दुनिया को सबसे बड़ी चिंता आतंकियों के हाथ पाकिस्तान के परमाणु हथियार लगने की है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

चीन और अमेरिका जैसे देश आर्थिक रूप से जर्जर हो चुके पकिस्तान का दोस्त और सहायक बनकर ज्यादा लंबे समय तक साथ नहीं दे पाएंगे ! ये देश तभी तक उसे अपने कंधे पर ढोएंगे, जब तक कि उनका मतलब पूरा नहीं हो जाता ! फिर उसे दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल फेंकेंगे ! पाकिस्तान में तालीबानी शासन स्थापित होने पर कुछ दिन ये देश उनसे लड़ेंगे, फिर अफगानिस्तान की तरह परेशान होकर भाग खड़े होंगे !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर लगे भ्रस्टाचार के आरोपों ने उन्हें पाक सेना प्रमुख राहिल शरीफ के हाथों की कठपुतली बना दिया है ! दरअसल नवाज शरीफ को यह डर सता रहा है कि सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ सत्ता पर कब्जा कर उनका अंजाम पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के जैसा न कर दें, जिन्हें ऐसे ही आरोप में फांसी की सजा हुई थी !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान में होते बम धमाकों और आतंकी हमलों ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की लोकप्रियता और सत्ता पर नियंत्रण की स्थिति जहाँ एक तरफ काफी कमजोर कर दी है, वहीँ दूसरी तरफ सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ ने भारत के विरोध की राजनीति करके और आतंकवादियों को समर्थन देकर पाकिस्तान में सत्ता पर न सिर्फ अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, बल्कि पाकिस्तानी अवाम के बीच लोकप्रिोयता भी हासिल कर ली है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

भारत में हमले करने वाले आतंकी संगठनों पर पाकिस्तानी सेना ने कभी कोई कार्रवाई न की और न ही होने दी ! सब जानते हैं कि ये सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ का ही दबाव था कि पाकिस्तान की अदालतों ने हाफिज-लखवी और मसूद अजहर जैसे आतंकियों को सजा नहीं दी ! प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपनी कुर्सी बचाने की खातिर हमेशा चुप रहे और जब तक सत्ता में हैं, वो भविष्य में भी यही करेंगे !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

मिडिया में छपी खबरों के अनुसार दरअसल सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ के हावी होने की एक बड़ी वजह नवाज शरीफ पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप हैं ! शरीफ परिवार पर करोड़ों रुपए के गबन का, करोड़ों का कालाधन जुटाने का और पाकिस्तान के कई शहरों में अवैध संपत्तियां बटोरने का आरोप हैं ! माना जाता है कि काले कारोबार से नवाज शरीफ ने एक हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं ! शरीफ परिवार की कुल मिल्कियत 4 हजार करोड़ की है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

एनआईए ने पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर आतंकवादी हमले की कथित साजिश रचने के आरोप में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, उसके भाई अब्दुल रऊफ और दो अन्य लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करके बहुत अच्छा कार्य किया है ! इस गैर-जमानती वारंट को इंटरपोल को भेजा जाएगा और इन आतंकवादियों को पकड़ने में उसकी मदद ली जाएगी !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

सच्चाई एक न एक दिन मुंह से निकल ही जाती है ! मुजफ्फराबाद में एक रैली में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सार्वजनिक तौर पर यह कबूल करते हुए कहा था कि पाकिस्तान ने हिन्दुस्तान के साथ धोखा किया था. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दोस्ती को याद करते हुए शरीफ ने कहा, “वाजपेयी साहब ने इस बात की शिकायत की थी. उन्होंने कहा था कि जनाब एक तरफ तो लॉ ऑफ डिक्लियरेशन हो रहा है और दूसरी तरफ कारगिल की मिसएडवेंचर देकर पीठ में छुरा घोंपा गया है.”

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने एक बयान में कहा है, “वाजपेयी साहब ठीक कहते हैं. उनकी जगह मैं भी होता तो यही कहता. उनकी पीठ में वाकई छुरा घोंपा गया था. शरीफ ने मजबूरी जताते हुए कहा कि लेकिन मैं ये शिकायत अब करूं किससे. उन्होंने कहा कि जिस रब को आप मानते हैं उसी रब को हम भी मानते हैं. उनसे ही शिकायत करूं.” उनका ये बयान ये साबित करने के लिए काफी है कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री कि कोई हैसियत नहीं, वहां पर सेना ही सारे अहम फैसले लेती है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

पाकिस्तान के भारत संग शांति प्रक्रिया को ‘निलंबन की स्थिति’ में बताए जाने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने संवाददाताओं से कहा, “हमारा मानना है और लंबे समय से हमारा यह कहना रहा है कि भारत और पाकिस्तान को संबंध सामान्य होने एवं व्यावहारिक सहयोग से लाभ होगा और हम उन्हें ऐसा करने एवं प्रत्यक्ष वार्ता करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जिनका लक्ष्य दोनों सरकारों और दोनों देशों के बीच तनाव कम करना हो !”

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

विश्व से आतंकवाद ख़त्म करने और आतंकवादियों से लड़ने का सच तो अमेरिका ही जाने ! कुछ दिनों पहले मीडिया में आई एक खबर के अनुसार इन दिनों रूस में शरण लिए हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडन का दावा है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि ओसाबा बिन लादेन आज भी जिंदा और स्वस्थ है ! इतना ही नहीं वो अमेरिका के पैसों पर ऐश भी कर रहा है ! पता नहीं इसमें कितनी सच्चाई है, अमेरिका ने तो 2011 में दावा किया था कि उसने ओसामा को मार दिया है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

आंतकवाद एवं परमाणु अप्रसार पर कांग्रेस की एक उपसमिति की अध्यक्षता करने वाले एक शीर्ष अमेरिकी सांसद पो ने एक साल पहले अपने एक पत्र में ओबामा से अपील की थी कि वह अमेरिका और पाकिस्तान के बीच असैन्य परमाणु समझौते के संबंध में किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं करें ! उन्होंने पाकिस्तान के बारे में कहा था, “पाकिस्तान ने बार बार स्वयं को धूर्त और धोखेबाज साबित किया है !” पो ने आरोप भी लगाया था, “यह देश न केवल अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों और उनके हितों पर हमला करने वाले आतंकवादी संगठनों को आश्रय देता है बल्कि उसने ईरान जैसे देशों के साथ पूर्व में किए गए परमाणु सौदों के मामले भी अपनी ईमानदारी साबित नहीं की हैै !”

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा जो अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी के परम भक्त हैं और जिन्हे शान्ति का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है, उनके बारे में सब जानते हैं कि दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाने के साथ ही वो आतंकवादियों के साथ ‘सठे साठ्यम समाचरेत’ वाला बर्ताव करने में यकीन रखते हैं ! यह व्यावहारिक सोच धरती पर मानव और मानवता की रक्षा के लिए बेहद जरुरी भी है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

एक शायर ने कहा है, “अमन चाहता हूँ, मगर जुल्म के खिलाफ अगर जंग लाजिमी है तो जंग ही सही.” शान्ति और अहिंसा को सर्वोपरि मानते हुए भी आज रूस, अमेरिका, इंग्लैण्ड और फ्रांस सहित दुनिया के अधिकतर देश आतंकवाद से युद्ध लड़ रहे हैं ! पिछले कुछ दशकों से आतंकवाद भारत के द्वार पर बहुत तेजी से बार बार दस्तक दे रहा हैं ! भारत को भी अब इनसे युद्ध का व्यावहारिक मार्ग चुनना चाहिए !

Jitendra Mathur के द्वारा
April 11, 2016

दृढ़-इच्छाशक्ति के बिना शठे शाठ्यम समाचरेत की नीति को कार्यान्वित करना संभव नहीं है सदगुरु जी । इसके लिए अपनी अंतर्राष्ट्रीय नेता की छवि बनाने का मोह त्यागकर राष्ट्रहित को ही सरोपरि मानना होगा । तब ही बात बनेगी । पाकिस्तान बदल नहीं सकता । वह भारत का विरोधी था, है और रहेगा । वहाँ की शासन-व्यवस्था और प्रशासन-तंत्र के सभी अंग ग़ैर-मुस्लिमों के विरोधी थे, हैं और रहेंगे । हमें अपनी पाकिस्तान संबंधी नीति बहुत सोच-समझकर बनानी होगी तथा उसकी सार्वजनिक अभिव्यक्ति तथा कार्यान्वयन में अतिशय सावधानी का परिचय देना होगा । हमें यह नहीं देखना चाहिए कि पाकिस्तान क्या चाहता है या संसार क्या चाहता है । हमें तो यह देखना चाहिए कि हम क्या चाहते हैं ।

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

आदरणीय जितेन्द्र माथुर जी ! सादर अभिनन्दन ! आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूँ कि दृढ़-इच्छाशक्ति के बिना शठे शाठ्यम समाचरेत की नीति को कार्यान्वित करना संभव नहीं है ! आपकी ये बात भी सही है कि इसके लिए मोदीजी को अपनी अंतर्राष्ट्रीय नेता की छवि बनाने का मोह त्यागकर राष्ट्रहित को ही सरोपरि मानना होगा और इस सत्य मानना होगा कि पाकिस्तान बदल नहीं सकता ! वह भारत का विरोधी था, है और रहेगा ! आदरणीय जितेन्द्र माथुर जी, बहुत सार्थक और विचारणीय प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

इण्टरपोल का पूरा नाम “अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संस्था (International Criminal Police Organization) है ! यह अन्तरराष्ट्रीय संस्था है जो विभिन्न देशों के पुलिस के बीच सहयोग करके अन्तरराष्ट्रीय अपराधियों को पकड़ती है ! अन्तरराष्ट्रीय अपराधियों को पकड़ने में इंटरपोल की मदद लेने के लिए गैर-जमानती वारंट इंटरपोल को भेजा जाता है !

sadguruji के द्वारा
April 11, 2016

रेड कॉर्नर नोटिस का क्या मतलब है? रेड कॉर्नर नोटिस या लाल नोटिस आमतौर पर किसी अपराधी की गिरफ्तारी के लिए जारी होता है ! काला नोटिस किसी विदेशी आतंकवादी या अपराधी के लाश की शिनाख्त किसी मुल्क में न होने पर जारी होता है ! इस नोटिस में अज्ञात मृत आतंकी या अपराधी की पहचान से संबंधित सभी जानकारी सांझा की जाती है !

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
April 19, 2016

आदरणीय सदगुरू जी, आपके विचारों से सौ फीसदी सहमत । अब पाकिस्तान से बात करने से कोई लाभ नही । पठानकोट हमले की उसकी रिपोर्ट तो मानो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसी ही है । अब मोदी सरकार को देखना है कि पाकिस्तान के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए या फिर यही लचर तरीका । इससे तो भारत बार बार आहत हो रहा है । अब तो बस जैसे को तैसा ही सही है ।

jlsingh के द्वारा
April 20, 2016

आदरणीय सद्गुरु जी, सुप्रभात और सादर हरिस्मरण ! भगवान् श्री कृष्ण सब जानते हुए भी संधि प्रस्ताव लेकर गए थे. मोदी जी भी सब कूटनीतिक चल चलकर ही अंतिम फैसला लेंगे, ऐसा लगता है. वैसे भी युद्ध से समस्याएं हल नही होती . शक्ति प्रदर्शन के साथ हजारो लाखों निर्दोष भी मारे जाते हैं. सादर!

sadguruji के द्वारा
April 22, 2016

आदरणीय सिंह साहब ! सादर हरिस्मरण ! निसंदेह युद्ध अंतिम शस्त्र ही है और असंख्य लोग इससे मारे जाते हैं, किन्तु फिर भी इतिहास युद्धों से भरा पड़ा है ! आज भी दुनिया के कई देशों में जारी है ! भारत में भी पिछले कई दशकों से आतंक से युद्ध हम झेल ही रहे हैं ! लम्बे समय तक परेशान करने वाले देश से युद्ध करने से बचते रहिये तो एक दिन गृहयुद्ध झेलिये ! वो और भी बुरा है ! ब्लॉग पर आने और प्रतिक्रिया देने के लिए सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
April 22, 2016

आदरणीय विष्ट जी ! हार्दिक अभिनन्दन ! पोस्ट से सहमति के लिए धन्यवाद ! पिछले कई दशकों से पाकिस्तान भारत को बार बार आहात कर रहा है ! आखिर हम कब तक उसे झेलते रहेंगे ! कभी न कभी तो उसे जबाब देना ही होगा ! अपनी अनमोल प्रतिक्रिया से पोस्ट को सार्थकता प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार !


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