सद्गुरुजी

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हिंदुस्तान की आजादी के दुश्मन कौन हैं?- जागरण जंक्शन फोरम

Posted On: 11 Aug, 2016 Junction Forum,Special Days,Social Issues में

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अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं
हमने सदियों में ये आज़ादी की नेमत पाई है
सैकड़ों क़ुरबानियाँ देकर ये दौलत पाई है
मुस्कराकर खाई हैं सीनों पे अपने गोलियाँ
कितने वीरानों से गुज़रे हैं तो जन्नत पाई है
ख़ाक में हम अपनी इज़्ज़त को मिला सकते नहीं
अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

शकील बदायूंनी साहब का लिखा हुआ फिल्म ‘लीडर’ का ये गीत इस सच को बखूबी बयान करता है कि कितनी कुर्बानियां देकर और कई सदियों तक विदेशी हुकूमत से लड़ने के बाद हमारे मुल्क हिंदुस्तान ने आजादी रूपी दौलत पाई है.15 अगस्त सन 1947 को हिंदुस्तान के आज़ाद होते ही यहाँ रहने वाले करोड़ों हिंदुस्तानी भी आज़ाद हो गए. हमें आजाद हुए और अपनी आजादी की रक्षा करते हुए 69 साल बीत चुके हैं. 15 अगस्त 2016 को सवा सौ करोड़ से भी अधिक हिंदुस्तानी अपना 70वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे हैं. विकासशील से विकसित मुल्क में तब्दील होते हिंदुस्तान की आजाद हवा में बड़े गर्व के साथ आज हम लोग सांस ले रहे हैं, किन्तु हिंदुस्तान की आजाद आबोहवा को दूषित करने की कोशिश वाले बहुत से असामाजिक और देशद्रोही तत्व मुल्क की आजादी, एकता और अखण्डता के लिए बहुत बड़ा ख़तरा बनते चले जा रहे हैं. जम्मू-काश्मीर में पाकिस्तान समर्थित और प्रायोजित आतंकी घुसपैठ पिछले 69 सालों से किसी असाध्य रोग की तरह जारी रह घोर पीड़ा दे रही है.

पिछले एक माह से कश्मीर में हालात बहुत ख़राब हैं, क़रीब 60 लोग मारे गए हैं, हजारों जख्मी हैं. अब भी काश्मीर घाटी के कई हिस्सों में हिंसा, प्रदर्शन और कर्फ्यू का दौर जारी है. ऐसा लग रहा है मानो सीआरपीएफ और पुलिस जैसे सुरक्षा बल भीड़ को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रहे हैं. एक तरफ जहाँ आतंकियों और अनियंत्रित भीड़ से लड़ते हुए हमारे बहादुर सैनिक और पुलिस के जवान आये दिन शहीद हो रहे हैं, वहीँ दूसरी तरफ काश्मीर घाटी के कई नेता और वहां के बुद्धिजीवी अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा बलों की जान की परवाह न करते हुए अलगाववादी हिंसक प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल न करने और कुछ क्षेत्रों से अफस्पा हटाने की सलाह दे रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी कह रहे हैं कि कश्मीर शांति चाहता है. हम जम्मू-कश्मीर का विकास चाहते हैं और विकास के ज़रिए सभी समस्याओं का समाधान तलाश रहे हैं.
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विकास के जरिये कश्मीर की समस्या का समाधान आजादी के बाद से लेकर अब तक हम ढूंढ नहीं पाए हैं. आज कश्मीर के जो खराब हालात हैं, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी की फिर वही कोशिश कितनी कारगर होगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन कश्मीर के अलगाववादियों का नापाक इरादा बिल्कुल साफ है. वो ‘आजाद कश्मीर’ का अपना पुराना राग अलापते हुए भारत के साथ नहीं रहना चाहते हैं. वो चाहते हैं कि कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मुताबिक़ जनमत संग्रह हो और लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार मिले. इसके लिए वो भारत-पाकिस्तान के साथ मिलकर त्रिस्तरीय वार्ता के लिए भी तैयार हैं. गौर करने वाली ख़ास बात ये है कि कश्मीर में अलगाववाद का बीज बोने वाले और सुरक्षा बलों पर पत्थर फिंकवाने वाले अधिकतर देशद्रोही नेता जम्मू-कश्मीर से बाहर हिंदुस्तान के अन्य राज्यों में या फिर विदेशों में रह रहे हैं. पाकिस्तान की सरकार, सेना और वहां स्थित अनेकों खतरनाक आतंकी संगठन उनके सबसे बड़े साथी हैं.

हिंदुस्तान को इन पर कड़ा प्रहार करने की जरुरत है. जब तक हमारे मुल्क में, खासकर कश्मीर में आतंकवाद फैलाने वाली इन जड़ों का समूल नाश नहीं होगा, तब तक कश्मीर के हालात स्थायी रूप से बेहतर नहीं हो सकते हैं. कश्मीर के पत्थरबाज संगठनों ने केवल अमन पसंद कश्मीरी मर्दों की ही आजादी नहीं छीनी है बल्कि ये औरतों की आज़ादी के भी दुश्मन हैं. मीडिया में छपी ख़बरों के अनुसार उन्होंने कश्मीर में जगह जगह अंग्रेजी और उर्दू में लिखे पोस्टर लगाए है. जिनमे लिखा है कि अगर युवतियां स्कूटी चलाएंगी तो उन्हें उसी के साथ जला दिया जायगा. इससे न केवल महिलाओं के अधिकारों का घोर उल्लंघन हो रहा है बल्कि ये अमन पसंद इस्लाम धर्म के बुनियादी उसूलों के भी खिलाफ है. कश्मीर की मुस्लिम महिलाओं को लैंगिक भेदभाव के खिलाफ अपनी आवाज बुलन्द करते हुए संविधान प्रदत्त अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए महिला आयोग, राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहिए.
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हमारी आजादी के अन्य दुश्मनों की बात करें तो डॉ ज़ाकिर नाइक और ‘गौरक्षा’ की आड़ लेकर दलितों और मुसलमानों पर अत्याचार करने वाले कुछ तथाकथित ‘गौरक्षकों’ की चर्चा करना चाहूँगा. पहले डॉ ज़ाकिर नाइक का जिक्र करूँगा. इस्लामिक रिसर्च फ़ाउंडेशन के संस्थापक डॉ ज़ाकिर नाइक को लेकर कुछ चौंका देने वाले समाचार सामने आए है. मीडिया में प्रकाशित एक समाचार के अनुसार डॉ ज़ाकिर नाइक लेकर हुई जाँच से पता चला है कि डॉ ज़ाकिर नाइक के जमात उद दावा, इंडियन मुजाहिदीन और हिज़बुल मुजाहिदीन जैसे चरमपंथी संगठनों से संबंध है. निश्चित रूप से यह हिंदुस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत चिंता की बात है. महाराष्ट्र और केंद्र सरकार को जल्द से जल्द डॉ ज़ाकिर नाइक के ख़िलाफ़ कड़ी क़ानूनी कार्रवाई शुरू कर देनी चाहिए. इस बात में अब कोई सन्देह नहीं कि धर्म प्रचार की आड़ लेकर डॉ ज़ाकिर नाइक द्वारा जारी राष्ट्रविरोधीं गतिविधियाँ तथा उनके जहरीले भाषण देश की सुरक्षा के लिए बहुत गंभीर ख़तरा बन चुके हैं.

कुछ रोज पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘गौरक्षा’ संगठनों द्वारा ‘गौकशी’ के नाम पर दलितों एवं मुसलमानों पर की जा रही हिंसा की कड़ी आलोचना की थी. दिल्ली में बोलते हुए मोदी ने कहा था कि कुछ लोग गौरक्षक के नाम पर दुकान खोलकर बैठ गए हैं. मुझे इस पर बहुत ग़ुस्सा आता है. उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि रात में गोरख धंधे में लगे कुछ असमाजिक तत्व दिन में गौ रक्षक बन जाते हैं और इनमें से 70-80 फ़ीसदी फ़र्ज़ी हैं. हालाँकि उन्होंने बाद में हैदराबाद में बोलते हुए कहा कि मुठ्ठी भर गौ रक्षक फ़र्ज़ी हैं. प्रधानमंत्री ने गोरक्षकों से कहा, “अगर वार करना है तो मुझ पर कीजिए, मेरे दलित भाइयों पर वार करना बंद कर दीजिए.” प्रधानमंत्री को ये एहसास शायद तब हुआ जब उन्हें पता चला कि गुजरात सहित देश के कई अन्य राज्यों में गौ रक्षकों के ज़रिये दलितों और मुसलामानों पर हो रहे हमलों को लेकर दलित समुदाय भाजपा से नाराज़ चल रहा है. आरएसएस के एक सर्वे ने गुजरात में अभी चुनाव होने पर मात्र 65 सीटें जितने की बात कही थी. यही तो दिक्कत है कि पीएम जगते हैं, विवादित मुद्दों पर बोलते हैं, पर देर से. यह भी राष्ट्रीय एकता व सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है.

अंत में सभी देशवासियों को स्वतन्त्रता दिवस की बधाई देते हुए शकील बदायूंनी साहब के लिखे गीत के कुछ और अनमोल बोल प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो हिंदुस्तान की आज़ादी और अमन के दुश्मनों से निपटने का बेहतरीन उपाय सुझाते हैं-
वक़्त की आज़ादी के हम साथ चलते जाएंगे
हर क़दम पर ज़िंदगी का रुख़ बदलते जाएंगे
गर वतन में भी मिलेगा कोई गद्दार\-ए\-वतन
अपनी ताक़त से हम उसका सर कुचलते जाएंगे
एक धोखा खा चुके हैं और खा सकते नहीं
अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं.. जयहिंद!!

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
August 11, 2016

जय श्री राम सद्गुरु जी १५ अगस्त के बारे में अच्छा लेख लिखा कश्मीर का परिणाम नेहरूजी के दें है पिछले ७० सालो से विभिन्न सरकारों ने देश लो समस्या में दाल दिया लेकिन सबके लिए मोदीजी को दोष देना गलत.कश्मीर के मामले में राजनाथ जी खुले शब्दों में नीति बता दी इस देश को बर्बाद करने में सेक्युलर ब्रिगेड और बुद्दिजीवियो का हाथ है जो या विदेशी शक्तिओ के हाथ खेल रहे या फिर कांग्रेस के हाथ.इस सरकार को अस्थिर करने के लिए चर्च सक्रिय है जो दलितों मुस्लिमो के नाम पर ओउरे देश में अलगाववाद पैदा कर रहा.ये साजिस उसी का नतीज है जिसमे सेक्युलर ब्रिगेड बुद्दिजीवी शामिल है दलितों के साथ ऐसी घटनाएं पुरे देश में हो रही परन्तु गुण की घटना को बड़ा चला कर दिखया गया बीजेपी को बदनाम करने के लिए मुसलमान दामादो की तरह रह रहे उनपर पता नहीं आपको कहा दिख गया जन कर्णाटक में प्रशांत पुजारी या दिल्ली में डॉ नारंग या केरल में हिन्दू मारे जाते सेक्युलर ब्रिगेड को साप सूंघ जाता आज एक फैशन बन गयी की प्रधान मंत्री देर से बोले जो प्रदेश का मामला उसपर भी क्यों बोले १० साल मनमोहन नहीं बोले कोइ नहीं बोला ये बीजेपी/मोदीजी का विरोध है और कोइ समस्या नहीं.

sadguruji के द्वारा
August 12, 2016

आदरणीय रमेश अग्रवाल जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट की सराहना के लिए धन्यवाद ! आपकी तरह हम सब लोग भी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए और देश को समूचे विश्व पटल पर सम्मान दिलाने के लिए पीएम मोदी के साथ है ! रही बात कुछ गोरक्षकों द्वारा देश के कुछ हिस्सों में दलितों और मुसलामानों पर हमले की तो वो सत्य है ! इससे दलित समाज को एकजुट करने और अपनी और खींचने वाले मोदी और भाजपा को नुकसान ही हो रहा है ! ब्लॉग पर समय देने के लिए हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
August 13, 2016

आदरणीय डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर जी ! हार्दिक अभिनन्दन ! ‘क्रांतिकारी आन्दोलन के प्रथम शहीद खुदीराम बोस को समर्पित ब्लॉग बुलेटिन’ में इस पोस्ट को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार ! बहुत सुन्दर ब्लॉग बुलेटिन’ बुलेटिन है, मैंने उसे देखा है ! शुभकामनाओं सहित !

harirawat के द्वारा
August 14, 2016

सदगुरु जी नमस्कार ! आप जैसे समाज सुधारक जब अपनी शब्द शैली से जन जागरण के काम में बुद्धी और विवेक से साकार तक जगाते हो तो समाज भी कटवट बदलने लगता है, बहुत विस्तृत और तत्वों से जुड़ा लेख पढ़ कर काश्मीर के बारे में जानकारी मिली ! वैसे सद्गुरु जी १९४८ में जब पाकिस्तानियों ने काश्मीर पर अटैक किया था, कांग्रेसियों ने काश्मीर मसले को जान बूझकर पैंडिंग ट्रे में डालकर आज ऐसी स्थिति पैदा करदी की आज के दिन असली कश्मीरी बहुत कम रह गए हैं और पाकिस्तानी और अलगाववाद गद्दार बड़ी संख्या में बस गए हैं ! लेख के लिए साधुवाद ! जागते रहो !

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
August 16, 2016

बहुत सार्थक और चिंतनीय आलेख आदरणीय सद्गुरुजी ,इतनी दहशत ,इतनी पाबन्दीऔर अपने देश की मिटटी में ही जन्मे लोगों से इतना देशद्रोह हमारे लिए किसी कलंक से कम नही है, आपने कश्मीर के हालात तफ़सील से लिखे हैं. हार्दिक आभार.

sadguruji के द्वारा
August 17, 2016

आदरणीया निर्मला सिंह गौर जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट के प्रति आपके सहयोग और समर्थन के लिए हार्दिक आभार ! आपने सही कहा है कि राष्ट्र के प्रति विद्रोह किसी कलंक से काम नहीं है ! उस राष्ट्र के प्रति जिसने कश्मीरियों के लिए पानी की तरह से लहू, धन और संशाधन बहाया है ! सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
August 17, 2016

आदरणीय हरेन्द्र रावत जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट की सराहना के लिए हार्दिक आभार ! आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूँ कि आज के दिन असली कश्मीरी बहुत कम रह गए हैं और पाकिस्तानी और अलगाववाद गद्दार बड़ी संख्या में बस गए हैं ! निश्चित रूप से इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है ! ब्लॉग पर समय देने के लिए हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
August 19, 2016

इस बात में अब कोई सन्देह नहीं कि धर्म प्रचार की आड़ लेकर डॉ ज़ाकिर नाइक द्वारा जारी राष्ट्रविरोधीं गतिविधियाँ तथा उनके जहरीले भाषण देश की सुरक्षा के लिए बहुत गंभीर ख़तरा बन चुके हैं.

sadguruji के द्वारा
August 19, 2016

यही तो दिक्कत है कि पीएम जगते हैं, विवादित मुद्दों पर बोलते हैं, पर देर से. यह भी राष्ट्रीय एकता व सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है.

nishamittal के द्वारा
August 20, 2016

बहुत सार्थक और चिंतनीय आलेख आदरणीय महोदय ,आज बहुत दिन बाद जागरण की साइट मेरी और से खुल सकी ,अतः पोस्ट देख पायी आपके कमेंट से ब्लागर ऑफ़ दी वीक की सूचना मिली कृपया लिंक देने का कष्ट करें क्योंकि मेरी ओर से वो पृष्ठ नही खुल रहा है.आभार शुभकामनाएं

sadguruji के द्वारा
August 20, 2016

आदरणीय निशा मित्तल जी ! सादर अभिनन्दन ! अपनी सार्थक प्रतिक्रिया से पोस्ट को सार्थकता प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार ! कृपया आप अपने कंप्यूटर के ब्राउजर का हिस्ट्री आइकॉन क्लिककर रीसेंट हिस्ट्री को क्लियर कर दें ! मोजिला फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउजर का प्रयोग करें, आपकी परेशानी निश्चित रूप से दूर हो जायेगी ! वैसे लिंक मैं दे रहा हूँ- http://www.jagranjunction.com/

sadguruji के द्वारा
August 23, 2016

बलूचिस्तान सूबे में मानवाधिकार उल्लंघनों का मामला अब पुरे जोर-शोर से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना चाहिए ! पाकिस्तान को सही रास्ते पर लाने का ये एक अच्छा उपाय है ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 12 अगस्त को हुई सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्र ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान सूबे में मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाने का फैसला किया था ! प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी अपने भाषण में बलूचिस्तान का जिक्र किया था !

sadguruji के द्वारा
August 23, 2016

महिलाओं और मासूम बच्चियों से बलात्कार करने वाले और उनकी ह्त्या तक कर देने वाले दुष्कर्मी भी हमारी आजादी के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक हैं ! दुष्कर्मियों के साथ आतंकवादियों जैसा सलूक किया जाना चाहिए और उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी या गोली मारने की सजा दी जानी चाहिए ! आत्मरक्षा हेतु महिलाओं को जुड़ों-कराटे सीखने और हथियार चलाने का प्रशिक्षण देना चाहिए !


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