सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

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अभी कान भर ही पकड़ा है, उसे उमेठा नहीं है- जागरण जंक्शन फोरम

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अभी कान भर ही पकड़ा है, उसे उमेठा नहीं है- जागरण जंक्शन फोरम
एक कहावत है, ‘जैसे के साथ तैसा व्यवहार करना’ (Tit for tat). यह न्यायसंगत नहीं कि हम सिधाई, अहिंसा और नम्रता प्रदर्शित करते रहे और दूसरी और से गाली-गलौज, क्रूरता और उदण्डता जारी रहे. अब तक हम पाकिस्तान के साथ सिधाई और नम्रता से ही पेश आते रहे हैं. हमारी यही आदत कायरता और दब्बूपन में तब्दील हो गई थी. अपनी इसी दब्बूपन वाली कायराना नीति के कारण हमने पिछले तीन दशकों में बहुत कुछ खोया. जम्मू-कश्मीर सहित देश के अनेक हिस्सों में हमने अनेकों आतंकी हमले झेले और हजारों बहादुर सैनिक, पुलिस के जवान और निर्दोष नागरिक खोये. कश्मीर में घुसपैठ और आतंकी हमले अब लगभग रोज झेलने वाली हमारी एक दुखदायी नियति बन चुकी है, जिसके बहुत हद तक जिम्मेदार भी हम ही हैं.

खैर, ‘देर आये, दुरुस्त आये’ वाली कहावत के अनुसार यह बहुत अच्छी बात है कि अब कुटिल बुद्धि और उदण्ड स्वभाव वाले पाकिस्तान के प्रति हमारी नीति कुछ बदलती हुई सी नजर आ रही है. मुझे लगता है कि यह भी हमारे देश के नेताओं की जागरूकता से नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की सवा सौ करोड़ जनता के मन पाकिस्तान के प्रति बढ़ते आक्रोश के कारण है. अनुभवी और चतुर राजनीतिज्ञ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनता के इस आक्रोश की उपेक्षा नहीं कर सके. पाकिस्तान के प्रति हमारी संशय, कायराना और दब्बूपन वाली ढुलमुल विदेशनीति में परिवर्तन की झलक कुछ दिन पहले ही देशवासियों को मिल गई थी, जब जम्‍मू कश्‍मीर के मुद्दे पर हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पाक अधिकृत कश्‍मीर भी जम्‍मू-कश्‍मीर राज्य और हिंदुस्तान का एक हिस्‍सा है.

इस बैठक में उन्होंने यह भी कहा था कि अब वो वक्‍त आ गया है जब पाकिस्‍तान को बलूचिस्‍तान और पाक अधिकृत कश्‍मीर के लोगों पर की गई ज्‍यादती का दुनिया को जवाब देना पडेगा. प्रधानमंत्री के इस बयान का जोरदार स्वागत देशभर में ही नहीं, बल्कि पाक अधिकृत कश्‍मीर और बलूचिस्‍तान में भी हुआ. प्रधानमंत्री मोदी के बयान से कई दशकों से पाक अधिकृत कश्‍मीर व बलूचिस्‍तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस की क्रूरता और लूटपाट झेल रही आम जनता, मरती हुई मानवता और जोरजुल्म से दबाये गए मानवाधिकारवादी संगठनों को तो मानो एक संजीवनी बूटी ही मिल गई है. सब जानते हैं कि जम्‍मू कश्‍मीर में आज आम लोग जो समस्‍याएं झेल रहे हैं, वो पाकिस्तान की कुटिल कूटिनीति और उसके द्वारा पालित-पोषित व प्रेषित आतंकवाद का ही दुष्परिणाम है.
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प्रधानमंत्री मोदी ने सर्वदलीय बैठक में बिलकुल सही कहा था कि जहाँ इतने सारे घातक हथियार बरामद हों और सीमापार से विदेशी आतंकवादी घाटी में मारकाट हेतु बराबर आ रहे हों तो फिर पाकिस्तान खुद को बेकसूर साबित करने के लिए लाख झूठ बोले, किन्तु दुनिया कभी उसके झूठ और दुष्प्रचार को स्वीकार नहीं करेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने बिलकुल सही कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर में माहौल खराब कर रहा है. कश्मीर में सीमापार आतंकवाद से भारी नुकसान हो रहा है. इस बैठक में पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के खराब हालात पर गहरा दुख जताया था. उन्होंने राष्ट्रीय सुयक्षा से कोई समझौता न करते हुए राज्य के सभी पक्षों को आमन्त्रित कर नए सिरे से शान्ति की पहल करने और विकास के द्वारा जम्मू-कश्मीर के लोगों का भरोसा और दिल जीतने की बात कही थी.

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से आतंकवादियों और नक्सलियों के झूठे दुष्प्रचार से कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में गुमराह हुए युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़ने और देश की मुख्यधारा से जुड़ने की बेहद प्रभावी और मार्मिक अपील की. पाकिस्तान के मामले में अपनी परिवर्तित कूटनीति और विदेशनीति को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से कहा कि मैं बलूचिस्तान, गिलगित और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों के बारे में भी कुछ बोलना चाहता हूं. मोदी ने कहा कि दुनिया देख रही है कि पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों ने मेरा आभार जताया है. उन्होंने कहा कि ‘मैं उनका शुक्रगुजार हूं.’ जिस तरीके से पाकिस्तानी क्षेत्र के लोगों ने मेरा आभार प्रकट किया है, उससे मुझे बेहद खुशी हुई है.

लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का बलूज नेताओं ने काफी स्वागत किया है और भारत सरकार से आगे भी इस मुद्दे पर इसी तरह से सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की है. अंत में बस यही कहूंगा कि विगत दिनों हुई सर्वदलीय बैठक और 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर जमकर हमला किया है, इसमें कोई संदेह नहीं, किन्तु उन्होंने कुटिल, क्रूर और शैतान बुद्धि वाले छोटे भाई पाकिस्तान का अभी कान भर ही पकड़ा है, उसे भारत की महान नेता स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की तरह से उमेठा नहीं है. उन्होंने सन 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग कर एक निर्णायक, ऐतिहासिक और बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की थी. देंखे, अब पीएम मोदी पाक अधिकृत कभ्मीर, बलूचिस्तान और गिलगित के मामले में ठोस धरातल पर कुछ कर भी पाते हैं या नहीं?

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आलेख और प्रस्तुति= सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी, प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम, ग्राम- घमहापुर, पोस्ट- कन्द्वा, जिला- वाराणसी. पिन- 221106
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
August 17, 2016

अब तक हम पाकिस्तान के साथ सिधाई और नम्रता से ही पेश आते रहे हैं. हमारी यही आदत कायरता और दब्बूपन में तब्दील हो गई थी. अपनी इसी दब्बूपन वाली कायराना नीति के कारण हमने पिछले तीन दशकों में बहुत कुछ खोया.

sadguruji के द्वारा
August 17, 2016

जम्मू-कश्मीर सहित देश के अनेक हिस्सों में हमने अनेकों आतंकी हमले झेले और हजारों बहादुर सैनिक, पुलिस के जवान और निर्दोष नागरिक खोये. कश्मीर में घुसपैठ और आतंकी हमले अब लगभग रोज झेलने वाली हमारी एक दुखदायी नियति बन चुकी है, जिसके बहुत हद तक जिम्मेदार भी हम ही हैं.

sadguruji के द्वारा
August 17, 2016

विगत दिनों हुई सर्वदलीय बैठक और 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर जमकर हमला किया है, इसमें कोई संदेह नहीं, किन्तु उन्होंने कुटिल, क्रूर और शैतान बुद्धि वाले छोटे भाई पाकिस्तान का अभी कान भर ही पकड़ा है, उसे भारत की महान नेता स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की तरह से उमेठा नहीं है, जिन्होंने सन 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग कर एक निर्णायक, ऐतिहासिक और बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की थी.

sadguruji के द्वारा
August 17, 2016

देंखे, अब पीएम मोदी पाक अधिकृत कभ्मीर, बलूचिस्तान और गिलगित के मामले में ठोस धरातल पर कुछ कर भी पाते हैं या नहीं?

Shobha के द्वारा
August 17, 2016

श्री आदरणीय सद्गुरु जी बहुत अच्छा लेख भारत पकिस्तान की नजर में उनसे दबने वाला राष्ट्र है हमारी विदेशी नीति भी यही रही है की निति भी ऐसी रही है मोदी जी ने लाल किले से मजबूत विदेश नीति का परिचय दिया बहुत अच्छा लेख

sadguruji के द्वारा
August 19, 2016

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट को पसंदकर उसे सार्थकता प्रदान करने के लिए धन्यवाद ! आपकी बात से सहमत हूँ कि मोदी जी ने लाल किले से मजबूत विदेश नीति का परिचय दिया है ! इसी कि जरुरत भी थी ! सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
August 23, 2016

जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के कथनानुसार उनके राज्य के लोग पिछले पांच सप्ताह से कश्मीर घाटी को हिलाकर रखने वाली हिंसा और उथल-पुथल के लिए दोषी नहीं हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के केंद्रीय नेतृत्व को जम्मू एवं कश्मीर में गड़बड़ी के लिए दोषी ठहराया। उन्होंने भारत और पाकिस्तान को संवाद के लिए हाथ मिलाने का सुझाव भी दिया।

sadguruji के द्वारा
August 23, 2016

मीडिया में छपी ख़बरों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में शिष्टमंडल से मुलाकात में प्रधानमंत्री ने राज्य की स्थिति पर गहरी चिंता और पीड़ा जताई और घाटी में सामान्य स्थिति कायम किए जाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जम्मू कश्मीर राज्य के साथ है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी राजनीतिक दलों को जनता से संपर्क साधना चाहिए और इस बात से अगवत कराना चाहिए।

sadguruji के द्वारा
August 23, 2016

कश्मीर घाटी में युवाओं की पत्थरबाजी भले ही राज्य और केन्द्र सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन दूसरी तरफ एक अच्छी खबर यह भी है कि जम्मू कश्मीर के छात्र देश की मुख्य धारा से जुडना चाहते हैं। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के मुताबिक जम्मू कश्मीर राज्य के लिए जो विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है उसके तहत उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए युवा छात्रों में खासा उत्साह दिख रहा है। यहां तक कि वे इसके लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर निकलने को भी तैयार हैं। इतना ही नहीं बल्कि सीविल सर्विसेस में सफल हुए जम्मू कश्मीर के छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है।

sadguruji के द्वारा
August 23, 2016

ख़बरों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बलूचिस्तान की आजादी के पक्ष में आवाज बुलंद किए जाने पर उसका जोरदार समर्थन करने के लिए पाकिस्तान ने शीर्ष तीन बलूच राष्ट्रवादी नेताओं के खिलाफ राष्ट्रद्रोह सहित पांच मामले दर्ज किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बलूचिस्तान एवं पीओके के लोगों पर पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों का मामला उठाने के लिए जहाँ एक तरफ बलूचिस्तान के लोगों ने उनका धन्यवाद किया है। वहीँ दूसरी तरफ पाकिस्तान ने कहा है कि मोदी ने बलूचिस्तान के बारे में बात करके ‘लक्ष्मण रेखा’ लांघी है। यही नहीं, बल्कि उसने यह बन्दर घुड़की भी दी है कि वह अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में कश्मीर का मुद्दा उठाएगा।


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