सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

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ऐसी अपमानजनक हरकतें केंद्र सरकार अब और बर्दास्त न करे- जागरण फोरम

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम सैयद मोहम्मद नुरूर रहमान बरकती ने कोलकाता के प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ फतवा जारी करते हुए कहा कि जो भी प्रधानमंत्री के सिर के बाल व दाढ़ी का मुंडन करेगा उसे 25 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा. शाही इमाम बरकती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की घोषणा कर पाप किया है और यह फतवा उसी का दंड है. जो भी इस फतवे पर कार्रवाई करेगा उसे ऑल इंडिया माइनोरिटी फोरम तथा ऑल इंडिया मजलिस-ए-शूरा की तरफ से 25 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा. गौरतलब बात यह है कि जब शाही इमाम फतवा जारी कर रहे थे, उस वक्त तृणमूल कांग्रेस के सांसद इदरीश अली भी मौजूद थे और उन्होंने मेज थपथपा कर शाही इमाम का समर्थन किया. ऑल इंडिया माइनोरिटी फोरम के चेयरमैन तृणमूल सांसद इदरीश अली हैं और ऑल इंडिया मजलिस-ए-शूरा के चेयरमैन शाही इमाम बरकती हैं.

इस तरह का राष्ट्र विरोधी फतवा देना और तृणमूल सांसद इदरीश अली का उसे समर्थन देना कितना निंदनीय है इसे शब्दों में बयान करना कठिन है. इस तरह की अक्षम्य, असंवैधानिक, अशोभनीय और अलोकतांत्रिक गतिविधियां पश्चिम बंगाल को एक दिन तालिबानी राज्य बना डालेंगी, इसमें कोई संदेह नहीं. ऐसे तालिबानी सोच वाले लोंगो के लिए कायदे से न्यायसंगत दंड तो यही है कि फतवे वाला जैसा दंड जो देश के प्रधानमंत्री को ये लोग देना चाहते हैं, ठीक वैसा ही दंड इन्हें सार्वजनिक रूप से भारत के प्रधानमंत्री का अपमान करने के लिए दिया जाए, क्योंकि देश के प्रधानमंत्री का अपमान करना देश का अपमान करना है. ऐसे देशद्रोही लोंगो को किसी भी सूरत में क्षमा नहीं किया जाना चाहिए. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में फतवे जारी करना दंडनीय अपराध घोषित किया जाना चाहिए. देश का एक संविधान है, जो सर्वोपरि है. कोई भी धर्म या उसके समर्थकों द्वारा जारी फतवा संविधान से ऊपर नहीं है.

शाही इमाम सैयद मोहम्मद नुरूर रहमान बरकती धार्मिक जूनून की सभी हदें पर करते हुए कितने मनबढ़ू हो गए हैं इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कुछ समय पहले उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ फतवा जारी कर उन्हें पत्थर मारकर राज्य से बाहर निकालने की बात कही थी. यही नहीं, बल्कि ये जनाब बांग्लादेश की प्रख्यात लेखिका तसलीमा नसरीन के खिलाफ भी फतवा जारी कर चुके हैं. सैयद मोहम्मद नुरूर रहमान बरकती ने तसलीमा नसरीन के खिलाफ फतवा जारी करते हुए कहा था कि लेखिका के मुंह पर कालिख पोतने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा. हालांकि बाद में पश्चिम बंगाल के बुद्धिजीवियों द्वारा विरोध करने पर वो अपने फतवे से पलट गए थे. ऐसे लोंगों को पढेलिखे बुद्धिजीवियों और यहाँ तक कि अपने समाज के आम मुसलामानों का समर्थन भी हासिल नहीं है. दरअसल बरकती जैसे लोंगो को तृणमूल कांग्रेस की शह और शरण मिली हुई है, जो पीएम मोदी से नोटबंदी के कारण इन दिनों नाराज चल रही है.

ये सच है कि नोटबंदी से हिन्दू और मुसलमान सभी को परेशानी उठानी पड़ी है, लेकिन जो देशहित को सर्वोपरि मानते हैं, उन्हें तकलीफ उतनी नहीं हो रही है जितनी कालाधन बटोर के रखने वालों को रही है. कालेधन का सबसे ज्यादा उपयोग चुनाव के समय होता है. कालेधन के बलपर चुनाव लड़ने और जीतने वाले राजनीतिक दल नोटबंदी के बाद से बिना पानी के मछली की तरह छटपटा रहे हैं. नोटबंदी को लेकर तृणमूल कांग्रेस की पीएम मोदी से खुन्नस समझ में आती है, किन्तु ऐसी भी क्या नाराजगी की देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ही भद्दी टिप्पणी करना शुरू कर दो. तृणमूल कांग्रस के एक सांसद कल्याण बनर्जी ने हुगली के रिसड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की तुलना न सिर्फ ‘किन्नर’ से की, बल्कि उन्होंने यहाँ तक कहा कि भाषण देते वक्त पीएम सर्कस के जोकर लगते हैं. ये तो सीधे सीधे देशद्रोह वाली हरकतें हैं. देश के संवैधानिक पीएम के खिलाफ ऐसी अपमानजनक हरकतें केंद्र सरकार अब और बर्दास्त न करे.

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आलेख और प्रस्तुति= सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी, प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम, ग्राम- घमहापुर, पोस्ट- कन्द्वा, जिला- वाराणसी. पिन- 221106
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
January 10, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी सामयिक लेख कुछ खबरें ऐसी होती हैं जिन्हें हम सुन नहीं पाते आपके लेख से समाचार जाना दुःख हुआ हमारे देश के प्रधानमन्त्री के लिए ऐसे शब्द वह भी फतवा देना कलकत्ता के नेता जी मेज थपथपा रहे हैं चिट फंड घोटाला किया गरीबों का पैसा हडप गये अब इमाम से फतवे की राजनीती कर रहे हैं प्रजातंत्र में मौलिक अधिकारों का दुरूपयोग इनके अपशब्दों से क्या फर्क पड़ता है उलटा ऐसे लोगों के खिलाफ तर्क आता है

sadguruji के द्वारा
January 10, 2017

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ फतवा जारी करने वाले कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के इमाम ने लाइव चैनल पर बैठकर पाकिस्तानी मूल के मशहूर कैनेडियाई लेखक तारिक फतह को गर्दन काटने की धमकी दे डाली ! इसके अलावा भी इमाम ने चर्चा के दौरान कई आपत्तिजनक बातें कही ! पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस वाली सरकार अपने इस सपोर्टर पर कोई कार्यवाही नहीं करने वाली, अब केंद्र सरकार को कोई सार्थक और त्वरित कदम उठाना चाहिए !

sadguruji के द्वारा
January 10, 2017

एक लेख में महिला मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मुखिया शाईस्ता अम्बर के फतवों के बारे में विचार छपे थे, जिसमे वो बिलकुल सही बात कहती हैं, “फतवे ऐसे नहीं जारी होने चाहिए कि किसी को डर लग जाए, दहशत हो जाए. मैं तो आगे बढ़ कर कहना चाहूंगी कि आम मुसलमान अल्लाह से कम डर रहा है, फतवों से ज्यादा डर रहा है और पीछे हट जा रहा है ! फतवे ही जारी करने हैं तो यह करो न कि औरतों और महिलाओं के लिए शिक्षा लाजिमी होगी ! बिना पढ़े कोई लड़की नहीं रह सकती !”

sadguruji के द्वारा
January 10, 2017

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! आपने बिलकुल सही कहा है कि चिट फंड घोटाला कर गरीबों का पैसा हडप जाने वाले लोग अब इमामों के जरिये फतवे की राजनीति कर रहे हैं ! नोटबंदी के खिलाफ इनके सारे विरोध प्रदर्शन फ्लॉप शो साबित हुए ! देश की जनता पीएम मोदी के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ी रही ! सादर आभार !

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
January 11, 2017

आदरणीय सदगुरू जी सटीक लिखा है आपने । मेरा भी मानना है कि ऐसे मामलों मे सरकार को सख्त कार्रवाही करनी चाहिए वरना एक दिन न देश का सम्मान रहेगा और न ही किसी प्रधानमंत्री का । वोट की राजनीति इस देश को कहीं का नही छोडेगी ।

sadguruji के द्वारा
January 16, 2017

आदरणीय विष्ट जी ! सादर अभिनन्दन ! आप सही कही रहे हैं कि वोट की राजनीति के कारण ये सब हो रहा है, जो देश को आगे नहीं,बल्कि पीछे ही ले जायेगी ! ब्लॉग पर समय देने के लिए और पोस्ट कि सराहना के लिए सादर आभार !


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