सद्गुरुजी

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रविशंकर प्रसाद जी ने क्यों कहा कि हमें मुसलमानों का वोट नहीं मिलता? -राजनीति

Posted On: 23 Apr, 2017 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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“15 राज्यों में हमारी सरकार है, 13 राज्यों में हमारी पार्टी के मुख्यमंत्री हैं और हम लोग देश की सत्ता भी संभाल रहे हैं. क्या हमारी सरकार ने अब तक किसी भी मुस्लिम को परेशान किया? क्या हमने किसी मुसलमान से उसकी नौकरी छीनी है? मुझे पता है कि हमें मुसलमानों का वोट नहीं मिलता, लेकिन क्या हमारी सरकार उन्हें उचित सुविधा नहीं दे रही?” शुक्रवार को एक मोटर वेहिकल कंपनी के कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय दूरसंचार मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने यह बयान क्या दे दिया, देश के राजनीतिक गलियारे और सोशल मीडिया में हंगामा खड़ा हो गया. अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए सनसनीखेज मुद्दे की तलाश में हमेशा रहने न्यूज चैनलों को भी सेक्यूलर और साम्प्रदायिक दोनों तरह के लोगों को अपने स्टूडियों में इकट्ठा कर उनके बीच गर्मागर्म बहस कराने एक अहम् मुद्दा हाथ लग गया. टीवी पर बहस के लिए जुटे विभिन्न दलों के नेताओं ने एक दूसरे की तीखी आलोचना करते हुए अपने मन की भड़ास निकाली और दर्शकों ने विभिन्न दलों के प्रति अपनी अच्छी बुरी सोच के अनुसार उनकी बहस का भरपूर लुत्फ़ भी ले लिया. हमारे देश में किसी मंत्री ने समुदाय विशेष या जाति-धर्म के खिलाफ कुछ कहा नहीं कि मीडिया और सोशल मीडिया पर उसे तुरंत साम्प्रदायिक रंगरूप प्रदान कर दिया जाता है और सियासी पार्टिया अपना नफा-नुकसान देख बयान देने लगती हैं.

हीरो ग्रुप के माइंडमाइन समिट में हिस्सा लेने पहुंचे बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने जो कुछ भी कहा, उसके असली निहितार्थ को समझने की कोशिश बहुत कम लोगों ने ही की होगी. उनका बयान उनके मन के किसी कोने में छुपी इस बात की गहरी हताशा और निराशा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और अनेक राज्यों में सत्तासीन भाजपा सरकारें जाति और धर्म का भेदभाव किये बिना सभी लोंगो के विकास में विश्वास रखती है और जमीनी धरातल पर बिना किसी भेदभाव के सबके लिए काम भी कर रही हैं, किन्तु फिर भी मुस्लिम समुदाय के वोट उसे क्यों नहीं मिलते हैं? उत्तर प्रदेश के हाल ही के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद मीडिया में कई दिनों तक इस बात की खूब चर्चा होती रही कि बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने भी भाजपा को इस बार वोट दिया है, खासकर तीन तलाक के मुद्दे के कारण मुस्लिम महिलाओं ने भाजपा को खूब वोट दिया है. भाजपा भी इस बात से बेहद खुश थी, किन्तु कुछ दिन बाद जब पार्टी ने चुनावी आंकड़ों पर गौर किया तो उसके होश उड़ गए. उसे सच्चाई का पता चला कि यूपी में जहां भी मुस्लिम आबादी 45 से 50 फीसदी के ऊपर है, वहां पर बीजेपी हारी है. इसका सीधा सा अर्थ है कि वहां उसे मुस्लिम वोट नहीं मिले. यूपी में ऐसी सीटों की संख्या 134 है, जहाँ पर मुस्लिम आबादी 25 फीसदी या उससे ज्यादा है.

हिन्दू वोटरों की एकजुटता के कारण भाजपा इसमें से 104 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि मुस्लिम वोट वहां पर सपा और बसपा में बंट गए. अब यदि भविष्य में सपा, बसपा और कांग्रेस का कोई महागठबंधन बनता है तो भाजपा ये 104 सीटें हार भी सकती है. यूपी के चुनाव में ये मोदी का ही जादू था कि जाति के संकीर्ण दायरे से ऊपर उठकर हिन्दू बीजेपी को वोट दिए. दलितों की एक बड़ी तादात जो बसपा से निराश हो चुकी थी और विकास के मुद्दे पर पीएम मोदी की ओर आशा भरी नजरों से देख रही थी, उसने भी कमल के फूल पर ही बटन दबाना मुनासिब समझा और झारमझार बीजेपी को वोट दिया. पीएम मोदी इस सच्चाई से बखूबी वाकिफ हैं, इसलिए भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलाकर बार बार वो यही सन्देश दे रहे हैं कि दलित और गरीब तबके के विकास की ओर खासतौर से ध्यान दो. इसे आप 2019 के लोकसभा चुनाव की अभी से ही की जा रही विशेष तैयारी भी कह सकते हैं. बीजेपी फिलहाल अभी तो हिन्दू वोटरों को एकजुट कर केंद्र सहित देश के आधे से ज्यादा राज्यों में राज कर रही है, लेकिन उसे भविष्य में महागठबंधन के रूप में एकजुट विपक्ष से भिड़ने के लिए मुस्लिम वोटरों के बीच भी अपनी एक मजबूत घुसपैठ बनानी होगी. यदि भाजपा ऐसा नहीं करेगी तो भविष्य में वो अपने एकजुट विरोधियों को आसानी से परास्त नहीं कर पाएगी. अभी से उसे इस ओर ध्यान देना चाहिए.

शिया और अहमदी जैसे समुदाय के मुस्लिम लोग बहुत पहले से ही भाजपा को वोट देते रहे हैं. इसके साथ तीन तलाक के मुद्दे पर बहुत सी मुस्लिम महिलाएं और कई उदारवादी मुसलमान भी बीजेपी के साथ खड़े नजर आते हैं, बहुत से मुस्लिम लोग बीजेपी में शामिल भी हो रहे हैं, लेकिन मुस्लिम बहुत क्षेत्र की किसी सीट को जीतने के लिए मुस्लिम समर्थकों की ये तादात नाकाफी है. अपने विकास के कामों से मुस्लिम समुदाय को प्रभावित कर इसे और बढ़ाना चाहिए. इसके साथ ही भाजपा में उलजलूल बोलने वाले बहुत से नेता हैं, जो भाजपा रूपी वटवृक्ष के ऊपर मूर्खता वाली कुल्हाड़ी अक्सर चलाते ही रहते हैं. इनके ऊपर भी लगाम कसा जाना जरुरी है. रविशंकर प्रसाद जी बहुत सोच समझकर बोलते हैं. बहुत से विपक्षी नेता पार्टी व विचारधारा से परे जाकर उन्हें पसंद करते हैं. यही वजह है कि मीडिया में अपने बयान पर हंगामा खड़ा होते देखकर उन्होंने अपनी गलती महसूस करते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट कर अपनी सफाई दे डाली. उन्होंने ट्विटर पर कहा, “मोदी सरकार समावेशी समाज में विश्वास करती है और भारत की सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करती है. हम वोट बैंक के आधार पर भारतीय नागरिकों के विकास को नहीं मापते हैं.” “सबका साथ सबका विकास” पीएम मोदी के इस नारे के साथ उनके सारे मंत्री भी चलें, इसी में देश और भाजपा का हित निहित है. जयहिंद.



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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
April 23, 2017

जय श्री राम सद्गुरुजी देश में वामपंथी,सेक्युलर मीडिया और नेता अपनी हार को पचा नहीं प् रहे और आज़ादी के बाद से ये लोग मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करके उनके दिमाग में बीजेपी और राष्ट्रवादी हिन्दुओ के खिलाफ नफरत पैदा कर दी इसीलिए मुस्लिम वोट कम मिलते है लेकिन पार्टी कभी किसी तरह का भेदभाव नहीं करती.ये व्यान बहुत पहले अटल जी ने भी दिया था.लेकिन मीडिया सस्ती लोकप्रियता के लिए ये सब कर रही ममता के राज्य केरल और कर्णाटक में हिन्दू मारे जाते कोइ नहीं बोलता ये दोहरा मापदंड देश के लिए खतरनाक है.

sadguruji के द्वारा
April 23, 2017

आदरणीय रमेश अग्रवाल जी ! जय श्रीराम ! ब्लॉग पर स्वागत है ! काफी दिनों के बाद आप मंच पर आये हैं ! पूरे देशभर में भाजपा की सत्ता में उपस्थिति ज्यों ज्यों बढ़ती जायेगी, त्यों त्यों भाजपा को अछूत और सांप्रदायिक बताने वाली विरोधियों की दशकों पुरानी शातिर राजनीतिक चाल भी निष्फल होती चली जायेगी ! वैसे भी अब तो मुस्लिम भाई बहनों के साथ साथ हर पार्टी के नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं ! सार्थक और विचारणीय प्रतिक्रया देने के लिए धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
April 24, 2017

Pratibha भाजपा हिन्दूवादी पार्टी अवश्य रही है किन्तु भाजपा का हिन्दूवाद वैसा नहीं है जैसा कि सेकुलरों का सेकुलरवाद है. भारतीय सेकुलरवाद सभी सम्प्रदायों को साथ लाने की बात नहीं करता अपितु हिन्दू विरोध और मुस्लिम प्रेम तक ही सीमित रहता है, यही कारण है कि 100 करोड़ हिन्दुओं को 15 मिनट में मारने की बात करने वाला ओवैसि तो सेक्युलर कहलाता है किन्तु सबका साथ सबका विकास की बात करने वाले मोदी को सम्प्रदायिक कहा जाता है. भाजपा को चाहिये कि फर्जी बुद्धिजीवियों के दवाव में आकर मुसलमानों को साधने का मूर्खतापूर्ण प्रयास करने की अपेक्षा समग्र हिन्दुत्व पर ध्यान दे क्यूंकि स्वभाविक रूप से हिन्दू सर्व धर्म समभाव में विश्वास करता है. जब हिन्दुत्व सशक्त होगा तो अन्य सम्प्रदायों को को भी अपने साथ सशक्त करेगा.

sadguruji के द्वारा
April 24, 2017

आदरणीया प्रतिभा जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! शायद आपने लेख को ध्यान से नही पढ़ा है ! लेख मे कहा गया है कि जहां भी मुस्लिम आबादी 45 से 50 फीसदी के ऊपर है, वहां पर बीजेपी हारी है ! यूपी मे अभी फिलहाल ऐसी 30 सीटें हैं, लेकिन तीन चार दशक बाद ऐसी सीटों की संख्या 200 के पार जा सकती है ! इसलिये भविष्य की राजनीति को ध्यान मे रखते हुए भाजपा को अभी से ही उदारवादी मुस्लिमों को अपने साथ ले के चलना चाहिये ! यह राजनीतिक समझदारी है ! 2019 के लोकसभा चुनाव मे भाजपा को शायद महागठबंधन के रूप मे एकजुट विपक्ष का सामना करना पड़े, उससे निपटने के लिये भी उसे देशभर मे अपने वोटरों का विस्तार करना पड़ेगा ! आपकी राजनीतिक विषयों पर वैचारिक दृष्टि यथार्थवादी और दूरदर्शी नही है, इसलिये मुस्लिमों को भाजपा से जोड़ने की सलाह देने वालों को फ्रजी बुद्धिजीवी कह रही हैं ! इस देश को भविष्य मे आगे बहुत आगे ले जाने वाले न तो कट्टर हिन्दू होंगे और न ही कट्टर मुसलमान, बल्कि वो समावेशी प्रवृति वाले उदारवादी हिन्दू और हिन्दुओं के साथ घुलमिलकर रहने वाले उदारवादी मुसलमान होंगे ! पीएम मोदी इसलिये 125 करोड़ भारतीयों के विकास की उन्हे साथ ले के चलने की बात करते हैं ! ब्लॉग पर समय देने के लिये सादर आभार !

rameshagarwal के द्वारा
April 24, 2017

जय श्री राम आदरणीय सद्गुरुजी वैसे तो हम पिछले २१ वर्ष से बीमार है लेकिन ३१ दिसंबर को कानपूर के कार्डियोलॉजी में भर्ती हुए जहाँ पेस मकर लगाया गया था लेकिन ४ महीने बाद भी बहुत कमजोरी है कुछ काम नहीं होता लेकिन इस फारम से लगाव है इसलिए आ गए.

sadguruji के द्वारा
April 24, 2017

आदरणीय रमेश अग्रवाल जी ! जय श्रीराम और सादर अभिनन्दन ! मंच पर काफी समय से आपकी अनुपस्थिति के कारण हमलोग भी सोच रहे थे कि इन दिनों आप कहाँ हैं ? अब आपके स्वास्थ्य की पूरी जानकारी मिली है ! ईश्वर से प्रार्थना है कि आप शीघ्र से शीघ्र स्वस्थ हों ! मंच से आपका लगाव काबिलेतारीफ है ! पूरी तरह से स्वस्थ नहीं होने पर भी आप मंच पर समय देते रहे हैं ! आपकी जिजीविषा यानि जीवन को अपने मन मुताबिक़ जीने की आकांक्षा और मंच के प्रति आपके असीम प्रेम को मैं सलाम करता हूँ ! सादर आभार !

Shobha के द्वारा
April 27, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी कई मुस्लिम बड़ी शान से कहते हैं थोड़े से ही नाम मात्र मुस्लिम भाजपा को वोट देते हैं हम तो कभी सोच भी नहीं सकती हाँ शिया मुस्लिम और अबकी बार ट्रिपल तलाक पर रोक के लिए मुस्लिम ओरतों ने भी भाजपा को वोट किया है चैनल चाहें जिधर भी विषय और किसी के कथन को मोड़ दें उन्हें टीआरपी बढानी हैं बढिया लेख

sadguruji के द्वारा
April 27, 2017

आदरणीया शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन ! बीजेपी को भी अपने आप को बदलना होगा ! बिना भेदभाव के कार्य कर उन्हें प्रभावित करना होगा ! सबसे बड़ी बात ये कि उनके मन का भय दूर कीजिये ! तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के लिए यदि बीजेपी कुछ कर पाती है तो निश्चित रूप से यह मुल्क के लिए बड़े गर्व और ख़ुशी कि बात होगी ! पोस्ट की सराहना के लिए धन्यवाद !


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