सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

503 Posts

5535 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 15204 postid : 1327043

दिल्ली नगर निगम चुनाव समीक्षा: 'कूड़ा भाजपा ने किया और झाड़ू आप पर चल गई'

Posted On: 27 Apr, 2017 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

दिल्ली नगर निगम के चुनाव में लगातार तीसरी बार विजय हासिल करने पर भाजपा को बधाई. आप और कांग्रेस जैसे उसके विरोधियों को अचरज हो रहा है कि भाजपा दिल्ली महानगर की तीनों निगमों की सत्ता पर लगातार तीसरी बार काबिज होने में कैसे सफल हो गई है, जबकि उसने पिछले 10 वर्षों में दिल्ली के लिए कुछ भी काम नहीं किया है. हार से बौखलाए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “ईवीएम से बिना छेड़छाड़ किये इस तरह की प्रचंड जीत संभव नहीं है.” एमसीडी को दुनिया की सबसे भ्रष्ट संस्था बताने वाले आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने एक इंटरव्यू में कहा, “यह 100 प्रतिशत ईवीएम की कारस्तानी है.” आप पार्टी के एक अन्य नेता गोपाल राय ने कहा कि ‘ये ईवीएम लहर है, मोदी लहर नहीं.’ मतदान के कुछ रोज पहले एक इंटरव्यू में केजरीवाल ने कहा था, “ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हुई तो हमें 272 में 200 से ज़्यादा सीटें मिलेंगी.” लेकिन मतदान के बाद कुछ न्यूज चैनलों के एक्जिट पोल में जब भाजपा को 200 से ऊपर सींटें मिलने की भविष्यवाणी की गई तो केजरीवाल गुस्से से आग बबूला हो गए. चुनाव परिणाम आने के एक दिन पहले सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे उन्होंने कहा, “अब अगर हम बुधवार को हारते हैं… नतीजे वैसे ही रहते हैं जैसे कि बीती रात बताए गए हैं, तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे… आम आदमी पार्टी आंदोलन की उपज है, इसलिए पार्टी वापस अपनी जड़ों की ओर लौटने से हिचकिचाएगी नहीं.”

ऐसी अहंकारपूर्ण, अपरिपक्व और अमर्यादित टिप्पणियां ही पिछले कुछ माह से आप पार्टी के निरंतर हो रहे पतन का मूल कारण बन गई हैं. गोवा में वो बुरी तरह से हारी, पंजाब में कुछ ख़ास नहीं कर पाई और अब अपने गढ़ दिल्ली में भी दो वर्ष पहले मिली अपार जन समर्थन वाली अपनी मूल जमापूंजी को ही गंवाती दिख रही है. दिल्ली नगर निगम के चुनाव से पहले आप पार्टी के सारे नेता सीना तान के कह रहे थे कि ‘यह चुनाव अरविन्द केजरीवाल के दो साल के कामकाज पर जनमत संग्रह है.’ चुनाव में मिली करारी हार के बाद वही नेता मुंह छुपाते फिर रहे हैं और अब कह रहे हैं कि इस परिणाम को जनता का हमारी पार्टी को दिया गया जनमत संग्रह नहीं कह सकते हैं.’ वो बहाने भी बना रहे हैं कि ‘शीला दीक्षित भी एमसीडी में 2 बार हारीं लेकिन चुनाव में जीतती रहीं.’ लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को जनता द्वारा जनमत संग्रह के द्वारा कभी भी बर्खास्त करने का अधिकार देने की पुरजोर वकालत करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कभी ‘राईट टू रिकॉल’ का शगूफा छोड़ते थे. दिल्ली के तीनों निगमों में बुरी तरह से चुनाव हारने बाद अब इस मुद्दे पर अरविन्द केजरीवाल की बोलती बंद हो गई है. अब वो और उनकी पार्टी के दूसरे नेता बोल रहे हैं तो सिर्फ ईवीएम के खिलाफ. सोशल मीडिया पर मसखरी हो रही है कि बेचारी ईवीएम ने भी अपनी बेइज़्ज़ती का बदला ले ही लिया. आप पार्टी द्वारा चुनाव आयोग, ईवीएम और भारतीय लोकतंत्र को बार बार चुनौती देना ही उसकी बुरी पराजय का मूल कारण बना है.

आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले दो साल में दिल्ली में शिक्षा, बिजली, पानी और चिकित्सा आदि जैसे क्षेत्रों में बेशक अच्छा कार्य किया है, किन्तु दूसरे राज्यों में जल्द से जल्द पैर पसारने की महत्वाकांक्षा ही उसे ले डूबी है. केजरीवाल और उनके मंत्री पिछले कई माह से दिल्ली की तरफ ध्यान न देकर कभी गोवा तो कभी पंजाब भागते रहे. दिल्ली की जनता को ये पसंद नहीं आया. उसका गुस्सा तभी नजर आ गया था, जब नगर निगम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले हुए दिल्ली की रजौरी विधानसभा सीट के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की इतनी बुरी पराजय हुई थी कि उसके प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई थी. उसकी वजह थी कि भ्रष्ट व्यवस्था को बदलने के लिये राजनीति में प्रवेश करने वाले आप पार्टी के नेता जब उसी भ्रष्ट व्यवस्था का खुद ही पालनहार बनने लगे तो जनता ने उन्हें नकार दिया. जनता को कभी आप पार्टी के जो नेता भ्रष्ट व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने वाले क्रांतिकरी नजर आते थे, आज वही अराजक और भ्रष्टाचारी नजर आ रहे हैं. आप पार्टी के दिनोंदिन बढ़ते पतन की यह एक सबसे बड़ी वजह है. पिछले एक दशक से दिल्ली के कई क्षेत्रों में फैली गंदगी और तीनों निगमों में ब्याप्त भ्रष्टाचार और लूट की बात किसी से छिपी हुई नहीं है, सारे दिल्लीवासी इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं. दिल्ली नगर निगम के बारे में कभी हाइकोर्ट ने भी बहुत कटु टिप्पणी की थी कि एमसीडी दुनिया की सबसे भ्रष्ट संस्था है.

यह जानने के वावजूद भी दिल्ली की जनता द्वारा तीनों निगमों की बागडोर फिर भाजपा के हाथों में सौपना ‘मोदी मैजिक’ ही कहा जाएगा. यह दिल्ली में केजरीवाल का जादू कम होने और ‘मोदी लहर’ देशभर मे बरकरार रहने का सूचक भी है. चुनाव से कुछ माह पहले नगर निगम कर्मियों ने वक़्त पर वेतन ना मिलने के कारण न सिर्फ काम करना बंद कर दिया था, बल्कि गुस्से के मारे उल्टे सारा कूड़ा करकट उठाकर सड़कों पर फेंक दिया था. सोशल मीडिया में इसी बात को लेकर मनोज नाम के एक सज्जन ने बीजेपी के चुनाव जीतने पर क्या खूब व्यंग्य कसा है, ”कूड़ा भाजपा ने किया और झाड़ू आप पर चल गई.” अब पीएम मोदी को खुद दिल्ली के विकास और नगर निगम में व्याप्त लूट व् भ्रष्टाचार ख़त्म करने की और ध्यान देना होगा, क्योंकि अब उनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर लग चुकी है और दिन पर दिन नजदीक आते 2019 के लोकसभा चुनाव का भी उन्हें सामना करना है. दिल्ली को सुन्दर-साफसुथरा बनाने तथा सभी मूलभूत सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाने में केंद्र सरकार, राज्य सरकार व दिल्ली नगर निगम तीनों एक साथ लगें. ये इस वक्त की जरुरत है और इसी में सबका हित भी है. ये अच्छी बात है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उलजुलूल बोलने वाले अपने स्वभाव के विपरीत खुद को बदलते हुए कहा है कि “मैं भाजपा को तीनों निगमों में जीत की बधाई देता हूं. मेरी सरकार एमसीडी के साथ मिलकर दिल्ली की बेहतरी के लिए काम करेगी.” ऐसा करने में ही अब उनकी भलाई भी निहित है. जयहिंद.

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~आलेख और प्रस्तुति= सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी, प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम, ग्राम- घमहापुर, पोस्ट- कन्द्वा, जिला- वाराणसी. पिन- 221106.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

10 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
April 27, 2017

श्री सद्गुरु जी केजरी वाल जी ट्रबल क्रियेटर हैं उन्होंने तनखा के लिए एमसीडी कर्मचारियों को रुलाया है उन्होंने भी इनके दफ्तरों के आगे कूदा फेका दिल्ली के हर वार्ड में सुबह सायरन बजाती गाडी आती है लेकिन लोग अपनी मर्जी से कूड़ा खिन भी फेक देते हैं बहुत अच्छा लेख इनके राज में इनका फेशल अच्छी तरह हुआ है वैसे दिल्ली की सड़के बदहाल है

sadguruji के द्वारा
April 27, 2017

आदरणीया शोभा भारद्वाज जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आपने सही कहा है कि केजरीवाल जी अपने और दूसरों के लिए संकट उत्पन्न करने वाले महापुरुष हैं ! दरअसल उनकी हर चाल विवाद उत्पन्न करने वाली और बेहद शातिराना होती है ! जनता अब कुछ कुछ उन्हें समझने लगी है ! पूरी तरह से जिस दिन समझ जायेगी, उस दिन दिल्ली कि सत्ता से बाहर हो जाएंगे ! दिल्ली में गंदगी बहुत है और बहुत सी सड़कें बदहाल हैं ! भाजपा को अब काम करके दिखाना होगा ! अच्छा हो कि दिल्ली नगर निगम को पैसा राज्य की बजाय केंद्र सरकार से मिले ! पोस्ट की सररहना करने और ब्लॉग पर कीमती समय देने के लिए सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
April 29, 2017

Rajeev Gupta आदरणीय राजेन्द्र ऋषि जी, जनता ने सोच समझ कर फैसला किया है. जो लोग सफाई कर सकते थे, उनके हाथ मे झाडू थमा दी और जो लोग काम करने की बजाये नौटंकी कर रहे थे, उन्हे दिल्ली से बाहर का रास्ता दिखा दिया. समसामयिक विषय पर ब्लॉग पेश करके आपने इस चर्चा को और आगे बढ़ाया है, उसके लिये आपका हार्दिक आभार एवं अभिनन्दन.

sadguruji के द्वारा
April 29, 2017

आदरणीय राजीव गुप्ता जी ! हार्दिक अभिनन्दन ! आपने सही कहा है कि इस सामयिक मुद्दे पर इस ब्लॉग को पेश कर मैने चर्चा को आगे बढाने की कोशिश की है ! मैने बीजेपी और आप दोनों ही पार्टियों का ही पक्ष रखा है ! तीनों एमसीडी मे भाजपा की विजय को यदि विधानसभा के लिहाज से आज चुनाव होने के एक अनुमानित संदर्भ मे देंखे तो देंखे तो आज की तारीख मे बीजेपी 57 विधानसभा सीटें जीत रही है ! बीजेपी को जनता तीसरी बार झाड़ू जरूर थमाई है, किन्तु इस बार उन्हे झाड़ू लगाना ही पड़ेगा और मोदी व अमित शाह जी को ये देखना भी पड़ेगा कि एमसीडी दिल्ली को सुन्दर और सॉफ सुथरा बना रही है कि नही ? 2019 मे वोटर इसी बात से प्रभावित होंगे ! हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
April 29, 2017

Ravinder Sudan आदरणीय सदगुरु जी, निष्पक्ष लेख के लिये बधाई. बहुत उत्तम विश्लेषन किया है. आम आदमी पार्टी के हारने के पीछे एक कारण यह भी है की जब मीडिया आम आदमी के सही कामों को गलत बता रहा था तो आप ने सफाई देने की जरूरत नहीं समझी. जब एमसीडी सड़कों पर कूड़ा फैला रही थी आप ने अपना कर्तव्य नही किया. भले ही बीजेपी ने आप को बदनाम करने और काम करने में रुकावटें डाली पर वोटरों को तो काम से मतलब है क्यों ऐसा इससे उसे कोई लेना देना नहीं. यही आप की हार का कारण बना.

sadguruji के द्वारा
April 29, 2017

आदरणीय रविन्द्र सूदन जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट की सराहना कर उसे सार्थकता प्रदान करने के लिये धन्यवाद ! आपकी बात से सहमत हूँ कि ‘जब एमसीडी सड़कों पर कूड़ा फैला रही थी आप ने अपना कर्तव्य निर्वाह नही किया !’ वोटरों मे इससे एक गलत संदेश तो गया ही ! प्रतिक्रिया देने के लिये सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
April 29, 2017

Rakesh Minocha यह बात बिल्कुल सच है 10 साल तक बीजेपी के रहते एमसीडी में भ्रष्टाचार खूब फला फूला जिसके कारण दिल्ली में कूड़े के अंबार लग गये. लेकिन जरूरत से ज़्यादा ईमानदारी का ढोल पीटने वाली आप पार्टी ने जो वैचारिक और शाब्दिक कूड़ा फैलाया वो दिल्ली में जगह जगह फैले कूड़े से कहीं ज़्यादा बदबूदार था, जिसके कारण दिल्ली की जनता ने एमसीडी के भ्रष्टाचार को इग्नोर करते हुए केजरीवाल को जबरदस्त पटखनी दे दी. इसका मतलब यह नहीं कि एमसीडी में बीजेपी के करम माफ हो गये. अब एमसीडी में बीजेपी ने कोई सुधार नहीं किये तो बीजेपी से ज़्यादा मोदी जी की छवि को जबरदस्त नुकसान पहुंचेगा.

sadguruji के द्वारा
April 29, 2017

आदरणीय राकेश मीणोचा जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आपसे सहमत हूँ कि ‘अब एमसीडी में बीजेपी ने कोई सुधार नहीं किये तो बीजेपी से ज़्यादा मोदी जी की छवि को जबरदस्त नुकसान पहुंचेगा !’ 2019 के लोकसभा चुनाव मे दिल्ली की सभी सीटें उन्हे जीतना है तो एमसीडी पर नकेल कस उससे दिल्ली को साफसुथरा और मूलभूत सुविधाओं से युक्त बनाना ही होगा ! सादर आभार !

ashasahay के द्वारा
May 2, 2017

आदरणीय सद्गुरू जी आपने  आप और भाजपा दोनों की आँखें खोलने की चेष्टा की है। नकारात्मक राजनीति तो नहीं ही फलती अति आत्म विश्वास से कार्यों की अवहेलना भी  उचित नहीं। बहुत अच्छा विश्लेषण।

sadguruji के द्वारा
May 2, 2017

आदरणीया आशा सहाय जी ! सादर अभिनन्दन ! भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ने ही गलतियां की ! भाजपा ने एमसीडी में दस सालों से राजपाट करते हुए जनता की भलाई के लिए बहुत से ऐसे कार्य हैं, जो नहीं किये और आप ने उसे बदनाम कर अपनी राजनितिक रोटी सेंकने के लिए करने अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं किया, इसलिए दोनों ही दोषी हैं ! जनता प्रधानमंत्री मोदीजी के ऊपर भरोसा करते हुए तीसरी बार एमसीडी की सत्ता भाजपा को फिर सौपी है ! पोस्ट की सराहना करने और ब्लॉग पर समय देने के लिए सादर आभार !


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran