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लालू प्रसाद यादव की प्रेस कांफ्रेंस: एक तीर से कई शिकार करने वाली तिकड़मी चाल

Posted On: 18 May, 2017 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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केंद्र सरकार और बीजेपी 26 मई से लेकर 15 जून तक मोदी सरकार के 3 साल पूरे होने का जश्न मनाएगी. इस जश्न को ‘मोदी फेस्टिवल’ नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है, ‘मेकिंग ऑफ डेवेलपिंग इंडिया’ (Making of developing India). अपनी सरकार की विगत 3 साल के उपलब्धियों की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी खुद देश के 5 शहरों में देंगे, जिसकी शुरुआत 26 मई को वो गुवाहाटी से करेंगे. देशभर के 500 शहरों में मोदी सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता यह कार्य करेंगे. इससे पहले की 26 मई को भाजपा के नेता मोदी सरकार की विगत 3 साल की उपलब्धियों का गुणगान करते, आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने रविवार 14 मई को अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा कि ‘मोदी लोकसभा भंग करें और कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ नए सिरे से आम चुनाव कराएं, क्योंकि उनकी सरकार 2014 के आम चुनाव से पहले किए गए वादे पूरे करने में विफल रही है.’ प्रेस कांफ्रेंस में लालू प्रसाद ने कहा कि जब मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे तब देश में इतनी मंहगाई नहीं थी. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या नोटबंदी से कश्मीर में पत्थरबाजी बंद हो गयी? सौ दिनों के अंदर विदेशों से काला धन आया क्या? विगत तीन वर्षों के दौरान बीफ के निर्यात में भारत को नंबर एक किसने बना दिया?

लालू प्रसाद यादव ने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर विफल साबित करने की कोशिश की है. जबकि सच्चाई इसके ठीक विपरीत है. समय समय पर जारी होने वाले ज्यादातर आर्थिक आंकड़े यही दिखा रहे हैं कि मोदी सरकार के पिछले तीन साल के कार्यकाल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है. आर्थिक मामलों के अधिकतर विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था न सिर्फ सबसे तेजी से विकसित हो रही है, बल्कि नोटबंदी सहित अन्य तमाम तरह के आर्थिक सुधारों के कारण आने वाले समय में दोहरी गति से आगे बढ़ने के लिए भी तैयार हो चुकी है. ज्यादातर अर्थशास्त्री मोदी सरकार के पिछले तीन साल के कार्यकाल को बेहद सफल और क्रांतिकारी बता रहे हैं. लालू प्रसाद यादव कह रहे हैं कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब महंगाई नहीं थी, इसके ठीक उलट आर्थिक आंकड़े बता रहे हैं कि 31 मार्च 2014 तक देश में उपभोक्ता महंगाई दर 9.46 फीसदी थी जो बीते तीन साल में घटकर 3.81 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है. अब देश की आर्थिक उन्नति का दूसरा सटीक आंकड़ा देखिये, 31 मार्च 2014 को 1 डॉलर के एवज में हमें सिर्फ 60 रुपये मिलते थे, अब तीन साल के बाद 1 डॉलर के बदले मुद्रा बाजार में हमें 65 रुपये से अधिक मिल रहा है.

मार्च 2014 में आम आदमी को अपना घर खरीदने के लिए जहां 10-12 फीसदी के ब्याज पर होम लोन मिलता था वहीं अब 8-9 फीसदी पर यह लोन मिल रहा है. वहीं अब केन्द्र सरकार की योजनाओं के तहत गरीब तबके को 4 फीसदी ब्याज पर होम लोन मिल रहा है. रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त तेजी आने वाली है और सस्ता घर पाने का देश के करोड़ों आम लोंगो का सपना अब साकार होने जा रहा है. नोटबंदी से कश्मीर में पत्थरबाजी बंद हो गयी थी, क्योंकि पत्थरबाजों को पैसे नहीं मिल रहे थे, अब पत्थरबाजों को फिर पैसे मिलने लगे हैं. लालू प्रसाद क्या इस बात को समझ नहीं रहे हैं, खूब समझ रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार पर कीचड उछालने के बहाने वो देशद्रोहियों की काली करतूतों का आनंद ले रहे हैं. कालाधन के बारे में भी वो जानते हैं कि विदेशों से कालाधन लाना आसान नहीं है, इसमें समय लगेगा, लेकिन अपने ही देश में बड़ी मात्रा में कालाधन खोजकर सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है. एक और सवाल लालूजी ने किया कि विगत तीन वर्षों के दौरान बीफ के निर्यात में भारत को नंबर एक किसने बना दिया? लालूजी बीफ की चर्चा कर साम्प्रदायिक मुद्दे को हवा देना चाहते थे. वो चाहते हैं कि देश के लोग बीफ के नाम पर मोदी से भड़कें, लेकिन सच्चाई सुनेंगे तो उनकी बोलती बंद हो जायेगी, देश जिस बीफ के निर्यात में नंबर एक बना है, वो गाय नहीं, बल्कि भैंस, भैंसा आदि का मांस निर्यात कर बना है. ‘बीफ’ शब्द का जानबूझकर लालूजी गलत प्रयोग कर रहे हैं.

सब जानते हैं कि चारा घोटाला और जमीनों की अवैध खरीद के मामलों से जूझ रहे लालू प्रसाद यादव कितने शातिर और तिकड़मी दिमाग वाले नेता हैं. इन दिनों वो एक तीर से कई शिकार करने की कोशिश में लगे हुए हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार को पीएम उम्मीदवार इसलिए घोषित करना चाहते हैं, ताकि नितीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुनाव प्रचार में जुट जाएँ और उनका बेटा उपमुख्यमंत्री पद से छलांग मार मुख्यमंत्री बन जाए. लेकिन नितीश कुमार बहुत अनुभवी और चालाक नेता हैं. लालू प्रसाद की शातिराना चाल को समझते हुए उन्होंने साफ़ कह दिया है कि ‘मैं इतना मुर्ख नहीं कि पीएम का उम्मीदवार बनूं.’ लालू प्रसाद और नितीश कुमार दोनों ही राजनीती के बेहद चतुर, अनुभवी और शतरंजी चाल चलने में माहिर खिलाड़ी हैं. एक सोची समझी रणनीति के तहत दोनों आजकल यह कोशिश कर रहे हैं कि मोदी सरकार पर आम सहमति के नाम पर दबाब डालकर आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति माननीय प्रणव मुखर्जी को दुबारा जीता दिया जाए. मुझे नहीं लगता है कि उनके झांसे में आ भाजपा ऐसी गलती करेगी, क्योंकि पहली बार जरुरी बहुमत उसके साथ है और उसे अपनी पसंद का राष्ट्रपति चुनने का ऐतिहासिक मौका हाथ लगा है, जिसे गंवाना नहीं चाहिए. मेरे विचार से विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा या कहिये राजग के पास सबसे बेहतरीन उम्मीदवार हैं. विपक्षी दलों के बीच भी वो काफी लोकप्रिय हैं.

अंत में चर्चित नेता के साथ-साथ कामेडी के भी किंग लालू प्रसाद यादव को लेकर फेसबुक पर सबसे ज्यादा पसंद किये गए दो चुटकुलों का जिक्र करना चाहूंगा. पहला चुटकुला- बॉलीवुड में आजतक ‘चारा’ पर कोई फिल्म नहीं बनी है, यदि ‘चारा’ विषय पर बॉलीवुड में फिल्में बनतीं तो कुछ इस तरह होतीं….
* चारा एक्सप्रेस
* ये दिल मांगे चारा
* एक था चारा
* मिशन चारा
* मैं चारा का दीवाना हूं
* चारा को ना भूल पाएंगे
* बोल चारा बोल
* चारा, कपड़ा और मकान

दूसरा चुटकुला- लालू प्रसाद यादव निर्मल बाबा के दरबार मे समस्या-समाधान के लिए जाते हैं, लेकिन वहां जाने पर पता चलता है कि लालू प्रसाद यादव उनसे से भी अधिक पहुंचे हुए बाबा है. लालू प्रसाद यादव और निर्मल बाबा के बीच की काल्पनिक बातचीत पढ़कर आपको हंसी जरूर आएगी.
लालू :- बाबा जी को प्रणाम.
बाबा :- कहा से आए हो?
लालू ;- घर से.
बाबा :- मेरा मतलब है कहा रहते हो?
लालू :- अब का प्रशनवा पूछ रहे हो, घर मे
ही रहता हूँ ओर का तबेले मे रहूँगा…
बाबा :- नाम क्या है?
लालू :- लालू प्रसाद यादव
बाबा :- लालू की जगह चालू लिखा करो…
लालू :- चालू तो हम हैं ओर देखिये ये लिखने
पढ़ने की बाते ना करे तो ही ठीक रहेगा.
बाबा :- ये चारा क्यूँ आ रहा है बीच मे,,,?
चारा खाया है कभी…?
लालू :- उ तो कई बरस पुरानी बात है अब
तो मामला दब चुका है.
बाबा :- यहीं कृपा रूक रही है, जाओ
थोड़ा चारा खाओ. कृपा आनी शुरू
हो जाएगी.
लालू :- बुड़बक समझे हो का, हम
चारा कैसे
खा सकते है?
बाबा :- तूमने ही तो कहा है
की खाया था
लालू :- उ तो कागजो मे खाया था
बाबा :- तो अब की बार प्लेट मे खाना
लालू :- चल ससुर का नाती कुछ अउर इलाज
बता
बाबा :- ये माया क्यूँ आ रही है बीच मे..?
लालू :- आरे आप गलत दिशा मे जा रहे हैं,
माया तो यूपी मे है तनिक दूसरी ओर
आइए,
ममता को देखिये
बाबा :- मूर्ख मैं उस माया की नहीं. इस
माया की बात कर रहा हूँ, धन की दोलत
की…
लालू :- धन तो सुर्क्षित है, विदेशवा मे है
ना.
बाबा :- तो अपने देश मे लाओ ओर
थोड़ा मेरे
अकाउंट मे डलवाओ.
लालू :- तोहार का ना बा… डलवा दूँ जेलवा मे…?
बाबा :- आप तो गरम हो रहे हैं, कुछ
ठंडी चीज खाइये, रबड़ी ये रबड़ी कहा से
आ रही है बीच मे…?
लालू :- अरे
हो ढोंगी बाबा! हमरी दुलहनिया का नाम
ना लें तो ही ठीक रहेगा,
हमका का बुड़बक समझे हो…
हम देश का नेता है, देश चलाता है अउर तू
हमका चला रहे हो.
बाबा :- प्रभु! गुरुदेव! कोई रास्ता बताइये
की हमारे धंधे को कानूनी लाइसेन्स मिल
जाये.
लालू :- ठीक है जाइए, अपनी कमाई
का आधा हिस्सा हमरे खाते मे डलवाईए अउर हर रोज
लालटेन जलाईए सरकारी कृपा आनी शुरू
हो जाएगी…
(साभार संकलित- फेसबुक- राजनीतिक चुटकुले)



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
May 18, 2017

जय श्री राम आदरणीय सद्गुरुजी बहुत सुन्दर लेख लेकिन लालू यादव के बुरे दिन शुरू हो गएहै.पहले सर्वोच्च्न्ययालय ने झारखण्ड हाई कोर्ट की लालू को जमानत देने के फैसले पर नारजगी दिखाते 9 महीने में फैसला देने का आदेश दिया अभी हॉल बे उनके और परिवार के २६ जगहों पर बेनामी सम्पति के मामले में छापे पड़े .देश का दुर्भग्य की विरोधी इतने हताश है की केवल एक अजेंडे मोदी हटाओ पर राजनीती कर रहे .ममता,केजरीवाल,कांग्रेस,लालू कुर्सी के लिए देश को भी बेच सकते.कुछ मीडिया का भी बुरा हॉल है मोदीजी के खिलाफ काम कर रहे.आपकी लिखने की स्टाइल बहुत अच्छी है.जिसके लिए बधाई.

sadguruji के द्वारा
May 20, 2017

आदरणीय रमेश अग्रवाल जी ! जय श्रीराम ! सादर अभिनन्दन ! आप सही कह रहे है कि लालूजी के बुरे दिन चल रहे हैं ! दरअसल राजनीति अब कमाई का जरिया और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है ! अब जनसेवा या राष्ट्रसेवा की भावना नेताओं में दिन पर दिन कम होती चली जा रही है ! मोदी को हटाने की बेचैनी भी विपक्ष को इसीलिए है ! समय समय पर लेखन में थोड़ा बदलाव करना मुझे अच्छा लगता है ! इसे पसंद करने के लिए हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Rajeev Gupta आदरणीय राजेन्द्र ऋषि जी, आपने अपने इस राजनीतिक ब्लॉग मे लल्लू के चारे का तड़का लगाकर उसे काफी रोचक और मनोरंजक बना दिया है. लल्लू समेत विपक्ष के अन्य नेता जिस तरह से मोदी सरकार के 3 सालों के अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कार्यकाल को अनदेखा करने की कोशिश कर रहे हैं, जनता के बीच मे इन लोगों के खिलाफ और भी गुस्सा पैदा हो रहा है, जो आने वाले चुनावों मे साफ दिखाई देने वाला है. एक समसामयिक और रोचक ब्लॉग के लिये आपको बधाई.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय राजीव गुप्ता जी ! हार्दिक अभिनन्दन ! लालूजी की प्रेस कान्फ़्रेंस के बाद सोचा इसी मुद्दे पर कुछ लिखा जाये ! मोदी सरकार भले ही कश्मीर समस्या, नक्सली समस्या और बेरोजगारी जैसी कुछ पुरानी समस्याओं का समुचित हल अभी तक नही ढूंढ पाई हो, लेकिन उसका तीन साल का कार्यकाल भ्रष्टाचार से मुक्त और आर्थिक सुधारों के मामले मे किसी स्वर्णिम युग से कम नही रहा है ! जिन पर तमाम तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, वो नेता भला किस मुंह से मोदी की तारीफ करेंगे ! ब्लॉग लिखने लगा तो फ़ेसबुक पर लालूजी से जुड़े कुछ चुटकुले भी मिल गये ! उन्हे भी इस ब्लॉग मे जगह दे दी ! आपने ब्लॉग को समसामयिक, रोचक और मनोरंजक महसूस किया, इससे ब्लॉग को सार्थकता मिली ! ब्लॉग पर समय देने के लिये हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Indresh Uniyal आदरणीय सदगुरु जी चारा से फिल्मो के नाम और बाबा तथा लालू के संवाद बहुत ही बेहतरीन लगे. पर सुषमा स्वराज को अभी में केन्द्रिय मंत्रिमण्डल में ही देखना चाहूंगा क्योंकि वह बहुत अच्छा काम कर रही हैं. राष्ट्रपति के लिये में लालकृष्ण आडवानी को सही समझता हूँ. एक निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ता के रूप में उन्होने ही भाजपा को बहुत आगे तक बढाया है. यह इनके परिश्रम का फल होगा. दूसरी बात है डालर के बदले 60 से बढ़कर 65 रुपये मिलना मतलब डालर के मुकाबले रुपये की कमजोरी दर्शाता है. जहां मुद्रा के अवमूल्य होने से निर्यात को बढ़ावा मिलता है, रोजगार उत्पन्न होते हैं वही आयात पर बोझ बढ़ता है. यह बड़ा ही मुश्किल का अर्थशास्त्र है. इसलिये रिजर्व बैंक समयानुसार बाजार में डालर डाल कर या कमी करके इसे नियंत्रित करने की कोशिश करता है. मेरे विचार से डालर का भाव 62 रुपये से कम नही होना चाहिये और 65 से अधिक नही. क्योंकि में शेयर मार्केट में दखल रखता हूँ इसलिये यह बात कह पा रहा हूँ.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय इंद्रेश उनियाल जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! पोस्ट की सराहना के लिये धन्यवाद ! राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप मे आडवाणी जी का नाम आपने लिया, पहली पसंद मेरी भी वही हैं, निसन्देह उन्होने भाजपा की बहुत सेवा की है, लेकिन उनकी उम्मीदवारी की राह मे शायद अयोध्या विवाद को लेकर चलने वाला मुकदमा आड़े आये ! इसलिये सुषमा स्वराज जी को मैने चूना ! उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी कारणों से भी शायद ऐसा हो ! डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत तो हुआ ही है ! विदेशी रुपया जो भारत आ रहा है, उसमे तो फायदा है ही ! निर्यात मे डॉलर खरीदते समय ज्यादा रुपया देना होगा, ये बात सही है ! किन्तु रुपये का मजबूत होना हमारी अर्थव्यवस्था और आर्थिक सुधार सही दिशा मे जारी रहने का सूचक है ! ब्लॉग पर समय देने के लिये हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

लालू यादव के दिल्ली, गुड़गांव समेत 22 ठिकानों पर आयकर विभाग ने कल छापा मारा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ के मुताबिक 1000 करोड़ की बेनामी लैंड डील मामले में यह छापेमारी की गई थी. इसके साथ राजद नेता और लालू के करीबी प्रेम चंद गुप् ता के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे. बिहार बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव और उनके परिवार पर जमीन घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे.

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

Leela Tewani प्रिय ब्लॉगर सद्गुरु भाई जी, लालू की रोचक प्रेस कांफ्रेंसवा में ले चलने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. वफा वाले को सब जगह वफा ही दिखती है, जिनकी नज़र में बेवफाई हैं, उन्हें वैसा ही दिखेगा. सावन के अंधे को चारा-ही-चारा. अत्यंत समसामयिक, रोचक, सटीक व सार्थक रचना के लिए आपका आभार.

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

आदरणीया लीला तिवानी जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! चर्चा मे शामिल होने के लिये हार्दिक धन्यवाद ! लालूजी 1000 करोड़ की बेनामी सम्पती बटोरने के मामले मे कल बुरे फंसे हैं ! बेटा बेटी दामाद सभी आरोपों के घेरे मे हैं ! कुछ नेता जनता को मूर्ख बना चुनाव जीतते हैं और सत्ता हथियाने के बाद अपनी आने वाली सात पीढ़ियों तक के लिये लूटपाट कर लेते हैं ! कांग्रेस के नेता चिदम्बरम और उनके बेटे भी धोखाधडी करके बेशुमार धन इकट्ठा करने के मामले मे कल सीबीआई के लपेटे मे आ चुके हैं ! जबतक ऐसे सभी नेताओं पर, चाहे वो किसी भी दल के क्यों न हों, सख्त कानूनी कार्यवाही नही होगी, तबतक न तो भ्रष्ट नेताओं के मन मे कानून का खौफ पैदा होगा और न ही देश से भ्रष्टाचार मिटेगा! पोस्ट को सटीक और सार्थक महसूस करने के लिये हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

लालूजी और उनके परिजन 1000 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति बटोरने के मामले मे बुरे फंसे हैं ! लालूजी के बेटा, बेटी और दामाद सभी आरोपों के घेरे मे हैं ! कुछ नेता जनता को मूर्ख बना चुनाव जीतते हैं और सत्ता हथियाने के बाद अपनी आने वाली सात पीढ़ियों तक के लिये लूटपाट कर लेते हैं ! भ्रष्ट नेताओं द्वारा लूटी गई सरकारी सम्पत्ति वस्तुतः जनता की खून पसीने की गाढ़ी कमाई होती है, जो सरकार को टेक्स के रूप में प्राप्त होती हैं ! नेता सरकारी सम्पत्ति के रूप में जनता का ही धन लूटते हैं ! कांग्रेस के एक बड़े नेता और उनके बेटे भी कल विदेशी निवेश के जरिये धोखाधडी करके बेशुमार धन इकट्ठा करने के मामले मे सीबीआई के लपेटे मे आ चुके हैं ! जबतक ऐसे सभी नेताओं पर, चाहे वो किसी भी दल के क्यों न हों, सख्त कानूनी कार्यवाही नही होगी, तबतक न तो भ्रष्ट नेताओं के मन मे कानून का खौफ पैदा होगा और न ही देश से भ्रष्टाचार मिटेगा !

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

AMIT परम आदरणीय बाबा सदगुरु जी महाराज सादर नमस्कार, लालू ओर कचालू की कथा वांचते वक्त आप ने लिखा की नोतबंदी से आतंकवादी गतिविधिया रुकै थी पर टीन महीने मे ही दूबारा धन आने से फिर चालू हो गयी…. क्यों ना एक बार फिर नोतबंदी कर दी जाये….! बल्कि क्यों ना बंटी बबली सरकार द्वारा नियम ही बना दिया जाये की हर तीन महीने मे नोतबंदी लागू होगी…? बंटी बबली के कहने से नही बल्किआपके कहने पर एक बार हम मान जाते है की देश की अर्थव्यवस्था दुनिया मे सबसे तेज़ी से बड रही है….! पर एसे जोब्लेस आर्थिक विकास का किसको फायदा मिल रहा है….? लाखो पढ़े लिखे नोजवान देश मे खाली बेठे है ओर आंकडो के हिसाब से हर साल केवल आई टी सेक्टर मे है 2 लाख लोग बेरोजगार होने के कगार पर है…. तब डिजिटल इंडिया से क्या लाभ होगा…? हमारा मानना था की साधु जगत से होने के कारण आप को पशु हिंसा करने पर ही एतराज होना चाहिये था पर इधर, आप हमारी मोसी भेंस को काटने का लाभ गिनवा रहे है….! इधर एक बार फिर देश की दूसरी सबसे बड़ी दूधारु माता रेलवे मे सेफ्टी सेस लगा कर आम जनता पर बोझ डालने मे माहिर प्रभु लीला अपरम पार उनको कामधेनु माता की श्रेणी मे स्थान दिलाने मे लगे है… जय हो

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

आदरणीय अमित जी ! सादर अभिनन्दन ! आप एक अच्छे बुद्धिजीवी हैं, ब्लॉग को ध्यान से पढ़ते हैं, इस बात के लिये आपकी तारीफ करूंगा ! लेकिन एक कमी भी है कि अपनी सुविधानुसार बात को किसी भी दिशा मे मोड देते हैं ! बीफ (गाय को छोड़कर अन्य जानवरों के मांस) के निर्यात मे भारत पहले से ही आगे रहा है ! रही बात पशु हिंसा की तो बेशक पशु हिंसा बंद होनी चाहिये ! भारत मे पशु हिंसा बलि और कुर्बानी के रूप मे भी है, वो भी बंद होनी चाहिये ! साधु जगत कहिये, हर जीव से प्रेम या अहिंसा कहिये, उससे जुड़े होने के कारण इस मुद्दे पर कई ब्लॉग लिखे, पर कौन सुनता है ? रही बात नोटबंदी से पत्थरबाजी रुकने की तो आप भी जानते हैं कि वो सत्य था ! बार बार नोटबंदी संभव नही, ये बात सब जानते हैं ! आतंकियों को फंडिग जो रही है, उसे रोकना होगा ! आतंकी तभी कमजोर होंगे, जब उन्हे सपोर्ट करने वाला पाकिस्तान कमजोर होगा ! रही बात बेरोजगारी की तो सरकारी या आईटी सेक्टर की स्थिति सबको मालूम है ! सरकार भी जानती है, इसलिये कौशल विकास के कार्यक्रम को बढ़ावा दे स्वरोजगार को बढ़ावा और पूरी मदद दे रही है ! जो मेहनती हैं और काम करना चाहते हैं, वो कहीं न कहीं रोजगार का रास्ता भी ढूंढ ले रहे हैं और सरकार अपनी तरफ से उन्हे पूरी मदद भी दे रही है ! देश की दिनोंदिन बड़ी तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए बेरोजगारी की समस्या पूर्णत: हल होने मे समय जरूर लगेगा ! ब्लॉग पर समय और प्रतिक्रिया देने के लिये हार्दिक आभार !


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