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भारत कुलभूषण जाधव को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पेश करने की मांग करे..- जंक्शन फोरम

Posted On: 19 May, 2017 Junction Forum में

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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान की जेल में क़ैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में अंतिम सुनवाई तक उन्हें दिए गए मृत्युदंड दिए जाने पर रोक लगा दी है. मात्र एक रुपये की फ़ीस लेकर कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भारत का पक्ष वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने बहुत अच्छे ढंग से रखा और पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को मौत की सज़ा से फिलहाल अंतरिम राहत तो दिला ही दी है. हरीश साल्वे की जितनी भी तारीफ़ की जाए वो कम है. वो कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे के बेटे हैं. बार बार अखाड़े में हारने के वावजूद लड़ने की चुनौती देने वाले और शेखी बघारने वाले पाकिस्ता पर अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले का कोई बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है. कुलभूषण जाधव की सज़ा-ए- मौत पर रोक के बाद पाकिस्तान ने कहा है कि इससे अंतिम फ़ैसले पर कोई असर नहीं पडेगा. पाकिस्तान अब अदालत में पुख़्ता तरीके से अपना पक्ष रखेगा और पुख्ता सबूत भी पेश करेगा. उसके पास फिलहाल एक ही पुख्ता सबूत था, जिसे फर्जी मान इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने देखने तक से मना कर दिया.

पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के कथित इकबालिया बयान का एक फर्जी वीडियो बनाकर जारी किया, जिसमे कुलभूषण जाधव को ये कहते हुए दिखाया गया है कि एक पूर्व नौसेना अधिकारी हैं और उन्होंने साल 2013 से रॉ के लिए काम करना शुरू किया था. पाकिस्तान ने एक मनदढ़न्त कहानी गढ़ ली कि कुलभूषण जाधव भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के कर्मचारी हैं और वो बलूचिस्तान में कई विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहे, जिसमे बहुत से लोग मारे गए थे. इसी गढ़ी गई कहानी के आधार पर पाकिस्तान की एक फौजी अदालत ने किसी भी तरह की काउंसुलर एक्सेस (सलाहकार अथवा वकील की मदद) दिए बिना ही 10 अप्रैल 2017 में कुलभूषण जाधव को जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में मौत की सज़ा सुना दी थी. कुलभूषण जाधव के बारे में पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में जासूसी करते हुए पकडे गए थे, जबकि मीडिया में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार वो उस समय अपने कारोबार के सिलसिले में ईरान गए हुए थे, जहाँ से उन्हें पाकिस्तान में डेरा जमाये और उसके लिए काम करने वाले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा अगवा किया गया.

लश्कर-ए-तैयबा ने ही उन्हें ले जाकर पाकिस्तान के हवाले कर दिया गया. पाकिस्तान ने फिर एक झूठी कहानी गढ़ कुलभूषण जाधव के कथित इकबालिया बयान का एक वीडियो जारी किया, जिसका सोशल मीडिया पर काफी मजाक भी उड़ाया जा रहा है. एक भारतीय यूज़र ने एक पाकिस्तानी यूज़र के ट्वीट के जबाब में क्या खूब लिखा है, ”अगर तीन घंटे के लिए बिलावल की कस्टडी दो तो मैं उनसे मनवा लूंगा कि वो एक एलियन हैं.” बिलावल भुट्टो पाकिस्तान के पूर्व राष्‍ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे हैं. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने भी यातना व दबाब देकर बनाये गए कुलभूषण जाधव के कथित इकबालिया बयान वाले वीडियों को फर्जी माना है. इस षड्यंत्र के पीछे पाकिस्तान का एकमात्र मकसद उसके एक प्रांत बलूचिस्तान में वष्रों से जारी आजादी की मांग के पीछे भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ का हाथ होना साबित करना था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब हो और वो ये झूठा दावा कर सके कि भारत उसके घरेलू मामलों में दखलंदाजी कर रहा है. सारी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आजादी के बाद से ही न सिर्फ कश्मीर में हर तरह से दखल दे रहा है, बल्कि कश्मीर के एक हिस्से (पीओके) को जबरदस्ती हड़प के भी बैठा हुआ है.

ये हमारी भलमनसाहत कहिये या फिर कमजोरी कि पाकिस्तान के आतंकी वजूद को ख़त्म करने की बात तो दूर रही, हम आज तक उसे इतना भी कम नहीं कर पाए कि चैन की सांस ले सकें. वो निरंतर हमारी नाक में दम किये रहता है. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने कुलभूषण जाधव की मौत की सज़ा पर फिलहाल रोक लगाकर कुलभूषण जाधव के परिवार और पूरे भारत के लिए एक बड़ी राहत तो दे ही दी है, किन्तु अभी हमें कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए बहुत लम्बी लड़ाई लड़नी होगी. पाकिस्तान के झूठे सबूतों का ठोस जबाब देना होगा. भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट से अब यह मांग करनी चाहिए कि वो कुलभूषण जाधव को कोर्ट में पेश करने के लिए पाकिस्तान पर दबाब डाले. इससे उनके मुंह से सच भी मालूम हो जाएगा और यह असमंजस भी दूर जाएगा कि पाकिस्तान ने उन्हें अब तक जीवित रखा भी है या नहीं? ऐसा संदेह इसलिए उत्पन्न होता है क्योंकि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के बारे में बार-बार कोशिश करने के वावजूद भी अब तक भारत सरकार को पाकिस्तान सरकार ने कोई भी जानकारी नहीं दी है. उसने यह भी नहीं बताया है कि कुलभूषण जाधव को उसने कहां पर छिपाकर रखा है और वो इस समय कैसे हैं? या तो वो झूठा है या फिर उसे भारत द्वारा कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए कोई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किये जाने का भय है?

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आलेख और प्रस्तुति= सद्गुरु श्री राजेंद्र ऋषि जी, प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम, ग्राम- घमहापुर, पोस्ट- कन्द्वा, जिला- वाराणसी. पिन- 221106.
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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
May 22, 2017

जय श्री राम आदरणीय सद्गुरुजी बहुत सुन्दर तथ्यपूर्ण लेख .पकिस्तान कुलभूषण के मामले में घिर गया लेकिन चीन की वजह से उसे कोइ फिकर नहीं आपने सच कहा की भारत को कुलभूषण को अदालत के सामने पेश होने को कहना चाइये क्योंको कोइ भरोसा नहीं उसे मार दिया गया हो या अधमरा कर दिया हो.साल्वे साहिब ने केवल फीस के नाम पर एक रु लिया और बहुत अच्छी तरह देश का पक्ष रक्खा.उम्मीद है आगे भी हमारी ही जीत होगी और पाकिस्तान का असली दूषित चेह्र्रा विश्व के सामने आ जाएगा.

sadguruji के द्वारा
May 27, 2017

आदरणीय रमेश अग्रवाल जी ! जय श्रीराम ! ब्लॉग पर स्वागत है ! पोस्ट की सराहना के लिए धन्यवाद ! अंतर्राष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण जाधव की पेशी की मांग से पाकिस्तान की पोल पूरी तरह से खुल जायेगी ! भारत को यही मांग करनी चाहिए ! सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Rajeev Gupta आदरणीय राजेन्द्र ऋषि जी, कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने एक तरह से अगवा करके बंधक बना रखा है और उसे किसी के भी सामने पेश करने से बच रहा है. अंतर्राष्ट्रीय अदालत ना सिर्फ कुलभूषण को अदालत मे पेश करने का बल्कि उसे अंतिम फैसला आने तक भारत को सौंपने का आदेश दे. पाकिस्तान अगर यह आदेश ना माने तो उस पर संयुक्त राष्ट्र संघ दंडात्मक कार्यवाही के जरिये इस तथाकथित देश को अपनी औकात याद दिलाये. इस विषय का संज्ञान लेकर आपने तो सामयिक ब्लॉग पेश किया है, उसके लिये आपको बधाई.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय राजीव गुप्ता जी ! हार्दिक अभिनन्दन ! आपसे सहमत हूँ कि अंतर्राष्ट्रीय अदालत को स्पष्ट रूप से पाकिस्तान कोआदेश देना चाहिये कि कुलभूषण जाधव को कोर्ट मे पेश करे और अंतिम फैसला होने तक उसे भारत को सौप दे ! भारत को शायद यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद मे भी उठाना पड़े ! ब्लॉग पर समय देने और पोस्ट की सराहना करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Leela Tewani प्रिय ब्लॉगर राजेंद्र भाई जी, आपने बिलकुल दुरुस्त फरमाया है. अभी हमें कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए बहुत लम्बी लड़ाई लड़नी होगी. पाकिस्तान के झूठे सबूतों का ठोस जबाब देना होगा. भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट से अब यह मांग करनी चाहिए कि वो कुलभूषण जाधव को कोर्ट में पेश करने के लिए पाकिस्तान पर दबाब डाले. आपका सुझाव तारीफ़े-काबिल है. अत्यंत सटीक व सार्थक रचना के लिए आपका आभार.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीया लीला तिवानी जी ! हार्दिक अभिनन्दन ! आप ठीक कह रही हैं कि कुलभूषण जाधव को बचाने के लिये और हिन्दुस्तान वापस लाने के लिये हमे लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ेगी ! आपको सुझाव अच्छे लगे, पोस्ट काबिले-तारीफ और सटीक लगी, इसके लिये हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Indresh Uniyal आदरणीय सदगुरु जी आज एक बात और सामने आ रही है की पाकिस्तान की तरफ से पैरवी करने वाले वकील ख्वार कुरेशी ने 2004 मे यू पी ए सरकार के कहने पर दाभोल परियोजना पर भारत के लिये आई सी जे में मुकदमा लड़ा था और उसमे भारत हारा था. तब सोनिया सरकार को भारत में कोई अच्छा वकील नज़र नही आया था.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय इंद्रेश उनियाल जी ! सादर अभिनन्दन ! आपने एक छिपी हुई जानकारी उजागर की है ! ख्वार कुरेशी अभी पांच करोड़ पाकिस्तान से लेकर केस हारे हैं ! सरकार को पता होना चाहिये कि उसका पक्ष अच्छे ढंग से कौन रख सकता है ! मोदी सरकार ने हरीश साल्वे को चुनकर सही निर्णय लिया ! देशहित मे एक अच्छी बात है कि वो एक रुपये लेकर केस लड़े ! प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

AMIT परम आदरणीय बाबा सदगुरु जी महाराज, सादर नमस्कार, क्या हरीश साल्वे जी ने आर एस एस की सदस्यता ले ली है….? अचानक यह बंटी बबली अंध भक्तगणो की नज़रो मे राष्ट्रवादी केसे बन गये…? ….! मे याद दिलाना चाहूंगे की…….यह वही हरीश साल्वे है जिन्होने याकूब मेनन की सज़ा का विरोध किया था… गुजरात दंगे मे बंटी के खिलाफ मुसलमानो की तरफ से केस लड़े थे…! एन डी टी वी पर बेन लगाने के मुद्दे मे यह उस देशद्रोही चेनल के वकील थे….! दिल्ली के रामलीला मेदान मे क़ाडिये बाबा आमदेव को पड़ी मार के समय यह दिल्ली पुलिस के वकील रहे थे…! हिट एंड रण केस मे सलमान ख़ान के वकील थे….! ओर भोपाल गेस काण्ड मे विदेशी कम्पनी के वकील रह चुके है….! लगता है की भक्तगणो का पूर्ण कॉंग्रेसी कर्ण हो चुका है…..!

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

आदरणीय अमित जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! लेख मे केवल इतना ही कहा गया है कि कुलभूषण जाधव को मौत की सजा से फिलहाल राहत दिलाकर हरीश साल्वे ने तारीफ के काबिल कार्य किया है ! अब बताइये इसमे गॉल्ट क्या है ? उनमे लाख बुराइयाँ हों, लेकिन इस मामले मे उन्होने बेहतरीन काम किया है, जिसकी तारीफ हो रही है और होनी भी चाहिये ! आपसे बहुत से मुद्दों पर अक्सर असहमति रहती है, लेकिन सहमति वाले मुद्दे पर सब आपकी तारीफ करते हैं ! लोकतन्त्र मे इतनी तो सहिष्णुता सबको रखनी ही चाहिये ! ब्लॉग पर समय देने के लिये सादर आभार !


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