सद्गुरुजी

आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तस्वीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?

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कश्मीर समस्या के समाधान की राह: बड़े धोखे हैं इस राह में …- जागरण जंक्शन फोरम

Posted On: 24 May, 2017 Junction Forum में

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बाबूजी धीरे चलना. प्यार में ज़रा सम्भलना
हाँ बड़े धोखे हैं, बड़े धोखे हैं इस राह में
बाबूजी धीरे चलना …
क्यूँ हो खोये हुये सर झुकाये, जैसे जाते हो सब कुछ लुटाये
ये तो बाबूजी पहला कदम है, नज़र आते हैं अपने पराये
हाँ बड़े धोखे हैं इस राह में …
बाबूजी धीरे चलना …

‘काश्मीर प्रेम’ में डूबकर बहुत हद तक आज हमारी यही स्थिति हो चुकी है. हम उन रास्तों पर चल रहे हैं, जो हमें कहाँ ले जाएंगे, हमें कुछ पता नहीं. पिछले 70 सालों में काश्मीर को लेकर अपनाई गई ढुलमुल नीति के कारण बहुत से रास्तों की भूलभुलैया में हम भटक चुके हैं. न्यूज चैनलों पर आये दिन काश्मीर को लेकर जो बहस देखने-सुनने को मिलती है, उसमे कश्मीरियों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद हो या फिर जम्मू कश्मीर के अलगाववादी हुर्रियत नेता अब्दुल ग़नी लोन की बेटी शबनम ग़नी लोन हों, उनकी ज़हरीली बातें सुनकर आपका खून खौलने लगेगा. इंजीनियर राशिद मीडिया पर जब भी मौका मिलता है, यही चिल्लाते हैं, “हिंदुस्तान कश्मीरियों के साथ क्या करता है, ये दुनिया को पता चलना चाहिए. ये मोदी का हिंदुस्तान है, गांधी का हिंदुस्तान नहीं है.” उन्हें अक्सर भारत विरोधी जहर उगलने के कारण न्यूज चैनलों की चर्चा से बहिष्कृत कर दिया जाता है. शबनम ग़नी लोन भारत के सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं, लेकिन अपने को ‘हिन्दुस्तान की बेटी’ नहीं कह सकती हैं और ‘भारत माता की जय’ भी नहीं बोल सकती हैं. ये लोग खुलकर पत्थरबाजों और अलगाववादियों की हिमायत करते हैं.

अलगाववादी नेता अपने अलगाववादी आंदोलन की आड़ में न सिर्फ हिन्दुस्तान को ब्लैकमेल करते रहे हैं, बल्कि कश्मीरी युवकों को गुमराह कर उनसे पथराव कराने तथा सुरक्षा बलों पर हमले तथा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान से मोटी धनराशि भी वसूलते रहे हैं. हाल ही में एक टेलीविजन चैनल के स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कुछ अलगाववादी नेताओं ने कथित रूप से यह स्वीकार किया था कि अलगाववादियों को सुरक्षा बलों पर पथराव तथा हमले करने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान से भारी मात्रा में धनराशि मिल रही है. ये बहुत अच्छी बात है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब इसकी विधिवत जांच शुरू कर दी है. कश्मीर के अलगाववादी नेता हिन्दुस्तान का पासपोर्ट प्रयोग करते हैं, उसका भेजा हुआ अन्न खाते हैं, फिर भी उसी के खिलाफ जहर उगलते हैं और अपने इलाके की दीवारों पर ‘गो इंडिया, गो बैक’ जैसे नारे लिखते हैं, फिर भी हम उन्हें खुश रखने के लिए विशेष सुविधाएं दे रहे हैं? सबसे पहले तो हमें इनसे हर तरह की विशेष सुविधाएं छीन लेनी चाहिए. जब ये लोग उसके काबिल नहीं हैं तो हम क्यों इन्हे पिछले 70 सालों से ‘विशेष सुविधाएं व आर्थिक पॅकेज’ दे रहे हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी कुछ रोज पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में क्रिकेट मैच से पहले खिलाड़ियों ने पाक अधिकृत कश्मीर का राष्ट्रगान गाया. इतना ही नहीं, बल्कि सरकारी स्टेडियम में पाक अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रगान के साथ-साथ जमकर भारत विरोधी नारे भी लगाए गए. इस मैच के आयोजकों और खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. हिन्दुस्तान का खाकर पाकिस्तान के गुण गाने वाले और भी कई भारतीय हैं. प्रसिद्द अभिनेता और बीजेपी सांसद परेश रावल ने जानीमानी लेखिका और बुकर पुरस्कार विजेता अरुंधती रॉय पर ट्वीट किया, ‘पत्थरबाजों को जीप के आगे बांधने की बजाय अरुंधती रॉय को बांधा जाना चाहिए.’ परेश रावल के अनुसार अरुंधती रॉय ने बयान दिया था कि कश्मीर में भारत चाहे जितनी भी सेना क्यों न लगा ले, लेकिन वहां के हालात सुधरेंगे नहीं. ये जानकार सभी हिन्दुस्तानियों को अच्छा लगा कि ‘कॉउंटर इमरजेंसी ऑपरेशन’ यानी कश्मीर में चुनाव के दौरान एक पत्थरबाज को जीप की बोनट से बांधकर नौ कर्मचारियों की जान बचाने और पत्थरबाजों से कड़ाई से निपटने के लिए मेजर गोगोई को आर्मी चीफ ने सम्मानित किया है. निसंदेह इससे सेना का मनोबल बढ़ेगा.

कश्मीर का हम विकास करेंगे, भारतीय कश्मीरियों से मिलकर वहां पर लोकतंत्र भी कायम रखेंगे और उनसे वार्ता भी जारी रखेंगे, मगर अलगाववादियों और पाकिस्तान से प्रेम करने वालों से कोई वार्ता नहीं करेंगे, बल्कि इन्हे जड़ से नेस्तनाबूद करेंगे. हिन्दुस्तान का यही संकल्प है. न्यूज चैनलों पर बहस के दौरान कांग्रेस अक्सर पीडीपी से गठजोड़ कर जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने और चलाने के लिए भाजपा की कटु आलोचना करती है, लेकिन कांग्रेस की शातिर चाल सब समझते हैं. यदि आज बीजेपी और पीडीपी अलग हो जाएँ तो सरकार गिरते ही दिनरात पीडीपी को कोसने वाले कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस दोनों के नेता नई सरकार बनाने के लिए महबूबा मुफ़्ती के द्वार पर जा हाथ जोड़कर खड़े हो जाएंगे और ‘बिल्ली के भाग से छींका टूटा’ वाली कहावत के अनुसार यदि सरकार बन गई तो अपनी मिली जुली सरकार को सीना तान सेक्युलर सरकार बताने लगेंगे. ये तो अच्छा है कि पीडीपी और बीजेपी की समझदारी की वजह से इनकी दाल फिलहाल नहीं गल पा रही है. अंत में मजरूह सुलतान पुरी साहब के लिखे हुए फिल्म ‘आर पार’ के उस गीत के कुछ और बोल प्रस्तुत हैं, जिससे ब्लॉग की शुरुआत मैंने की थी …

ये मुहब्बत है ओ भोलेभाले
कर न दिल को ग़मों के हवाले
काम उलफ़त का नाज़ुक बहुत है
आके होंठों पे टूटेंगे प्याले
बड़े धोखे हैं
हाँ बड़े धोखे हैं इस राह में …
बाबूजी धीरे चलना …



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
May 24, 2017

जय श्री राम आदरणीय सद्गुरुजी आपने जो समस्या उठाई वही भावना ज्यादातर देशवाशियो की है .नेहरूजी की एक गलती और कांग्रेस की ढुलमूल नीतिओ से आज पूरा देश कश्मीर पर भुगत रहा लेकिन हॉल में जो सेना ने जवाब दिया और जिसतरह अलगाव्वाडियो पर शिकंजा कास रहा हालत काबू में होगे.ऐसे मामलो में कार्यवाही टीवी में डिबेट से या बताकर नहीं की जाती..उम्मीद है मोदी जी की सरकार कुछ ठोस कदम उठायेगी लेकिन कुछ कुर्सी के लालची नेता समस्या पैदा कर रहे हैं.

sadguruji के द्वारा
May 27, 2017

आदरणीय डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर जी ! इस लेख को ‘ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल करने से अधिक से अधिक पाठकों तक यह रचना पहुँच सकेगी ! इस अच्छी पहल के लिए हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 27, 2017

आदरणीय रमेश अग्रवाल जी ! जय श्रीराम ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आप सही कह रहे हैं कि कुर्सी और सत्ता के लालची नेता कश्मीर समस्या को हल नहीं होने दे रहे हैं ! मोदीजी बेशक जीजान से कश्मीर समस्या को हल करने में जुटे हुए हैं ! आपकी ये बात भी सही है कि यह समस्या नेहरूजी की देन है ! इस समय कश्मीर में और सीमा पर दोनों जगह सेना जान हथेली पर लेकर दुश्मनों से जूझ रही है ! हम लोग सेना को सेल्यूट करते हैं ! ईश्वर उन्हें अपने मिशन में सफल करें और कश्मीर में जल्द से जल्द अमन चैन कायम हो ! ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Indresh Uniyal आदरणीय सदगुरु जी आपने सटीक गाने के साथ कश्मीर समस्या का सही तालमेल बिठाया और ब्लॉग को चार चाँद लगा दिये।

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय इंद्रेश उनियाल जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट को पसंद कर उसे सार्थकता प्रदान करने के लिये हार्दिक आभार ! ‘आके होंठों पे टूटेंगे प्याले’ कश्मीर समस्या का भी यही हाल है ! कभी सासया कम हो जाती है, कभी बढ जाती है और कभी हल होते होते रह जाती है ! ब्लॉग पर समय देने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Ravinder Sudan आदरणीय सदगुरु जी, बहुत अच्छा लेख. काश्मीर समस्या का हल मोदी जी के प्रधान मंत्रित्व का इम्तेहान है.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय रविन्द्र सूदन जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! पोस्ट की सराहना के लिये धन्यवाद ! आप सही कह रहे हैं कि कश्मीर समस्या को हल करना प्रधानमन्त्री मोदी के लिये सबसे बड़ी चुनौती है ! सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

mahendra कश्मीर का एक ही हल है…….धारा 370 और आर्टिकल 35ए को खत्म किया जाये ताकि कश्मीर भारत का पूर्ण प्रांत बन सके………….विशेष दर्जे के कारण ही……..केन्द्र सरकार के हाथ बंद जाते है…….!

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीय महेन्द्र जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आपका सुझाव सही है कि धारा 370 और आर्टिकल 35ए को खत्म कर जम्मू-कश्मीर को भारत का एक सामान्य राज्य घोषित कर दिया जाना चाहिये ! सर्वोत्तम हल तो यही है, इसकी वजह से केन्द्र सरकार भी कश्मीर मे बहुत कुछ करने मे पूर्णत: स्वतन्त्र नही है, लेकिन ऐसा करने मे अभी समय लगेगा ! ब्लॉग पर आने के लिये और सार्थक व विचारणीय प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

Leela Tewani प्रिय ब्लॉगर सद्गुरु भाई जी, आपने बिलकुल दुरुस्त फरमाया है. पिछले 70 सालों में काश्मीर को लेकर अपनाई गई ढुलमुल नीति के कारण बहुत से रास्तों की भूलभुलैया में हम भटक चुके हैं. अब और भटकने की गुंजाइश नहीं है. इसलिए समय रहते सिर्फ़ बातें नहीं, कुछ काम हुआ दिखना चाहिए. अत्यंत सटीक व सार्थक रचना के लिए आपका आभार.

sadguruji के द्वारा
May 30, 2017

आदरणीया लीला तिवानी जी ! सादर अभिनन्दन ! कश्मीर समस्या के समुचित समाधान हेतु सबकी निगाहें अब प्रधानमन्त्री मोदी पर ही टिकी हुई हैं ! हमेशा मेरी राय यही रही है कि कश्मीर मसाले को हल करना है तो पाकिस्तान पर करारा प्रहार करो, वो जितना कमजोर होता जायेगा, हिन्दुस्तान को उतनी ही राह्त मिलती जायेगी ! दरअसल उसी के बल पर कश्मीर के पत्थरबाज़, आतंकी और अलगाववादी उछलते रहते हैं, आये दिन उत्पात मचाये रहते हैं ! पाकिस्तान शांत हो जाये तो ये सब भी शांत हो जायेंगे ! प्रतिक्रिया देने और पोस्ट की सराहना करने के लिये हार्दिक आभार !


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