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तो क्या भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ फाइनल मैच भी फिक्स था? जागरण जंक्शन मंच

Posted On: 19 Jun, 2017 Junction Forum में

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चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में मैच में पाकिस्तान ने अपने हरफनमौला खेल की बदौलत भारत को 180 रनों से हरा दिया, पहली बार पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी जीता है, उसे बहुत बहुत बधाई. ‘टीम इंडिया’ के खिलाड़ियों की घटिया गेंदबाजी और घटिया बल्लेबाजी से भारतीय क्रिकेट प्रशंसक बहुत निराश हैं और उनमे मातम पसरा हुआ है. मीडिया में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार भारतीय टीम की हार से दुखी और नाराज होकर गुजरात के अहमदाबाद और उत्तराखंड के हरिद्वार में कई लोगों ने अपने टीवी फोड़ दिए. उत्तरप्रदेश के कानपुर में विराट कोहली, अश्विन और युवराज सहित टीम के कई अन्य खिलाड़ियों के पोस्टर जलाए गए. देश में कई जगहों पर भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. जबकि इसके ठीक उलट जम्मू-कश्मीर से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीनगर के शहरी इलाके में पाकिस्तान के जीतने की ख़ुशी में एक तरफ जहाँ पटाखे फोड़े गए और सड़क पर आकर पाकिस्तान की जीत पर गाने गए गए, वहीँ दूसरी तरफ श्रीनगर के ग्रामीण इलाकों में ढोल पीट-पीटकर खुशी मनाई गई.

बुधवार को सेमीफाइनल मैच में जब पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हराया था, तब भी श्रीनगर के कई इलाकों में आतिशबाजी की गई थी और जश्न मनाया गया था. कश्मीर घाटी के बहुत से गुमराह लोग आतंक को बढ़ावा देने वाले आतंकी और फरेबी मुल्क पाकिस्तान को अपना सबसे बड़ा हितैषी समझते हैं. पानी की तरह पैसा बहाकर हर सुख-सुविधा देने वाले अपने मुल्क हिन्दुस्तान से उन्हें नफरत है, ये बात हम सब लोग जानते हैं, इसलिए उन लोगों का पाकिस्तान के प्रति जो काल्पनिक और ‘दूर के ढोल सुहावने’ वाला प्रेम है, वो सरलता से समझ में आ जाता है. लेकिन जो हिन्दुस्तान के प्रेमी हैं, उन्हें क्या हो गया है? अपने टीवी सेट तोड़फोड़ देना और ‘टीम इंडिया’ के खिलाफ नारेबाजी करना तथा खिलाड़ियों के पोस्टर जलाना कहाँ तक जायज है? ये देश या खेल से प्रेम नहीं, बल्कि एक उन्मादी जूनून है. खेल में तो हारजीत होती ही रहती है. दो टीमें यदि फाइनल मैच खेल रही हैं तो उनमे से बेहतर खेलने वाली कोई एक टीम ही विजेता बनेगी. पाकिस्तान से जब भी कोई मैच होता है, भारत में लोग क्रिकेट के खेल का नहीं, बल्कि युद्ध का आनंद लेते हैं.

रविवार को ही लन्दन में हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स 2017 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने तीसरे पूल मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-1 से करारी मात दी. इस जीत पर कितने लोगों ने सड़क पर निकलकर ख़ुशी मनाई और मीडिया ने कितनी उसे तवज्जो दी, ये सब लोग जानते हैं. क्रिकेट के प्रति मीडिया और जनता के बीच उपजे उन्मादी जूनून ने हिन्दुस्तान के दूसरे सभी खेलों को मीडिया की चर्चा से दूर और बौना सा बना दिया है, जबकि बहुत से अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने में अन्य खेलों का क्रिकेट से कहीं ज्यादा योगदान है. देश में सबसे ज्यादा चर्चा क्रिकेट की और क्रिकेट के खिलाड़ियों की होती है, जबकि ये हमारा राष्ट्रीय खेल नहीं है. शायद बहुत से भारतीयों को ये जानकारी भी नहीं होगी कि भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पास इतना ज्यादा धन है कि उसका कुछ हिस्सा भी यदि वो अन्य खेलों के उत्थान में लगा दे तो देश का बहुत नाम रोशन हो. क्रिकेट का हमारे देश में जो क्रेज और ग्लैमर है, दरअसल वो बनावटी है और उसका बहुत बड़ा कारण क्रिकेट का जुए और सट्टेबाजी का अड्डा बनना है.

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में जब बुधवार को पाकिस्तान ने सेमीफाइनल मैच में मेजबान इंग्लैंड को आठ विकेटों से करारी मात देते हुए फाइनल में प्रवेश किया तब पाकिस्तान में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर खुशियां मनाईं, मगर पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर आमिर सोहेल ने एक टीवी न्यूज चैनल पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान सरफराज अहमद को सन्देश देते हुए कहा, ‘आप ये ना पूछ लीजिएगा कि मैच किसने जितवाए हैं? मैं यही जवाब दूंगा कि दुआओं ने और अल्लाह ने मैच जितवाएं हैं. जो बाशिंदे हैं, उनका नाम मैं नहीं लूंगा. उनको ये बताने की जरूरत है कि आपका कोई कमाल नहीं था. आपको यहां किसी वजह से लाया गया है. अब आप अपना दिमाग जरा बेहतर रखें. इतना ज्यादा सर पर चढ़ने की जरूरत नहीं है. हमें आपकी काबिलियत पता है. आप चुप करके क्रिकेट खेलें.’ आमिर सोहेल के अनुसार व्यावसायिक कहिये या सट्टेबाजी के कारणों से इंग्लैण्ड-पाकिस्तान का सेमीफाइनल मैच फिक्स था. तो क्या भारत-पाकिस्तान का फाइनल मैच भी फिक्स था? भारतीय खिलाड़ियों ने जिस घटिया तरीके से फाइनल मैच खेला, वो सवालों के घेरे में तो है ही.



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

दूसरी तरफ क्रिकेट के खेल में उसी दिन लन्दन में ही चैंपियन ट्राफी 2017 का फ़ाइनल मैच भारत-पाकिस्तान के बीच खेला गया. ‘टीम इंडिया’ द्वारा पहले तो गेंदबाजी करने का गलत फैसला लिया गया और उसके बाद घटिया गेंदबाजी व घटिया बल्लेबाजी करके पाकिस्तान के हाथों 180 रनों से बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा. बहुत से सवालों को अनुत्तरित छोड़कर पाकिस्तानी टीम को मैच जीतने के लिए बधाई देते हुए हम मान लेते हैं कि खेल में हारजीत तो होती ही रहती है, लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि ‘टीम इंडिया’ के खिलाड़ी देश और सेना के सम्मान को भी तरजीह नहीं दिए. आतंकी मुल्क पाकिस्तान से हमारे देश की रक्षा करते हुए आये दिन सीमा पर शहीद हो रहे सैनिकों के प्रति सम्मान और पाकिस्तान के प्रति अपनी नाराजगी दिखाने के लिए ‘टीम इंडिया’ के खिलाड़ी भी तो अपनी बांह पर काली पट्टी बाँध के खेल सकते थे, किन्तु उन्होंने ऐसी संवेदना और देशभक्ति नहीं दिखाई. देशवासियों को अब ये सोचना चाहिए कि पैसे कमाने और बारहों महीने मौज-मस्ती में ही व्यस्त रहने वाले हमारे देश के क्रिकेट खिलाड़ी क्या किसी सम्मान के पात्र हैं? ऐसे संवेदनहीन खिलाडियों का बॉयकाट करना चाहिए.

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को वल्र्ड लीग सेमीफाइनल्स 2017 के अपने तीसरे पूल मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-1 से करारी मात दी. ‘हॉकी इंडिया’ के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान से शानदार ढंग से मैच जीतकर 125 करोड़ हिन्दुस्तानियों का दिल तो जीता ही, इसके साथ ही उन्होंने हमारे सैनिकों के प्रति गहरी संवेदना और प्रशंसनीय सम्मान दिखाकर हिन्दुस्तानियों का माथा गर्व से ऊंचा कर दिया. सीमा पर पाकिस्तानी हमलों में शहीद हुए सैनिकों के लिए शोक संवेदना और पाकिस्तान के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करते हुए सभी खिलाड़ियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर पाकिस्तान से मैच खेला. यही नहीं बल्कि भारतीय टीम के समर्थन में पूरे स्टाफ ने भी काली पट्टी बांधी. हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है और ‘हॉकी इंडिया’ के सारे खिलाड़ी पूरी तरह से राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत हैं. ‘हॉकी इंडिया’ के सभी खिलाड़ियों और उसके स्टाफ को हम सेल्यूट करते हैं.

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

AMIT परम ग्यानी बाबा सदगुरु जी महाराज, चरण वंदन, आपके इस लेख पर मे थोड़ी असहमति रखता हु…. पाकिस्तान से हार पर लोग तरहा तरहा से विचार रख रहे है….. जबकि हमारे खिलाड़ियो ने खेल पूरी खेल भावना से खेला,… पिछले 3 सालो से लगातार देशवासियो को सबका साथ सबका विकास बंटी सरकार द्वारा सिखाया जा रहा है…. सो भारतीय खिलाड़ियो ने इसी बात के चलते पाकिस्तान को साथ रखते हुए उनका विकास कर डाला है…. बी सी सी आई ने भी कंगाल हो चुके पाकिस्तान क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड का सबका साथ ओर सबका विकास के अंतर्गत पूरा पूरा खयाल रखा है…. इस पर भी बेचारे भारतीय क्रिकेटर अंधभक्तो की गालिया खाने को मोहताज़ है….

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

आदरणीय अमित जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! ब्लॉग से असहमति आपका लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसका पूरा सम्मान करता हूँ ! प्रतिक्रिया मे आपने एक बात कही है कि पाकिस्तान क्रिकेट क्न्त्रोल बोर्ड कंगाल हो चुका है और बीसीसीआई उसकी मदद कर रही है ! हो सकता है कि सटोरिये भी उसकी मदद कर रहे हों ! ब्लॉग पर समय देने के लिये सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

Leela Tewani प्रिय ब्लॉगर सद्गुरु भाई जी, आपने बिलकुल दुरुस्त फरमाया है. खेल को खेल भावना से ही खेलना-देखना चाहिए. सट्टे की संभावना भी सर्वथा निर्मूल नहीं हो सकती, इसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए. अत्यंत सटीक व सार्थक रचना के लिए आपका हार्दिक आभार.

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

आदरणीय लीला तिवानी जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आपने ठीक कहा है कि क्रिकेट मे जारी सट्टेबाजी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये ! कोई भी खेल खेल न रहकर जुएबाजी का अड्डा बन जाए तो उसकी जांच के साथ साथ दोषियों को सजा भी मिलनी चाहिये ! पोस्ट की सराहना के लिये और ब्लॉग पर समय देने के लिये धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

Rajeev Gupta आदरणीय राजेन्द्र ऋषि जी, सट्टेबाज़ी के चलते क्रिकेट के खेल की गरिमा किस तरह तार तार हुई है, उसका आपने ठीक से विश्लेषन करके सही सवाल उठाया है. भारत पाकिस्तान के बीच हुआ मैच फिक्स था, इस पर किसी को भी संदेह नही है. सरकार का अब यह फ़र्ज़ बन जाता है कि सभी क्रिकेट खिलाडियों की चल-अचल संपत्ती की जांच कराके इस बात का भंडाफोड़ करे कि कौन कौन इस सट्टेबाज़ी मे शामिल था. सामयिक एवं विचारोत्तेजक ब्लॉग प्रस्तुत करने के लिये आपका हार्दिक आभार एवं अभिनन्दन

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

आदरणीय राजीव गुप्ता जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट से सहमति जताने और उसकी सराहना कर सार्थकता प्रदान करने के लिये हार्दिक आभार ! आपने बिल्कुल सही कहा है कि न सिर्फ भारत-पाकिस्तान के बीच हुए फाइनल मैच की बल्कि खिलाडियों की अथाह संपत्ति की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये ! क्रिकेट जुएबाजी और सट्टेबाजी का अड्डा तो बन ही गया है ! सार्थक और विचारणीय प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

Khalid Khan फिक्स मैच मे बिक चुकी टीम मैच हारती है भद नही पिटवाती अपनी, ए अलग बात है स्श्रेष्ठता का भूत जिन पर सवर होता है (अहंकारी) वो लोग हार को पचा नही पाते.

sadguruji के द्वारा
June 22, 2017

आदरणीय खालिद ख़ान जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! दुनिया की सभी टीमें ‘टीम इंडिया’ को श्रेष्ठ टीम मानती हैं, फिर अहंकार किस बात का ? जो लोग अपने मुल्क की जगह पाकिस्तान को अपना भाई मान कर नाच गा रहे हैं, एतराज उन्ही लोंगो से है ! रही बात आमिर सोहेल के मैच फ़िक्सिंग वाले आरोप की तो यह निष्पक्ष जांच के बाद ही पता चल सकता है कि उनकी बातों मे कितनी सच्चाई है ! प्रतिक्रिया देने के लिये धन्यवाद !

Shobha के द्वारा
June 22, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी सही प्रश्न उठाता लेख परन्तु विशवास नहीं होता मेने तो जब बौलर को रन लुटाते देखा आगे का खेल ही नहीं देखा इतना समझ में आता है हमारे क्रिकेटर अब थक गये हैं कोइ एक्का दुक्का ही खेलेगा पाकिस्तानित टीम अस्तित्व के लिए लड़ रही थी उनके यहाँ हारने के बाद बुरा हाल होता है. हमारे यहाँ ऐसे ही माला पडती रहती है.

sadguruji के द्वारा
June 23, 2017

आदरणीया शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन ! भारतीय बॉलर उस दिन ऐसे बॉलिंग कर रहे थे, मानों वो बॉलिंग करना सीख रहे हों ! बैटिंग भी बहुत निंदनीय रही ! एक बॉलर होकर हार्दिक पंड्या ने 76 रन बनाए. उसे जडेजा ने रन आउट करा दिया, नहीं तो भारत की स्थिति सम्मानजनक होती ! क्रिकेट का खेल सट्टेबाजी और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है, इसमें कोई संदेह नहीं ! इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ! सादर आभार !


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