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सेना के खिलाफ बोलने वालों को 3 साल के लिए सेना के हवाले कर दिया जाए-राजनीति

Posted On: 29 Jun, 2017 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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हमने सदियों में ये आज़ादी की नेमत पाई है
सैकड़ों क़ुरबानियाँ देकर ये दौलत पाई है
मुस्कराकर खाई हैं सीनों पे अपने गोलियाँ
कितने वीरानों से गुज़रे हैं तो जन्नत पाई है

उर्दू के महान शायर, गीतकार और साहित्यकार शकील बदायुनी साहब के ये बोल यथार्थ से भरे हुए और अनमोल हैं. देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने सीने पर गोलियां खाईं, अपने सर कटाये और अपने घर-परिवार से दूर रह कर अपनी जिंदगी का बहुत लंबा समय जेलों में यातना झेलते हुए बिता दिए. हमें आजादी की जन्नत दिलाने के लिए जो लोग निस्वार्थ भाव से अपनी जिंदगियां कुर्बान किये, उन्हें कोटि-कोटि नमन और कोटि-कोटि नमन उन्हें भी, जो सेना, सुरक्षा-बल और पुलिस के रूप में हमारी आजादी रूपी जन्नत की दिन-रात चौकसी कर रहे हैं और दुश्मन मुल्क की सेना, आतंकवादियों, नक्सलियों व दंगाइयों आदि बाहरी व भीतरी शत्रुओं से हमारे देश की संप्रभुता और आजादी की रक्षा कर रहे हैं. देश के आंतरिक शत्रुओं की बात करें तो नक्सलियों, दंगाइयों, दबंगों, गुंडे-बदमाशों और अराजक व असामाजिक तत्वों से भी ज्यादा खतरनाक हमारे देश के कुछ नेता हो गए हैं.

मंत्री, सांसद तथा विधायक आदि बने रहने के लिए और अपनी साम्प्रदायिक राजनीति चमकाने के लिए कुछ नेता ऐसे जहरीले बोल बोल जाते हैं, जो कभी देश तो कभी देश की सेना के खिलाफ होते हैं. केंद्र की मोदी सरकार ऐसे देशद्रोही नेताओं के खिलाफ अभी तक कुछ भी नहीं कर पाई है, इसी वजह से उनके हौसले बुलंद हैं. बुधवार को उत्‍तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का एक विडियो सामने आया है, जिसमे वो कह रहे हैं कि “दहशतगर्द फौज के प्राइवेट पार्ट्स काटकर साथ ले गए. उन्हें हाथ से शिकायत नहीं थी. सिर से नहीं थी. पैर से नहीं थी. जिस्म के जिस हिस्से से उन्हें शिकायत थी, वे उसे काटकर ले गए. यह इतना बड़ा संदेश है, जिस पर पूरे हिंदुस्तान को शर्मिदा होना चाहिए और सोचना चाहिए कि हम दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगे?” विवादित बयान देने के लिए बदनाम आजम खान का यह बयान कितना निंदनीय है, यह कुछ नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर हुई आजम खान की जबरदस्त खिंचाई से जाहिर हो जाता है.

हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने आजम खान को हकीकत का आईना दिखाते हुए बुधवार शाम ट्वीट कर कहा, ‘आजम खान इतना जरूर याद रखना कि हिन्दुस्तान में तू जिंदा इसलिए है क्योंकि सीमाओं पर वही सेना पहरा दे रही है जिसे तुम अपमानित कर रहे हो.’ अनिल विज ने तीखा प्रहार किया है. सोशल मीडिया पर ही एक यूजर ने बेहद गंभीर और सोचने लायक ट्वीट किया है, ‘आज़म खान! किसी एक सैनिक की हरकत पर पूरी सेना को बलात्कारी नहीं कह सकते हो, क्योंकि इस हिसाब से तो हर मुस्लिम आतंकवादी हो जाएगा.’ यूजर का ईशारा इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) और इस्लाम की सेवा करने के नाम पर बहुत सारे आतंकी ग्रुप बनाकर हिन्दुस्तान सहित दुनिया के अनेक देशों में फैलाये जा रहे आतंकवाद से था. एक न्यूज चैनल पर दिखाई जा रही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आजम खान के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उनके आफिस से सफाई दी गई कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की महिला फौज ने सुरक्षा बलों के गुप्तांग काटे थे.

ये भी हास्यास्पद और मूर्खतापूर्ण सफाई है, क्योंकि जेएमएम या झामुमो यानि झारखंड मुक्ति मोर्चा कोई नक्सली नहीं, बल्कि देश की एक क्षेत्रीय राजनैतिक पार्टी है, जो झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ मिलकर साझा सरकार भी बना चुकी है. वैसे भी झारखंड में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमलों में शहीद 6 सुरक्षाकर्मियों के गुप्तांग काटे जाने की खबरें कुछ समय पहले सामने आई थीं, जिसका कारण नक्सलियों की नफरत थी, न कि रेप जैसी कोई बात. सेना के खिलाफ उलजुलूल बोलने वालों के खिलाफ फिलहाल कोई कठोर कानून नहीं है, इसलिए वो सख्त सजा से बच जा रहे हैं. मोदी सरकार संसद के जरिये एक नया कानून यह बनवाये कि सेना के खिलाफ बोलने वालों को तीन साल के लिए सेना के हवाले कर दिया जाए. जब ये लोग पिटठू लगा के रोज मैदान में दौड़ेंगे और सीमा पर जाकर देश के दुश्मनों से लड़ेंगे तो सही हो जाएंगे. देश के गद्दार नेताओं से निपटने के लिए शकील बदायुनी साहब ने भी इन बोलों में एक बेहतरीन उपाय सुझाया है.

वक़्त की आज़ादी के हम साथ चलते जाएंगे
हर क़दम पर ज़िंदगी का रुख़ बदलते जाएंगे
गर वतन में भी मिलेगा कोई गद्दार\-ए\-वतन
अपनी ताक़त से हम उसका सर कुचलते जाएंगे



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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
July 1, 2017

आदरणीय डॉक्टर कुमारेन्द्र सिंह सेंगर जी ! सादर अभिनन्दन ! ‘ब्लॉग बुलेटिन’ की साहित्यिक सेवा और उपयोगिता की जितनी भी तारीफ़ की जाए वो कम है ! इस ब्लॉग का संज्ञान लेने और उसे ’सांख्यिकी दिवस और पीसी महालनोबिस – ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल करने के लिए हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

Rajeev Gupta आदरणीय राजेन्द्र ऋषि जी, बेहतरीन सुझाव के साथ ब्लॉग पेश करने के लिये आपका हार्दिक आभार एवं अभिनन्दन. आपने बिल्कुल सही सुझाव दिया है कि सेना के खिलाफ बोलने वाले सभी देशद्रोहियों को सेना के हवाले कर देना चाहिये ताकि सेना अपने तरीके से इन गद्दारों से निपट सके. जब तक ऐसा नही होता, देशद्रोही सेना को इसी तरह गरियाते रहेंगे. सेना के जवान जब इन गद्दारों का सिर् अपने पैरों के तले कुचल कुचल कर इनकी खबर लेंगे, तब कहीं जाकर देश से गद्दारों का सफाया होगा.

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

आदरणीय राजीव गुप्ता जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट की सराहना के लिये धन्यवाद ! सेना की आलोचना करने वालों को सेना के हवाले कर उन्हे कठिन सैनिक जीवन का थोड़ा एहसास कराया जाना जरूरी है ! लोकतांत्रिक देश भारत मे स्वतन्त्र जीवन जीने और बोलने की आजादी पाकर कुछ लोग, खासकर कुछ नेता समय समय पर अक्सर बौरा जाते हैं ! उनका सही ईलाज यही है ! पोस्ट से सहमति जाते और सटीक प्रतिक्रिया देने के लिये हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

AMIT परम ग्यानी बाबा सदगुरु जी महाराज, दंडवत प्रणाम, महाराज अनाव्यक्षक रूप चिंतित ना हो, आज़म खान की वक़्फ़ बोर्ड हाथ से निकल जाने की पीड़ा सर चड कर बोल रही है….. बंटी बबली सरकार देश इनका मूह बंद करने के जुगाड़ मे इनके पीछे सी बी आई लगा चुकी होगी…थोड़े दिनो मे इस्तीथि सॉफ हो जायेगी… वेसे अगर देश की सेना का इस्तमाल राजनीति साधने के लिये किया जायेगा तब यह इस्तीथि तो उतपन होनी ही थी…. आप अगर सेनिको के मूह सत्ता का खून लगाएंगे(वी के सिंह) तब खुद भी नही बच पायेंगे…. कोई बड़ी बात नही है की देश मे आने वाले वक्त मे सेनिक शासन के दर्शन होने लगे….

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

आदरणीय अमित जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आपकी बात से सहमत हूँ कि आजम ख़ान वक़्फ़ बोर्ड हाथ से निकलने और उनके कार्यकाल मे हुई गड़बड़ी की जांच पड़ताल होने से परेशान होकर उलजुलूल बोल रहे हैं ! रिटायर्ड सैनिक राजनीति में आते हैं या मंत्री बनते हैं तो वो कोई बुरी बात नहीं है ! रही बात सैनिक शासन की तो यह कोरी कल्पना भर है, भारत में यह संभव नहीं है ! सार्थक और विचारणीय प्रतिक्रिया देने के लिये धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

Sk “सेना के खिलाफ बोलने वालों को तीन साल के लिए सेना के हवाले कर दिया जाए” — बढिया, या जिस दिन बोले उस रोज की शाम को ही सेक्यूरिटी हटा लेनी चाहिये |

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

आदरणीय एसके जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! ब्लॉग से सहमति जताने के लिये धन्यवाद ! आपका सुझाव भी सही है कि जो नेता सेना के खिलाफ बोले तो तुरन्त उसकी सेक्युरिटी हटा लेनी चाहिये ! सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

Indresh Uniyal आदरणीय सदगुरु जी आज़म ख़ान तो पहले से ही इस प्रकार के बोल बोलते रहते हैं, कारगिल युद्ध मुसलमान सिपाहियों ने जीता कहकर इसने सेना मे भी धर्म ढूंढ लिया. इससे पहले देश के मुसलमानो के लिये एक और बन्टवारे की बात कई वर्ष पहले कह चुके हैं. इससे पहले जो आरोप सेना पर आज़म ख़ान ने लगाये वह वामपंथी नेता और विशेषकर कविता कृष्णन एन डी टी वी पर हमेशा लगाती रही है. मेरी समझ में आज तक यह नही आया की इन पर देशद्रोह की कार्यवाही क्यों नही हो सकती. कुछ नेता कुछ भी बोल कर सॉफ बच निकलते हैं. केस भी दर्ज नही होता. ऐसे मामले मे तो सरकार और प्रशासन को खुद सन्ज्ञान ले कर मुकदमा दायर कर देना चाहिये. अदालत भी अनेक मामलों पर स्वत: सन्ज्ञान लेती है पर नेताओं के बयानों पर अदालत भी चुप रहती है.

sadguruji के द्वारा
July 3, 2017

आदरणीय इंद्रेश उनियाल जी ! सादर अभिनन्दन ! आप सही कह रहे हैं कि आजम ख़ान अपने राजनीतिक फायदे के लिये विवादित बयानबाजी करते रहते हैं ! सरकार को तुरन्त ऐसे बयानों पर तुरन्त संग्यान लेकर मुकदमा दर्ज कराना चाहिये ! माननीय कोर्ट को भी ऐसे विवादित बयानों पर स् वत: संग्यां लेना चाहिये ! सार्थक और विचारणीय प्रतिक्रिया देने के लिये धन्यवाद !

Shobha के द्वारा
July 5, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी आज कल सेना पर टिप्पणी करने वालों का व्यवहार देख कर दुःख होता है यह किस प्लेनेट के जिव है भारत भूमि के बाशिंदों की सोच पर दुःख होता है बहुत अच्छा लेख

sadguruji के द्वारा
July 5, 2017

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन ! सेना पर निकृष्ट बयानबाजी से हर भारतीय को कष्ट होता है ! ज्यादा अच्छा तो यही है कि एसी में बैठकर सेना पर झूठे और स्तरहीन आरोप लगाने वाले नेताओं को कुछ समय के लिए सेना के हवाले कर दिया जाए ! जब वो अपनी पीठ पर पिट्ठू लगा के पीटी-परेड करेंगे और सीमा पर जाकर दुश्मनों से लड़ेंगे तो अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा के लिए जी रहे बेहद संघर्षशील सैनिक जीवन से वे परिचित हो जाएंगे और फिर देश और सेना की इज्जत करते हुए एक सभ्य नागरिक बनकर इस देश में रहेंगे ! ब्लॉग पर समय देने के लिए सादर आभार !

harirawat के द्वारा
July 8, 2017

सद्गुरुजी नमस्कार ! आजमखान एसपी पार्टी का बिगड़ा हुआ नासूर ग्रसित पागल है, जिसे यह भी पता नहीं है की भाषा क्या होती है ! यह एक प्रकार से पार्टी ने मुस्लिम समाज को खुश रखने के लिए एक हलकारा बना के रखा है !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीय हरेंद्र रावत जी ! सादर अभिनन्दन ! आपकी इस बात से सहमत हूँ कि मुस्लिम समाज को खुश करने के लिए आजम खान सेना और मोदी जी के खिलाफ बयान देते रहते हैं ! वोट बैंक के लालच में समाजवादी पार्टी भी चुप रहती है ! देश, प्रधानमंत्री और सेना के खिलाफ बोलने वालों की सही जगह जेलखाना है ! सादर आभार !


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