सद्गुरुजी

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बलात्कार: हवस मिटाने का ही नहीं, बल्कि मनोरंजन का भी साधन बन गया है-सोशल इशू

Posted On: 6 Jul, 2017 Social Issues में

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आज के ब्लॉग में पिछले दो माह के दौरान काशी में हुई दुष्कर्म की तीन घटनाओं की चर्चा करूंगा, जिससे आप इस बात का सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि मासूम बच्चियों, नाबालिग व बालिग़ युवतियों तथा वृद्ध महिलाओं के साथ कितने दुस्साहसिक ढंग से बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं और सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बलात्कार अब हमारे देश में हवस मिटाने का ही नहीं, बल्कि मनोरंजन का भी एक साधन बनता जा रहा है. बलात्कारियों को इस बात की कोई परवाह नहीं कि कोई मासूम, नाबालिग, बालिग़ अथवा वृद्ध महिला बेहोश और लहूलुहान है या फिर उनकी वहशी हैवानियत से वो दर्द के मारे चीखते-चिल्लाते हुए दम तोड़ चुकी है. परमात्मा के दिए हुए अनमोल जीवन की ऐसी बेकद्री और राक्षसी बर्ताव करते हुए उसका अति क्रूर तरीके से अंत कर देना ऐसा अक्षम्य अपराध है, जिसके लिए बलात्कारियों को चाहे फांसी की सजा दी जाए या फिर उन्हें गोली मारी जाए, वो कम ही है. बलात्कारियों को सार्वजनिक रूप से और शीघ्र से शीघ्र दंड देना चाहिए.

बलात्कार की जिन घटनाओं ने न सिर्फ काशी को शर्मसार किया है, बल्कि इस धार्मिक क्षेत्र में बलात्कार और गैंगरेप की बढ़ती हुई घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है. दिनोंदिन बढ़ते बलात्कार और गैंगरेप के मामले में आज पूरे देश की वही स्थिति है, जो काशी की है. पहली घटना 10 मई की है. काशी के चांदपुर इलाके में 10 मई की रात पांच दरिंदों द्वारा एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया. चांदपुर क्षेत्र स्थित बस्ती में अपनी मां के साथ घर के बाहर सो रही छह साल की बच्ची का मुंह दबाकर एक मजदूर उठा ले गया और बस्ती के पीछे खेत में ले जाकर उसने बालिका के साथ दुष्कर्म किया. घटनास्थल पर कई जोड़ी हवाई चप्पल के साथ एक मोबाइल फोन मिलने से परिजनों ने उनकी बच्ची के साथ गैंगरेप होने का दावा किया. बीएचयू के अस्पताल में बच्ची का अभी तक ईलाज चल रहा है. कुछ रोज पहले बच्ची के पिता ने पत्रकारों से कहा कि आरोपी कह रहे हैं कि बच्ची को तो मरा हुआ मानकर फेंके थे, लेकिन वो बची कैसे?

बलात्कार करने वालों की घृणित सोच देखिये कि वो एक तो बलात्कार जैसा क्रूर और दंडनीय अपराध कर रहे हैं, दूसरे उन्हें इस बात की जरा भी परवाह नहीं है कि मासूम पीड़िता असहनीय पीड़ा झेलते हुए बेहोश हो चुकी है या फिर मर चुकी है. ऐसी विकृत मानसिकता वाले अपराधी किसी भी तरह की दया के पात्र नहीं हैं, इन्हे तो सरेआम और सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घृणित सोच रखने वाले समाज के दूसरे लोंगो को भी सख्त सन्देश और सबक मिले. इस मामले में अभी तक केवल एक ही आरोपी गिरफ्तार हुआ है. सामूहिक बलात्कार का दूसरा मामला 29 जून का है, उस रोज देर रात के समय चौकाघाट फलाईओवर के नीचे सोलह वर्षीय किशोरी के साथ चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया. किशोरी अपने एक रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी. रास्ते में एक परिचित लड़के से उसकी मुलाक़ात हुई. वो उसे छोड़ने के बहाने इधर-उधर घुमाकर टाईमपास करता रहा और फिर देर रात होने पर चौकाघाट फलाईओवर के समीप ले गया.

वो फोन करके अपने तीन और दोस्तों को वहां पर बुला लिया. फिर उसने और उसके साथियों ने पुल के नीचे ले जाकर नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. उन हैवानों के चंगुल में फंसी किशोरी असहनीय दर्द और पीड़ा झेलते-झेलते जब बेहोश हो गई तब चारो बलात्कारी उसे वहीँ छोड़कर फरार हो गए. आप इस घटना पर गौर किये कि समाज किस स्तर तक गिर चुका है. बलात्कार एक मनोरंजन बन चुका है. अपराधी खुद तो अपराध कर ही रहा है, लेकिन उसे एक मनोरंजन के रूप में भी ले रहा है. वो अपने दोस्तों को भी उस घृणित अपराध को करने का न्योता दे रहा है. यह हमारे समाज और देश के लिए सोचने वाली एक बहुत गंभीर और चिंता की बात है. इस गैंगरेप में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है. बलात्कार की तीसरी घटना रोंगटे खड़ी करने वाली और देश का सिर शर्म से झुका देने वाली है. चाहे देशी हों या विदेशी, बुजुर्ग महिलाएं भी अब इस देश में सुरक्षित नहीं है. उनकी इज्जत आबरू भी अब खतरे में है.

काशी में शूलटंकेश्वर मंदिर के पास गंगा किनारे स्थित एक रिसार्ट में रह रही फ़्रांस की 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ रिसार्ट में स्थित चौकीदार ने बुधवार 28-29 जून की देर रात को कई बार दुष्कर्म और मारपीट किया. मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी देते हुए उनके 12 हजार रूपये, कैमरा और अन्य सामान लूटकर फरार हो गया. पुलिस ने पूरी तत्परता दिखाते हुए विदेशी महिला को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया और आरोपी चौकीदार को मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लिया. फ़्रांस की यह महिला पिछले कई साल से विकलांगों से जुडी एक संस्था में सेवा कर रही हैं और गंगा किनारे बने रिसार्ट में पिछले 11 माह से किराए पर रह रही थीं. अखबार में छपी खबर के अनुसार बुधवार रात को जब वो अपने कमरे के बाहर टहल रही थीं, उसी दौरान रिसार्ट का चौकीदार नशे की हालात में वहां पहुंचा. उसने उन पर अचानक हमला कर दिया. मुक्के से ताबड़तोड़ चेहरे पर कई वार करने के बाद उन्हें घसीटते हुए कमरे में ले गया और कई बार दुष्कर्म किया.

दरिंदगी की हद पार करते हुए चौकीदार ने विदेशी महिला को दुष्कर्म के दौरान कई बार जमकर पीटा. उसकी हैवानियत से वह बेहोश हो गईं. उसने उनकी गला दबाकर ह्त्या करने की कोशिश भी की. दुष्कर्म के बाद चौकीदार विदेशी महिला के रूपये, कैमरा और अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गया. पुलिस ने उसे मीरजापुर में स्थित उसके गाँव से गिरफ्तार किया. आप उसके द्वारा की गई हैवानियत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि फ़्रांसिसी वृद्ध महिला के शरीर पर बारह स्थानों पर चोट के निशान पाए गए हैं. समाज सेवा करने वाली विदेशी वृद्ध महिला के साथ हुई दुष्कर्म की इस घटना ने काशी ही नहीं पूरे देश को शर्मसार किया है. चिंता की बात यह है कि पुलिस के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है कि किन थाना क्षेत्रों में कितने विदेशी अपने परिचितों के घरों या फिर किराए के कमरों में रह रहे हैं. वहां भी ऐसी घटना घट सकती है. काशी में जो रिसार्ट चल रहे हैं, उनकी भी जांच-पड़ताल होनी चाहिए कि उनके पास विदेशियों को ठहराने का परमिट है भी या नहीं?



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16 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
July 11, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी मोदी जी अपील करते हैं हमारे देश में पर्यटन का व्यवसाय पनपे लेकिन हालात यह है जब तक बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा नहीं दी जायेगी तुरंत और उसका चैनलों के माध्यम से प्रचार भी होना चाहिए समस्या का समाधान नहीं होगा

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीया शोभा भारद्वाज जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! दुष्कर्म की सजा शीघ्र और सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए ! तभी देश में यौन अपराध थमेंगे ! प्रतिक्रया देने के लिए धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

Sunil K Mehrotra बिल्कुल सही कहा. हमारे देश में अपराध बड़ने और अपराधियों पर अंकुश ना लग पाने का यह भी एक बहुत बड़ा कारण है.

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीय सुनील मेहरोत्रा जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! पोस्ट से सहमति जताने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

Rakesh Kumar Joshi•1555•4 days ago •फॉलो करें ऋषीजी ..बहुत ही सही मुद्दा उठाया बहुत बहुत बधाई | चाणक्या ने जो बात वर्षो पहले कही थी वो आज भी सत्य है | जब दंड जागता है तो प्रजा सोती है | आज प्रजा जग रही है और दंड सो रहा है | कानून है पर लागू करने की इच्छा शक्ति नही है | उपर से ह्यूमन राइट्स कमिशन | लेकिन एक ज्वलंत समस्या को उठाने के लिये निसंदेह आप बधाई के पात्र है |

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीय जोशी जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! पोस्ट की सराहना के लिये धन्यवाद ! चाणक्य ने बिल्कुल सही कहा है कि जब दंड जागता है तो प्रजा सोती है ! आज प्रजा जग रही है और दंड सो रहा है ! सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

Leela Tewani प्रिय ब्लॉगर सद्गुरु भाई जी, आपने अपने ब्लॉग के माध्यम से आज बहुत ही ज्वलंत विषय को उठाया है. इस विषय पर सभी दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कठोर कानून जिसमें अपराध साबित होने पर सार्वजनिक रूप से मृत्यदंड का प्रावधान को करना चाहिए. अत्यंत समसामयिक, सटीक व सार्थक रचना के लिए आपका हार्दिक आभार.

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीया लीला तिवानी जी ! सादर अभिनन्दन ! पोस्ट को सार्थक और सटीक महसूस करने के लिये हार्दिक आभार ! आपने ठीक कहा है कि सभी दलों को दलगत राजनीति से उपर उठकर बलात्कारियों को सार्वजनिक रूप से मृत्युदंड दिये जाने पर विचार करना चाहिये ! प्रतिक्रिया देने के लिये हार्दिक आभार !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

Indresh Uniyal आदरणीय सदगुरु जी बलात्कार के खिलाफ कड़े कानून बन चुके हैं निर्भया काण्ड के बाद. अदालतें फांसी की सजा भी देने लगी है. पर फिर भी यह घिनौना कुकृत्य रुक नही रहा. मेरे विचार में इसका कारण यह है की अनेक दुराचारी यह समझते हैं की पीईदित शिकायत ले कर पुलिस के पास नही जायेगा. फिर पुलिस को भी सैट कर सकते हैं यह भी वह समझते हैं और गलत भी नही समझते. अनेक बार ऐसा होता भी है. विशेष कर गरीब महिला के साथ अगर दुराचार हुआ हो और दुराचारी पैसे वाला हो तो. जरूरत है की पुलिस संवेदन शील बने और सही विवेचना करके अपराधी को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाये. वकील भी केस को लम्बा खींचते हैं जिससे गवाह पर दबाब बनता है. लंबे समय के बाद जब गवाही होती है तो वकील गवाह को भरमाने में सफल हो जाते हैं और अपराधी को बचा ले जाते हैं जिसके बदले में उन्हे मोटी फीस मिलती है.

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीय इंद्रेश उनियाल जी ! सादर अभिनन्दन ! बलात्कारियों के खिलाफ कड़े कानून बने हैं, लेकिन वो लागू नही हो पा रहे हैं ! आपने सही कहा है कि केस लम्बा खींचने से कमजोर हो जाता है और उसका फायदा अपराधियों को मिलता है ! रुपये के बलबूते सजा से बच जाने वाली आपकी बात भी सही है ! ब्लॉग पर समय देने के लिये सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

Rajkumar kandu आदरणीय सदगुरु जी ! आपने अपने लेख के माध्यम से आज बहुत ही ज्वलंत विषय को उठाया है । इस विषय पर सभी दलों को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कठोर कानून जिसमें अपराध साबित होने पर सार्वजनिक रूप से मृत्यदंड का प्रावधान हो पारित किया जाना चाहिए । लोगों को तबतक इसके लिए सरकारों को जगाने का काम करते रहना चाहिए जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा लेती लेकिन हमारी मानसिकता है कोई जघन्य और नृशंश कांड होने के बाद कुछ दिन धरना प्रदर्शन होता है और फिर उसे भुला दिया जाता है अगली किसी ऐसी ही घटना के इंतजार में । बेहद सुंदर लेख के लिए धन्यवाद ।

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीय राजकुमार कान्दु जी ! सादर अभिनन्दन ! सार्थक और सटीक प्रतिक्रिया आपने दी है ! पोस्ट की सराहना के लिये और उसे सार्थकता प्रदान करने के लिये धन्यवाद ! आपने सही कहा है कि सभी राजनीतिक दलों को संसद मे मिलकर इस बात पर विचार करना चाहिये कि बलात्कारियों और हत्याओं को क्यों न सार्वजनिक रूप से मृत्युदंड दिया जाये ! आपने यह भी सही कहा है कि ब्लातकार व हत्या का कोई भी नृष्णस काण्ड होने पर जनता कुछ रोज तक धारणा प्रदर्शन करती है और फिर धीरे धीरे सब भूल जाती है ! आम जनता को भी जागरूक होना होगा ! प्रतिक्रिया देने के लिये सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

nakibul haque बालटकरी का एक ही एलाज, इस्लाम ने सिखाया मृत्यु डंड और वा भी पथर से मार मार कर अगर शादी शुदा और व्यस्क है |

sadguruji के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीय नकिबुल हक जी ! ब्लॉग पर स्वागत है ! आपने धार्मिक दृष्टि से उयाय बताया है, ये शरिया सोच और दंड है, जिसका भारतीय संविधान से कोई लेना देना नही है ! भारतीय संविधान सर्वोपरि है और हमे उसी के अनुसार हल ढूंढ़ना होगा ! सार्वजनिक रूप से फांसी देने के लिये भी संविधान मे संशोधन करना होगा ! ब्लॉग पर समय देने के लिये सादर आभार !!

sadguruji के द्वारा
July 12, 2017

अब सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बलात्कार अब हमारे देश में हवस मिटाने का ही नहीं, बल्कि मनोरंजन का भी एक साधन बनता जा रहा है. बलात्कारियों को इस बात की कोई परवाह नहीं कि कोई मासूम, नाबालिग, बालिग़ अथवा वृद्ध महिला बेहोश और लहूलुहान है या फिर उनकी वहशी हैवानियत से वो दर्द के मारे चीखते-चिल्लाते हुए दम तोड़ चुकी है. परमात्मा के दिए हुए अनमोल जीवन की ऐसी बेकद्री और राक्षसी बर्ताव करते हुए उसका अति क्रूर तरीके से अंत कर देना ऐसा अक्षम्य अपराध है, जिसके लिए बलात्कारियों को चाहे फांसी की सजा दी जाए या फिर उन्हें गोली मारी जाए, वो कम ही है. बलात्कारियों को सार्वजनिक रूप से और शीघ्र से शीघ्र दंड देना चाहिए.

sadguruji के द्वारा
July 12, 2017

समाज सेवा करने वाली विदेशी वृद्ध महिला के साथ हुई दुष्कर्म की इस घटना ने काशी ही नहीं पूरे देश को शर्मसार किया है. चिंता की बात यह है कि पुलिस के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है कि किन थाना क्षेत्रों में कितने विदेशी अपने परिचितों के घरों या फिर किराए के कमरों में रह रहे हैं. वहां भी ऐसी घटना घट सकती है. काशी में जो रिसार्ट चल रहे हैं, उनकी भी जांच-पड़ताल होनी चाहिए कि उनके पास विदेशियों को ठहराने का परमिट है भी या नहीं?


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